पत्रिका जशपुरनगर

जशपुरनगर . शहर के सबसे नजदीकी जंगल बेल पहाड़ को उजाड़ होने से बचाने के लिए तेतरटोली की माँहलाएं सक्रिय हो चुकी हैं । बीते 15 दिनों से महिलाएं जंगल बचाने के लिए अभियान चला रही है। महिलाओं की टोली हाथों में डंडा लेकर कभी भी जंगल पहुंच जाती है । जंगल काटते हुए पाए गए लोगों की कुल्हाड़ी जब्त करके उन्हें वन विभाग को सौंप देती है । बीते 15 दिनों से 18 लोगों को महिलाओं ने पकड़कर वन विभाग को सौंप चुकी है । वहीं अब ये महिलाएं जंगल की निगरानी करने के लिए दूरबीन की भी सहयाता ले रही हैं और दूरबीन के माध्यम से जंगल में नजर रख रही हैं ।

पर्यावरण मित्र मंडल के लोगों ने बेलपहाड़ सहित शहर के आसपास के जंगल को बचाने के लिए महिलाओं का दल तैयार किया है । पर्यावरण मित्र मंडल के लोगों ने तेतरटोली की महिलाओं की बैठक लेकर उन्हें पर्यावरण रक्षा के लिए जागरूक किया था , जिसके सकारात्मक परिणाम मिलने लगे हैं । महिलाओं का दल अब इस काम में भिड़ गया है । रोजाना महिलाएं डंडा लेकर जगल पहुंचती हैं और जगल में अवैध कटाई करने वालों को पकड़ती है । पर्यावरण मित्र मंडल के रामप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि शुरुआती दौर में काफी अधिक संख्या में जंगल काटने वाले मिल रहे थे , लेकिन जब से महिलाएं सक्रिय हुई हैं जंगल काटने वाले है । काफी कम हो गई हैं । यह अभियान यूं ही चलता रहा तो इस जंगल से कटाई पूरी तरह से बंद हो जाएगी । इतना ही नहीं महिलाओं के इस दल ने बरसात के दिनों में इस जंगल के खाली पड़ी जमीन पर बड़ , पीपल , जामुन व इमली के पौधे लगाने की प्लानिंग की हैं । इसके लिए जल्द ही गढ्ढा खोदने का काम शुरू किया जाएगा । महिला समिति की करूणा भगत , शकुंतला भगत ने बताया कि वे ना सिर्फ जंगल की खाली जमीन में पौधे लगाएगी बल्कि इस पौधों का संरक्षण भी करेगी ।

नजर बनाए रखने के लिए दूरबीन का उपयोग ।

महिलाओं की टोली पूरे इलाके में डंडा लेकर घूमती है और जो जंगल की तबाही में लिप्त पाया जाता है उसकी सजा भी यहीं महिलाएं तय करती हैं । जंगल की सुरक्षा के लिए उन्होंने दूरबीन का भी सहारा लिया है । काफी दूर तक फैले इस जंगल में बाहरी आदमी की दस्तक को देखने के लिए उन्होंने दूरवीन का सहारा लिया है । महिलाएं दूधीन के माध्यम से यह आसानी से देख पाती है कि कौन जंगल में आया है और क्या कर रहा है ।

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