Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

भोरमदेव-मैकल पर्वत क्षेत्र अपने पुरातत्विक अवशेष के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य, जंगल, गुफाओं, बैगा जनजाति के निवास और संस्कृति आदि के लिए भी जाना जाता है। यहां मैकल श्रेणी में कई अद्भुत गुफाएं और प्राकृतिक संरचनाएं हैं, जो धीरे-धीरे उजागर हो रही हैं।

विभिन्न प्रकार के भौगोलिक स्थितियों सरंचनाओं,परिस्थितियों,ऊंचाई-नीचाई, ताप-दाब के कारण कई प्रकार की भौतिक घटनाएं घटित होती हैं जो प्रथम दृष्टया भौतिक नियमो से विचलन जान पड़ती हैं, मगर वास्तविक रूप से वे नियमों से परे नही होती।जरूरत इस बात की रहती है कि अधिकारी विद्वान उन घटनाओं का अध्ययन कर उन कारणों को बताएं। दीवान पटपर में भी ढाल के विपरीत दिशा में एक खिंचाव बल कार्य करता है, जिसके कारण वाहन न्यूट्रल में रहने पर ढाल के विपरीत चलने लगते हैं। ऐसा क्षेत्र लगभग सौ मीटर के दायरे तक है। अवश्य ढाल तीव्र नही मगर पर्याप्त है, जिससे शक की कोई गुंजाइश नही रह जाती। इसका कारण क्षेत्र के भूगोल और भौतिकी के अधिकारी विद्वानों को पता लगाना चाहिए। वैसे पटपर पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई पर पठार नुमा स्थल है।आस-पास प्राकृतिक सौंदर्य की छटा है।अभ्रक के चट्टान काफी हैं। इतनी गर्मी में भी नदियों में पानी बीच-बीच मे दिखाई देता है,जहां लोग-बाग नहाते हुए देखे जा सकते हैं।रास्ते मे आम, बेल जैसे फलदार वृक्ष दिखाई देते हैं।

हमारी व्यक्तिगत जानकारी नही है मगर बताया जाता है ऐसे स्थल देश-प्रदेश के अन्य स्थलों पर भी है। स्थल कवर्धा से लगभग सत्तर किलोमीटर पर है जिसका मार्ग कवर्धा-पंडरिया-कुकदूर-पुटपूटा-भाखुर-पटपर इस तरह है।

अजय चन्द्रवंशी, कवर्धा(छ. ग.)

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.