जगदलपुर पत्रिका .

बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती को बचाने के लिए जमीनी स्तर पर हो रहे आंदोलन ने गति पकड़ ली है।
बुधवार को ओडिशा सीमा से लगे और इंद्रावती के किनारे बसे भेजापदर गांव से पदयात्रा का आगाज हुआ ।
इसमें सैकड़ों की तादात में जगदलपुरवासी शामिल हए । यात्रा का हिस्सा बनने लोग दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे यहां से एक बस में सभी भेजापदर पहुंचे जहां से उपनमाल तक पद्मश्री धर्मपाल सैनी के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई ।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर पारख और आदोलन समेत के मनीष मूलचंदानी ने बताया कि यात्रा हर दिन 5 से 8 किमी को होगी । इंद्रावती नदी के किनारे बसे गांवों से होते हुए यात्रा चित्रकोट तक जाएगी । अभी ये तय नहीं किया गया है कि यात्रा किस दिन चित्रकोट पहचेगी । माना जा रहा है कि 10 दिन में यात्रा पूरी हो जाएगी । यात्रा का मुख्य उद्देश्य नदी किनारे बसे लोगों को आंदोलन से जोड़ना और उन्हें नदी बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति जागरूक करना है ।

80 साल की उम्र पार कर चुके सैनी बढ़ा रहे हौसला

बुधवार को पहले दिन की यात्रा का नेतृत्व पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने किया । वे सबसे आगे रहे और अपने से छोटों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते दिखे । 80 की उम्र पार कर चुके सैनी बेहद तेजी से आगे बढ़ते रहे ।