भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों के लिए लंबे समय से संघर्षरत योगेश सोनी पर चाकू से जान लेवा हमला किया गया है। स्थाई श्रमिकों की जहां सारे लड़ाई ठंडे बस्ते में बंद है वहीं ठेका मजदूरों के पक्ष में उनके वाजिब हक के लिए आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है और ये हमला ठेकेदारों और प्रबंधक के मिलीभगत को दर्शाता है, दूसरी तरफ ठेकेदार और प्रबन्धन योगेश सोनी के ऊपर हमला करवा कर डराना चाहते है कि जो भी ठेका मजदूरों के हक के लिए आवाज उठाएगा उसे मार दिया जाएगा, यह हमला केवल श्रमिक नेता सोनी के ऊपर नही है बल्कि पूरे मजदूर यूनियन और मजदूरों के अधिकारों पर हमला है।

सोनी का कहना है कि उनके द्वारा ठेका श्रमिकों के संघर्षों को कुचले के लिए लगातार फोन में धमकी और घर पर आकर डराने की कोशिश संयंत्र के बड़े ठेकेदारों के द्वारा होता रहा है । उन्होंने हमले से पहले ही उनका पीछा कर रहे अंजान लोगों के संबंध में कहा है। साथ ही उनके घर के आसपास रेकी करते अंजान लोगों के बारे में भी बताया है। क्या यह काम सिर्फ और सिर्फ ठेकेदार कर रहे हैं, नहीं यह साफ है कि यह बीएसपी प्रबन्धन के इशारे पर ही किया जा सकता है। अगर निष्पक्ष जांच किया जाए तो ठेकेदारों के साथ मैनेजमेंट का सांठगांठ खुलकर सामने आ जाएगा।