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Women pose 56 questions to the Prime Minister
“Non-Political” Press Conference by Women (May 6, 2019)

मई 8, 2019

महिलाओं द्वारा आज एक प्रेस सम्मलेन आयोजित कर उन चुनौतियों को उजागर किया गया जिनका सामना “आम” जनता कर रही है, और उन सवालों को सूचीबद्ध किया गया जिनका जवाब देने के लिए वे प्रधान मंत्री को आमंत्रित कर रही हैं.

एक बॉलीवुड नायक के साथ प्रधान मंत्री का साक्षात्कार (जिसे “गैर-राजनितिक” वार्तालाप (“non-political” conversation) का मुखौटा पहनाया गया था), चुनाव के चक्र के दौरान और कुछ नहीं यह आत्म-प्रचार का महज़ एक अभ्यास था. लोगों द्वारा सामना कर रहे असली मुद्दों को महत्वहीन बनाने, और सरकार की नाकामी से जुड़े सवालों को पूरी तौर से नज़रंदाज़ करने का यह एक भोंडा प्रयास था, जिनमें बेरोज़गारी, भव्य भ्रष्टाचार, कठोर पूँजीवाद, बढती नफरत, मुद्रास्फीति और मानव अधिकारों के हनन शामिल हैं.

दिल्ली की तकरीबन 150 से भी ज़्यादा महिलाओं ने एक प्रेस बैठक में भाग लेकर भारत में महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर लक्षित हमलों को उजागर किया. देश में फासीवादी और नव-उदारवादी ताकतों के विकास, और उसके फलस्वरूप समाज में हिंसा में वृद्धि से महिलाओं के जीवन पर गहरा असर पड़ा है. भय और असुरक्षा के वातावरण को बढ़ावा दिया गया है, और साथ ही कानून के शासन में और समानता के प्रति मौलिक संवैधानिक समर्पण (the basic constitutional commitment to equality) में लगातार गिरावट आई है. विरोध के स्वरों को सुनियोजित तरीके से खामोश कर दिया गया है.

महिलाओं ने प्रधान मंत्री से निम्नलिखित छप्पन सवाल पूछे:

प्रधान मंत्री और भाजपा के लिए छप्पन सवाल:

1 पिछले पांच सालों में कितनी नौकरियां पैदा की गईं? बेरोज़गारी पर आधिकारिक डेटा/आंकड़ों को सरकार क्यों दबा रही है? कर्मचारी भविष्य निधि (ई.पी.ऍफ़.ओ.) डेटा/ आंकडे अर्थव्यवस्था की औपचारिकता का प्रतिनिधित्व करता है, न कि नौकरी पैदा करने के और मुद्रा योजना के तहत अधिकांश ऋण कोई भी रोज़गार पैदा करने के लिए बहुत कम हैं।

  1. नोटबंदी (demonetization) का घोषित उद्देश्य तो काले धन का पता लगाना था, आतंकी फंडिंग को रोकना, भ्रटाचार मिटाना और नकली नोटों की जांच-पड़ताल करना था. कहां हैं ऐसे सबूत, जो यह दर्शायें कि इन उदेश्यों की पूर्ती हुई?

3 सन २०१५ से किसानों की आत्महत्या के आंकड़े सरकार ने प्रकाशित करना क्यों बंद कर दिया? सरकार इस मुद्दे का समाधान करने में विफल क्यों रही?

4 भ्रष्टाचार-मुक्त भारत कहां है?

5 सन 2014 से आज तक भ्रष्टाचार और ग़लत कामों को उजागर करने वाले ४० से अधिक खोजिओं की (whistleblowers) – जो असली चाव्किदार थे –हत्या कर दी गयी. भाजपा सरकार ने “ध्यानाकर्षक संरक्षण विधेयक, 2011” (Whistleblowers Protection Bill 2011) जो 12 मई 2014 को पारित हुआ, का परिचालन क्यों नहीं किया ?

6 भाजपा ने वायदा किया था कि Citizens Right to Grievance Redressal Bill 2011 जो सन २०१४ में लैप्स हो गया, उसे पार्टी सत्ता में आने के बाद पारित कर देगी. भाजपा द्वारा इस बिल को पिछले पांच सालों में फिर से पेश क्यों नहीं किया गया?

7 अभूतपूर्व किसान आंदोलनों से सरकार क्यों नहीं जूझी, जिनमें भारत के कोने-कोने से लाखों की संख्या में किसानों ने मार्च/पद-यात्रा कर खेती-किसानी सम्बंधित संकट को उजागर किया.
8 खेती सम्बन्धी आमदनी में किस अनुपात में वृद्धि हुई है? भाजपा ने तो वायदा किया था कि सन २०२२ तक किसान की आमदनी दोगुनी हो जाएगी.

9 भाजपा ने विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने का और हर भारतीय के बैंक खाते में १५ लाख रुपये जमा करने का वादा किया था. पिछले पांच सालों में कितना काला धन वापस लाया गया?

  1. पुलवामा में भारी पैमाने पर खुफिया विफलता के लिए जवाबदेही क्यों नहीं निर्धारित की जा रही है, जिसके फलस्वरूप ४० से भी अधिक सी.आर.पी. ऍफ़. के जवानों को अपनी जान गवानी पड़ी? 11 . भाजपा की फंडिंग कौन कर रहा है? भाजपा ने चुनावी बांड का
    चलन क्यों चालू किया, जो राजनीतिक दलों को गुमनाम/गुप्त दान के लिए
    अनुमति देता है?

12 भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को चुनावी मैदान में क्यों उतारा, जिसने हेमंत करकरे की भी बैज्ज़ती की?

13 भीड़ द्वारा वध करने में सजायाफ्ता लोगों का भाजपा के वरिष्ट मंत्रियों ने माला पहना कर स्वागत क्यों किया ?

14 . भ्रष्टाचार-विरोधी मंच पर सवार होकर भाजपा सत्ता में आई. फिर क्यों भाजपा शासन काल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 को कमज़ोर बनाया गया, जब भ्रष्ट्राचार के प्रकरणों में किसी भी जांच के पहले सरकार की अनुमति की ज़रूरत का प्रावधान जोड़ा गया.

15 फ़रवरी २०१५ में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बैंक बकायेदारों की सूची प्रस्तुत की. इस सूची पर क्या कार्यवाई हुई? इस सूची को और उसपर की गई कार्यवाई को सार्वजानिक करने से सरकार क्यों कतरा रही है?

16 श्री मोदी अपनी शैक्षणिक योग्यता के इर्द-गर्द मंडराती शंकाओं का
समाधान क्यों नहीं करते हैं? जब कि प्रथा के अनुसार, के परिणाम सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित किया जाते हैं, तो फिर विश्वविद्यालयों के सन १९७८ बैच के परिणामों को क्यों छुपाया जा रहा है, जिस वर्ष स्नातक होने का दावा श्री मोदी करते हैं? इस मसले को अदालत में खींचने के बजाय, सन 1978-के रिकॉर्ड को दिल्ली विश्वविद्यालय क्यों नहीं सार्वजानिक करती है?

17 श्री मोदी ने तो यहां तक कहा था कि अगर नोट बंदी का फैसला गलत साबित हुआ, तो वह कोई भी सज़ा भुगतने को तैयार रहेंगे. इस फैसले पर और उसके प्रभाव पर सरकार की कोई भी रपट क्यों नहीं है? नोट बंदी का फैसला लेने से पहले किन-किन से सलाह-मशविरा किया गया? क्या स्थूल-आर्थिक अवरोधों के बारे में समझ पैदा की गई थी, और उनके लिए सचित्र तैय्यारी की गई थी? अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री ने अनुमान लगाया है कि नोट बंदी के चलते त्रेमासिक सकल घरेलु उत्पाद (जी.डी.पी.) में कम-से-कम दो प्रतिशत बिन्दुओं की गिरावट आई थी; जबकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रपटों ने दर्शाया है कि काले धन को नेस्त-नाबूत करने में इसका असर नगण्य रहा है (नोट बंदी के दौरान 99 % नोटों को जमा किया गया) .

18 एक लोकपाल की नियुक्ति में भाजपा सरकार को लगभग ५ साल का समय क्यों लगा? लोकपाल कानून तो सन २०१४ में ही पारित हो गया था. विपक्ष के नेता की गैर-मौजूदगी के मुद्दे को कानून में संशोधन कर सुधारा जा सकता था.

19 सूचना के अधिकार कानून को लगातार कमज़ोर करने में भाजपा सरकार क्यों लगी रही? पहले तो नियमों में परिवर्तन प्रस्तावित करने के ज़रिये, और बाद में सूचना के अधिकार कानून को संशोधित करने के प्रयास में, और अंत में एक सरकारी शिकायत समिति स्थापित करने के प्रयास में, जिसे सूचना आयोगों की स्वात्ता: को विकृत करने के इरादे से किया गया था.

20 भाजपा ने गैर-कानूनी तरीके से केन्द्रीय जांच ब्यूरो के महानिदेशक अलोक वर्मा को उनके पद से क्यों हटाया, और एक अंतरिम सी.बी.आई. मुखिया को नियुक्त किया, वह भी चयन समिति को दरकिनार कर?

21 अल्पसंख्यकों, ख़ास कर मुसलमानों के खिलाफ नफरत भड़काने वाले अपराधों के प्रति सरकार ने क्यों गहरी चुप्पी साध रखी है?

22 पिछले 5 सालों में प्रधान मंत्री ने क्यों एक भी प्रेस सम्मलेन संबोधित नहीं किया? एक ऐसा प्रेस सम्मलेन/साक्षात्कार जिसमें सवालों को पहले से ही नाप-तौल के न रखा गया हो?

23 प्रधान मंत्री क्यों नहीं राफेल घोटाले के आरोपों पर सफाई पेश करते हैं? अप्रैल 10, 2015-को जब प्रधान मंत्री ने 36 राफेल विमानों की खरीदी की घोषणा की थी, उसके पहले कौन सी औपचारिक प्रक्रिया अपनाई जाती थी? यह फैसला लेने के पहले किनसे सलाह-मशविरा किया गया? मूल सौदे में “मेक इन इंडिया” और “तकनीकि के हस्तांतरण” जैसे संघटक तत्वों को ख़त्म कर दिया गया? अनिल अम्बानी की कंपनी को, जो कुछ दिनों पहले ही स्थापित की गई थी, राफेल सौदे के लिए समायोजन ठेके क्यों दिए गए? फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने अधिकृति तौर पर कहा है कि मोदी सरकार ने अनिल अम्बानी की कंपनी को एक पार्टनर के रूप में लाने के लिए ज़ोर लगाया था.

24 . प्रधान मंत्री और सरकार, राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति से क्यों नहीं कराते हैं? अगर इसमें भ्रष्टाचार नहीं है, तो उन्हें किस बात का डर है?

25  रुपये की कीमत के पतन को रोकने में सरकार क्यों विफल रही है? 

26 माल्या , नीरव मोदी, मेहुल चोकसी भारत से कैसे फरार हो गए?

27  पिछले 5 सालों में, केंद्रीय सूचना आयोग में एक भी नियुक्ति नहीं की 

गई, जब तक कि इस मामले में नागरिकों ने अदालत का दरवाज़ा नहीं खटखटाया. आखिर सूचना के अधिकार के लिए प्रहरी संस्था में खाली जगहों को समय-सीमा के अन्दर रिक्त करने में सरकार क्यों हमेशा विफल रही ? अभी भी 4 पद खाली पड़े हैं.

28  पत्रकार-कार्यकर्ता गौरी लंकेश और तर्कवादी एम्.एम्. कलबुर्गी की 

हत्याओं पर भाजपा क्यों चुप्पी साधे रही?

29 भारत के उत्तरी-पूर्वी इलाकों और दक्षिण राज्यों में गोमांस के सेवन पर 

भाजपा अपना नज़रिया क्यों नहीं स्पष्ट करती है ?

30 . मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सबरीमाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट
का फैसला क्यों नहीं भाजपा स्वीकार करती है? क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने से रोकने के लिए हिंसा भड़काना, दंगा-जैसी परिस्थिति निर्मित करना, राष्ट्र-विरोधी नहीं है?

31 सन २०१४ से २०१९ के बीच प्रचार सम्बन्धी या “मीडिया-सम्बन्धी
गतिविधियों” में “बेटी-बचाओ-बेटी पढाओ” का ५० प्रतिशत से भी अधिक बजट क्यों इस्तमाल किया गया?

3 2. सरकार ने उज्ज्वल योजना का विस्तृत, अधिकारिक मूल्यांकन क्यों 

नहीं कराया? एल.पी.जी. कनेक्शन मिलने के बाद कितने घरों ने गैस सिलिंडर ३ माह, ६ माह और एक साल के लिए इस्तमाल किया? ज़मीनी स्तर पर सबूत के आधार पर निष्कर्ष निकलता है कि एल.पी.जी. की पहुंच से बाहर, उच्च कीमतों के चलते, बी.पी.एल. महिलाएं, जिन्हें कनेक्शन मिला है, लेकिन वे सम्मोहित गैस कनेक्शन को बरकरार नहीं रख पा रही हैं, और ऐसी परिस्थिति में वे बापस उस ईंधन का इस्तमाल करने को मजबूर हैं, जो पहले करती थीं.

33 स्वच्छ भारत योजना के तहत जो शौचालय निर्मित किये गए हैं, उनमें से
कितने शौचालय वास्तव में पानी की आपूर्ति के साथ एक कार्यात्मक स्थिति में हैं? इस योजना का कितना बजट प्रचार-प्रसार में खर्च हुआ?

34 भाजपा सरकार के शासनकाल में सन २०१४ और २०१८ के बीच
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में ३४ प्रतिशत की वृद्धि आई है. इस मुद्दे से निपटने के लिए सरकार ने कौन से कारगर कदम उठाये हैं?

35 . भाजपा ने वायदा किया था कि विधायिका में महिलाओं को ३३ प्रतिशत 

आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक अधिनियमित करेगी. यह बिल क्यों नहीं पारित किया गया? भाजपा सरकार ने कौन से ऐसे कदम उठाये जिससे इस विधेयक को प्राथमिकता के आधार पर उसे संसद में संचालित करती?

36 . सर्व शिक्षा अभियान का बजट हर साल क्यों कम किया गया? सन 

२०१८-१९ में शिक्षा पर व्यय पिछले १० सालों में सबसे कम रहा.

३७. महिलाओं की नौकरियों में गंभीर नुक्सान को संबोधित करने में सरकार 

क्यों विफल रही, जिससे महिलाओं का आर्थिक गैर-सशक्तिकरण और वहिष्कार बढ़ा है. सेंटर फॉर मोनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सी.एम्.आई.ई.) के अनुसार सन २०१८ में, एक श्रेणी के रूप में महिलाओं ने तकरीबन ८८ लाख नौकरियां खो दीं, जबकि उनकी तुलना में महज़ २२ लाख पुरुषों ने नौकरियां खोइं. शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिअलों ने ज़्यादा नौकरियां खोईं हैं.

३८. शिक्षकों की कमी, और शिक्षा की गुणवत्ता के कारण सरकारी स्कूलों में 

भर्ती लगातार कम हुई है. सरकार ने इन मुद्दों को संबोधित करने क्या कदम उठाये हैं? पूरे भारत में सरकारी स्कूलों में कितने स्कूल शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं? सरकार ने इन पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं की?

३९. देश भर में ७५ से भी अधिक भूख से मौतों की रपटों पर सरकार ने अभी
तक कोई कार्यवाई क्यों नहीं की? भूख से मौतों के प्रकरण में जांच के लिए अभी तक कोई टास्क फ़ोर्स/समिति का गठन क्यों नहीं किया गया, और इस मसले पर उचित नीति तैयार क्यों नहीं की गयी? स्पष्ट सबूत के बावजूद भी, सरकार इस बात से क्यों इनकार करती रही और इस तथ्य को दबाने का प्रयास करती रही कि इन मौतों का कारण भूख है, जबकि कुछ प्रकरणों में तो पोस्ट-मोर्तेम रपट में भी यह दर्शाया गया है?

४०. उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मुठभेड़ों में हत्याओं की संख्या में वृद्धि पर भाजपा सरकार का क्या स्टैंड है?

४१. भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास अधिनियम एवं खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, को संशोधित कर उसे निजी कंपनियों द्वारा आदिवासियों की और वन की भूमि को अधिग्रहण करने की अनुमति दी गयी, वह भी ग्राम सभाओं की स्वतंत्र और सूचित सहमति के बिना ?

४२. सुप्रीम कोर्ट में मुक़दमे के दौरान वन अधिकार कानून का बचाव करने मेंमोदी सरकार विफल क्यों रही? करोड़ों आदिवासियों को अपनी भूमि से विस्थापित होने से रोकने के लिए सरकार क्या करने का इरादा रखती है?

४३. अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों में गिरावट के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें इतनी 

अधिक क्यों हैं?

४४. स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा में सार्वजनिक 

प्रावधान को मजबूत करने के बजाय, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए, सरकार क्यों बीमा योजनाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे निजी कंपनियों को मुनाफा मिलता है? सरकार ने क्यों स्वास्थ्य देखभाल बजट में कटौती की? (सन २०१४-१५ में २०% कटौती; सन २०१५-१६ में इसमें ५.७ % कटौती और कर दी गयी; और यह कटौती सन २०१६-१७ में जारी रही.)

४५. मध्यान-भोजन योजना का बजट सन २०१४-१५ में रुपये १०,५२३
करोड़ से कम करके सन २०१८-१९ में रुपये ९,९४९ करोड़ कर दिया गया. क्यों ? सन २०१४ और सन २०१८-१९ के बीच मध्यान भोजन के खर्च में २१ % की कटौती की गई.

४६. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार मातृत्व लाभ कम-से-कम 

रुपये ६,००० होना चाहिए. फिर क्यों प्रधान मंत्री मात्रत्व वंदना योजना (पी.एम्.-एम्.,वाय.वाय.) में केवल ५,००० रुपये का प्रावधान रखा गया है?

४७. महत्वपूर्ण विधायी परिवर्तनों पर अध्यादेश लाकर संसद को क्यों
दरकिनार किया गया (जैसे कि आधार अधिनियम में संशोधन कर उसे निजी कंपनियों द्वारा इस्तमाल किये जाने की अनुमति प्रदान करना.)

४८. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत वेतन 

में देरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे के निराकरण में सरकार कौन से कदम उठा रही है?

४९. आधार पर पूरा रुख बदलना और यू टर्न क्यों ?

५०. गुजरात के मुख्य मंत्री के पद पर बने रहते समय, श्री मोदी ने कहा था 

कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रतेक व्यक्ति को ५ किलोग्राम की पात्रता पूरी तरह से अप्रयाप्त है, और यह लोगों को भुखमरी की ओर धकेल देगी. इसके बावजूद, भाजपा सरकार ने क्यों नहीं इस पात्रता को प्रति परिवार एक किलोग्राम भी बढाने का प्रयास किया ?

५१. नालियों को हाथ से मैला साफ़ करने वालों की मृत्यु के मुद्दे को संबोधित 

करने में सरकार विफल क्यों रही? हालांकि हाथ से मैला साफ़ करने की प्रथा पर पाबंदी लगी हुई है, फिर भी यह प्रथा चालू है, और लोगों को नाली साफ़ करने के लिए मजबूर किया जाता है, वह भी बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के.

५२. पिछले पांच सालों में प्रधान मंत्री के विदेशी दौरों का कुल खर्च कितना
है?
५३. आधार अधिनियम या चुनावी बांड्स का प्रावधानों में महत्वपूर्ण
विधायी परिवर्तन लाने के लिए सरकार ने मनी बिल (धन विधेयक) को ही क्यों चुना ? क्या राज्य सभा में इसके प्रावधानों पर बहस और छान-बीन से बचने के लिए ऐसा किया गया?
५४. मोदी सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार पर कुल कितना खर्च किया गया?

५५. हालांकि इसके प्रयाप्त सबूत हैं जो इस दावे को खोखला करते हैं और कि
यह अत्यधिक अतिरंजित और गलत है, कि आधार के ज़रिये बचत हुई है, फिर भी प्रधान मंत्री और सरकार क्यों इसे बार-बार दोहरा रहे हैं ?

५६. सरकार द्वारा लाये गए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण)
विधेयक, 2016 में संशोधनों पर भाजपा सरकार ने क्यों नहीं ट्रांस-अधिकार समूहों और संगठनों से सलाह-मशविरा किया? एल.जी.बी.टी.आई.क्यु. समुदाय की समस्याओं और चिंताओं को संबोधित करने सरकार ने क्या कदम उठाये हैं?

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अंजलि भारद्वाज, शबनम हाश्मी, पूर्णिमा गुप्ता, दीप्त भोग, अमृता जोहरी

(औरतें उठ्ठी नहीं तो ज़ुल्म बढ़ता जायेगा की तरफ से)

9810273984, 9811807558, 9810323633, 9891400302, 9910009819

Anjali Bhardwaj, Shabnam Hashmi, Purnima Gupta, Dipta Bhog, Amrita Johri
(On behalf of Women March For Change, औरतें उट्ठी नहीं तो ज़ुल्म बढ़ता जाएगा)
9810273984, 9811807558, 9810323633, 9891400302, 9910009819

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अनुवादक: राजेन्द्र सायल rajendrasail@gmail.com : 098268-04519

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