रेला कलेक्टिव द्वारा भिलाई में तैयार ,गीत के मूल लेखक कलादास डेहरिया जो रंगकर्मी के साथ ट्रेड यूनियन लीडर भी हैं। मोर माटी के मितान चल मजदूर और किसान .शोसन और अत्याचार ल मिटाये बर करो ,संघर्ष और निर्माण … कलादास जी द्वारा रचित यह गीत आंदोलनों और रैलियों में खूब गाया जाता हैं. अभी रेला कलेक्टिव भिलाई ने तैयार किया जिसमें कलादास की भी आवाज़ है .. तो सुनिये गीत