पत्थलगांव ःः श्रीलंका में हुए निर्मम बम ब्लास्ट में हताहत हुए लोगों की आत्मा को श्रद्धांजलि देने, घयलों एवं शोकित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट . रैली और श्रधांजली. सभा.

29.04.2019

श्रद्वाजंलि मोमबत्ती यात्रा व सद्भावना सम्मेलन आयोजित

पत्थलगांव: 22 अप्रैल को श्रीलंका में हुए निर्मम बम ब्लास्ट में हताहत हुए लोगों की आत्मा को श्रद्धांजलि देने, घयलों एवं शोकित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने और समाज में सदभवना का संदेश देने के लिए 28 अप्रैल को पत्थलगांव में मोमबत्ती यात्रा व जन सम्मेलन का आयोजन ईसाई समुदाय की अगुवाई में किया गया था। इस कार्यक्रम में पूरे विकास खण्ड के सम्वेदनशील लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का आरम्भ सन्त जेवियर्स चौक में हुआ। वहां प्रार्थना सभा हुई। मृत लोगों की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना चढ़ाई गई, घयलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआएं की गईं और शोकित परिवारों तथा रिस्तेदारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई । प्रार्थना की अगुवाई बिनय टोप्पो ने किया। याकूब कुजूर ने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी क्षेत्र वासियों व नगर वासियों को जाति धर्म से ऊपर उठकर इन श्रद्धांजलि मोमबत्ती यात्रा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

इसके बाद मोमबत्ती यात्रा प्रारम्भ हुई और ईन्दिरा चौक पहुँची। चौक में मोमबत्तियों को गाढ़ा गया। जन प्रतिनिधियों के द्वारा ईन्दिरा जी के प्रतिमा के समकक्ष मृत जनों के आदर में पुष्पांजलि दी गई और सद्भावना संदेश सिलास कुजूर, जीतेन्द्र गुप्ता, डा. जेम्स मिंज, डोरोथी एक्का, प्रभुनारायण खलखो, कांति, अनिल पन्ना, पटेल टोप्पो, मुक्ति बेक, देवभूषण टोप्पो, जीवधारा, आदि के द्वारा दिया गया।

विश्व शांति, मानवीय सम्मान, मानव अधिकारों की रक्षा, चर्चों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा और दोषियों को कड़ी सजा की मांग करते हुए अपने महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव को ज्ञापन सौंपा गया। इन मांगों और सद्भावना के नारों को बैनरों और प्लकार्डों में लिखकर भी लोगों को सन्देश दिया गया।

श्रीमती सरोज बड़ा ने सद्भावना सम्मेलन और श्रद्धांजलि मोमबत्ती यात्रा में सहभागी होने वालों, जन प्रतिनिधयों के सन्देश के लिये और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष सहयोग करने वालों को साधुवाद कहा।

कार्यक्रम का संयोजन याकूब कुजूर ने किया।

 

CG Basket

Leave a Reply

Next Post

आजादी के नारों के बीच निकली 140 पुरानी साहस और मानवाधिकार की प्रतिक डोला यात्रा ; जीएसएस कर रहा है पिछले बारह साल से आयोजन .नवलपुर से मुंगेली तक की यात्रा केबाद मुंगेली में सभा .

Mon Apr 29 , 2019
28.04.2019 / मुंगेली         1882 में नवलपुर [पंडरिया ] में बराबरी और  सम्मान के लिए महंत भुजबल ने अपने बेटे […]