शाकिर अली की दस कवितायें और …. “बचा रह जायेगा बस्तर ” से . 21 से 30 .

हम पिछले  दो दिन से जनवादी कवि शाकिर  अली की कवितायें पढ रहे है. बीस कविताओं के बाद दस और कविता . उनके कविता संग्रह बचा रह जायेगा बस्तर से.

अंतिम यात्रा 21

बासागुडा  में मोर्चे पर अकेला ,

डटा हुआ था .एक शिक्षा कर्मी

जिसे रोज , रक्षक कहते .

हमारा भरोसा मत करना

मत पुकारना मदद के लिए हमें !

घर के हालात से घबराकर

वह नौकरी पर आया था ,

घर कहाँ वापस जाता !!

टिफिन बम वाली बस में वह भी

अपनी अंतिम यात्रा कर रहा था  !!!

लम्बी लड़ाई  22

शिक्षक संघ ने शिक्षाकर्मियों  की

मोत पर शोक प्रगट करते हुए

लम्बी लड़ाई की बात कही थी ,

और

प्रशासन से सुरक्षा देने की मांग की थी !

पापा, ठीक ठाक तो हैं ? 23

कोंटा जाने वाली बस में बैठा था ,

ओट्टी दरोगा का बड़ा लड़का ,

जो गोलापल्ली में थानेदार हैं ,

बता रहा था ,बाजू वाले सहयात्री को

हर बार की तरह

महीने का खर्च लेने जा रहा हैं .

और देखने जा रहा हैं कि

पापा ठीक ठाक  तो हैं ?

पापा महीनो से घर नहीं आये हैं !

मरते दम तक 24

इलेक्शन कमीशन ने मतदान वाले दिन

के लिए ,गावं के कोटवार को

एक दिन का एस .पी .ओ .यानी

स्पेशल पुलिस ऑफिसर बना दिया था ,

अब तक पांच साल में

एक बार बनाते रहे हैं

कितना अन्याय हुआ था ,उनके साथ !

हुमायूं का कानून अभी  भी चल रहा हैं !!

सलवा जुडूम वाले गाँव वालों को अब हमेशा के लिए

ता-जिन्दगी ,बना दिया गया हैं

एस पी ओ …

वे रहेंगे ,मरते दम तक –

स्पेशल पुलिस ऑफिसर !!!

मुखबिर 25

 तेंदू पत्ता तोड़ने मत जाना

अब जंगल में

बाघ , भालू  नही ,

एक बारूदी गंध पीछा करेगी तुम्हारा !

उधर से नगा मरेंगे ,इधर से दगा !!

हम से दगा करने वालों

होशियार ,होशियार !!

गोपनीय 26

बहुत पहले  अख़बार में छपी थी खबर ,

ठीक बस्तर में युरेनियम मिला हैं ,

लोह, अयस्क , टिन

और कोरंडम के बाद !

तब से गोपनीय यात्रायें बढ़ गई है.!!

मारडूम 27

घने पेड़ो से घिरे ,रक्षा अनुसन्धान केंद्र

की बहुत ऊँची दीवारों के पीछे ,

कौन सा प्रक्षेपास्त्र  बन रहा है ,

’’ मिसायल मैन’’ ही जानें !

इस मोबाईल नम्बर पर फोन करें 28

अब अख़बार की हैड लाइन के साथ साथ

चैनल की चलती पट्टी को

ज्यादा ध्यान से पढ़कर निकलने लगे हैं ,

लोग ,अपने घरों से .

एनकाउंटर 29

डेढ़ सौ बचे  ,बैगा जनजाति

को बचाने के लिए ढेढ़ करोड़ स्वीकृत किये गए हैं,

और डेढ़ हज़ार करोड़

एनकाउंटर के लिए रख दिए गए हैं ?

 

चलती पट्टी देखकर दिया कबीरा रोय  30

 

“चार यात्री बसें और तीन ट्रक फूँक दिए गये”
दिन भर चलती चलती
चैनल की पट्टी

बता-बता कर

नहीं थकी !
       


प्रतिबंध 30

जंगल में चलते हैं, कतार बनकर,
एक के पीछे एक,
कुछ दूरी बनाकर, एक दूसरे दूसरे से,
ताकि सामने वाला बारूदी सुरंग से उड़े,
तो पीछे वाले हट जाएं, बच जाए ।

कितना कठिन है,
बारूदी सुरंग पर प्रतिबंध लगाना, 
(यू.एन.ओ. द्वारा बारूदी सुरंग का प्रयोग वर्जित है)

उतना ही सरल है, उसे तोड़ना !!

 

जन्म :बिलासपुर छत्तीसगढ़ में

शिक्षा :बी.एस.सी (गणित ) एम.ए (हिंदी साहित्य)

विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचना एवं अनुवाद प्रकाशित

पहल (जबलपुर) कृति और (जयपुर )संप्रेषण (जोधपुर) वागर्थ (कोलकाता )वर्तमान सहित साहित्य(अलीगढ़) शीराजा (जम्मू कश्मीर) साक्षात्कार (भोपाल)आकंठ( पिपरिया मध्य प्रदेश) लेखन सूत्र (जगदलपुर )देशबंधु (रायपुर) नवभारत (रायपुर )सारिका (मुंबई) छत्तीसगढ़ (रायपुर )पाठ (बिलासपुर) सर्वनाम (बागबाहरा) दिव्यलोक (भोपाल )साम्य (अंबिकापुर) इवनिंग टाइम (बिलासपुर )आदि।

दूसरी हिंदी काव्य संग्रह में रचनाएं संग्रहित

डॉ. कुवर पाल सिंह (अलीगढ़) द्वारा संपादित साहित्य और राजनीति पुस्तक में शामिल

आकाशवाणी बिलासपुर रायपुर से प्रसारित

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