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जायज़ा ,जोरा नाला में बने स्ट्रेक्चर का जायज़ा लेते हुये लोग . चित्र  पत्रिका .काम  

चित्रकोट की धारा थमने के बाद सिर्फ लोगों के गुस्से को शांत करने विभाग बैगर प्लानिंग छोड़ दिया पानी .

सोशल मीडिया पर आया सुझाव , पंप । लगाने पर पानी बर्बाद नहीं होगा .

22.04.2019
पत्रिका न्यूज नेटवर्क से आभार सहित .

जगदलपुर चित्रकोट की धारा धमने के बाद जन आंदोलन शुरू हुआ । लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए जल संसाधन विभाग के अफसरों ने बगैर किसी प्लानिंग चित्रकोट के लिए कोरटेडा वाधसे पानी छोड़ दिया । 70 किमी का रास्ता तर कर कोसारटेंडा का पानी चिकोट तक पहुंच रहा है ।

जानकारों की माने तो ये समस्या का हल नहीं है बल्कि संग्रहित पानी की बर्बादी है .वो भी ऐसे हालात में जब बस्तर की प्रणदायिनी इंद्रावती अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है । सिर्फ़ चित्रकोट की खूबसूरती बरकरार रखने के लिये गये इस निर्णय का बस्तर के ज्यादातर लोग विरोध कर रहे हैं ।

जोरा नाला तक निकाली बाइक रेली , मुहिम से जुड़ने की अपील .

मेरी इंन्दरा वती मेरा भविष्य मुहिम ‘ रविवार को बाइक रैली के रूप में आगे बढ़ी । मुहिम से जुड़े लोग सिरहासार चौक से बाइक रैली की शक्ल में जौरा नाला के कंट्रोल स्ट्रक्चर तक पहुंचे । यहां सबने देखा कि किस तरह इंद्रावती का पानी जोरा नाला में जा रहा है । इस मौके पर सबने कहा कि इस मसले का तत्काल छत्तीसगढ़ सरकार हल निकाले । केंद्र सरकार भी इसमें दखल दे । रैली के दौरान रास्तेपर लोगों से मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की गई .

चित्रकोट तक आ रहा पानी भी 10 दिन में बंद हो जाएगा .

जल संसाधन मामलों के जानकर कहते है , कि गर्मी के दिनों में ये सम्भव ही नहीं है कि जितना पानी चित्रकोट के लिए छोड़ जा रहा है
वह पूरी तरह प्रपात तक पहुंचे .

जानकारों की मानें 5 लाख लीटर पानी हर दिन छोड़ा जा रहा है लेकिन चित्रकोट यह महज दो से ढाई लाख लीटर पानी ही पहुच रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि गर्मी में वाष्पीकरण ज्यादा होता है जिस इलाके से पानी आ रहा है वह की नदी नाले पहले से सूखे थे।ऐसे में वे भी कोसारटेडा का पानी सोख रहा है ।

सोशल मीडिया पर आया सुझाव ,पम्प लगने पर पानी बर्बाद नही होगा.

चित्रकोट की खूबसूरती बरकरार रहे ये हर कोई चाहता है , लेकिन इसके लिए पानी की बर्बादी किए जाने का विरोध हो रहा है । इस बीच चित्रकोट का अस्तित्व गर्मी के दिनों में बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर कई सुझाव आ रहे हैं । इनमें एक सुझाव प्रपात के नीचे दो पांच हार्स पावर के पंप लगाने का है । इसमें बताया गया है कि किस तरह पहले से उपलब्ध पानी को पंप के जरिए बार – बार उपर ले जाकर प्रपात की खूबसूरती बरकरार रखी जा सकती है । यह कृत्रिम प्रपात बनाने जैसा ही है , लेकिन विभाग चाहे तो इस सुझाव पर कोसारटेडा का पानी बचा सकता है .

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