प्रज्ञा ठाकुर को टिकिट दिये जाने का पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी भारी विरोध .


20.04.2019 रायपुर 

अपना मोर्चा .काम से 

रायपुर. महाराष्ट्र के मालेगांव बम बलास्ट की एक आरोपी  प्रज्ञा को भोपाल से टिकट दिए जाने का देशभर में विरोध हो रहा है, छत्तीसगढ़ भी उससे अछूता नहीं है. शनिवार को प्रदेश के अमन पसन्द नागरिक भगत सिंह चौक पर साध्वी के उस बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि आईपीएस हेमंत करकरे को उनके कर्मों की वजह से सजा मिली है. करकरे को उनका श्राप लग गया.

संगठित मीडिया दबाव में

देश का संगठित मीडिया जिसे मुख्यधारा का मीडिया कहा जाता है वह अब भी भगवा दबाव में दिखाई देता हैं और यह खबर छापने से कतरा रहा है कि प्रज्ञा  टिकट दिए जाने के पीछे का असली खेल क्या है. अब तक संगठित मीडिया में इस बात को लेकर किसी तरह की कोई गंभीर रपट देखने को नहीं मिली कि साध्वी पर दांव खेलने की सबसे बड़ी वजह क्या है. मोटे तौर पर केवल यह बात ही प्रचारित की जा रही है कि प्रज्ञा  को जेल हुई थी… और उसे जेल में बहुत सताया गया है. मुख्यधारा की मीडिया का फोकस इस बात को लेकर नहीं है कि आतंकवाद का जड़ मूल से खात्मा कर देने का दावा कर देने वाली भाजपा को आतंकवाद के कंधों की जरूरत क्यों पड़ रही है.

मुखर है सोशल मीडिया

फेसबुक, टिव्हटर व अन्य माध्यमों में इस बात को लेकर तीखी बहस चल रही है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयं सेवक को किनारे कर भगवा आतंकवाद के सहारे चुनावी नैय्या पार लगना चाहते हैं. प्रज्ञा  ने बम ब्लास्ट के आरोप में कई साल जेल में बिताए हैं और इन दिनों वह सशर्त जमानत पर रिहा है. साध्वी के रोने-धोने और जेल की कथा-कहानी के जरिए मीडिया का एक बड़ा वर्ग सहानुभूति की पतंग उड़ाने की कवायद कर रहा है, लेकिन इसके उलट सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया बेहद तीखी है. आइए… कुछ पोस्ट का जिक्र यहां करते हैं- रोशनी सागर ने अपने फेसबुक पर लिखा है-मीडिया भाजपा के वोटों के लिए शहीदों का गीत गाती है, लेकिन अब प्रज्ञा ने जो बयान दिया है उस पर खामोश अख्तियार कर ली है. सफाई कामगारों पर किताब लिखने वाले संजीव खुदशाह की टिप्पणी है- प्रज्ञा ठाकुर के बयान से तो लगता है कि कसाब को इसी ने बुलाया था. यानी दोनों आतंकवादी आपस में  मिले हुए थे. शैलेंद्र गुप्ता ने लिखा है- मनोज तिवारी से लोग गाने की फरमाइश करते थे. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से बम फोड़कर दिखाने की फरमाइश करेंगे. नवीन जायसवाल साह ने लिखा है-भाजपा ने प्रज्ञा  को टिकट देकर साबित कर दिया है कि कल अगर जमानत मिले तो वह आशाराम और राम-रहीम को भी टिकट दे सकती है. राकेश परिहार लिखते हैं- प्रज्ञा कह रही है कि उसे करकरे ने फंसा दिया था. करकरे भ्रष्ट है. क्या एक भ्रष्ट अधिकारी देश के लिए अपनी जान दे सकता है. अब्दुल कलाम ने फेसबक में लिखा है- मित्रों जब पाकिस्तान में हाफिज सईद चुनाव लड़ सकता है तो भारत में प्रज्ञा ठाकुर क्यों नहीं लड़ सकती. मोदी ने पाक को उसी भाषा में जवाब दिया है. बिग्रेडियर प्रदीप यदु का कहना है- पुलवामा में 42 सैनिक मारे गए और इधर भाजपा ने एक आतंकी को टिकट दे दिया. यह है दिखावे का राष्ट्रवाद. धनजंय सिंह ठाकुर का कहना है- किरकिरी के बाद भाजपा प्रज्ञा ठाकुर के बयान से किनारा कर रही है. जब बयान से पल्ला झाड़ना था तो फिर टिकट ही क्यों दिया. रमन सिंह की सरकार में जेल भेजे गए बस्तर के एक पत्रकार प्रभात सिंह ने लिखा है- अपुन को भी टिकट चाहिए. अपुन आतंकवादी न सही जेल तो देखेला है बीडू. साहित्यकार बुद्धिलाल पाल ने लिखा है- प्रज्ञा के राजतिलक से पूरी दुनिया में यह संदेश तो चला ही गया है कि भारत में आतंकवादियों की बल्ले-बल्ले है. स्वतंत्र पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अनुज लिखते हैं- प्रज्ञा अगर साधु होना तुम्हारे जैसा होना है तो मैं तुम्हारी पूरी जमात से नफरत करता हूं. पीयूसीएल के पूर्व अध्यक्ष लाखन सिंह ने लिखा है- प्रज्ञा को टिकट देकर मालेगांव के निवासियों के जख्मों पर नमक छिड़क दिया गया है. सोनू शर्मा की टिप्पणी व्यंग्य से भरी हुई है. उन्होंने लिखा है- नमो टीवी की नई पेशकश… साध्वी बनी श्रापन. सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम सिंह चौहान ने अपने वॉल पर एक लंबी टिप्पणी लिखी है. वे लिखते हैं- अशोक चक्र से सम्मानित हेमंत करकरे का अपमान कर प्रज्ञा ने अक्षम्य अपराध किया है. यह अपराध अब माफी मांगने से भी माफ नहीं होगा.

नचिकेता ने एक पोस्टर शेयर किया है. इसमें लिखा है- भोपालवासियों… क्या आपका बहुमूल्य वोट मालेगांव बम बलास्ट के आरोपियों क समर्पित हो सकता है. सुदर्शन लिखते हैं- प्रज्ञा ठाकुर साध्वी है या बम बाइक वाली बाई. सोनू ने इंदौर के एक अखबार की कतरन शेयर की है.

अग्निबाण नाम के इस अखबार की खबर है- शिवराज सरकार ने प्रज्ञा को दो बार गिरफ्तार करवाया था. विनोद दुबे ने भी एक खबर का लिंक शेयर किया है जिसमें लिखा है-बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा पर है छह लोगों की हत्या का इल्जाम. अभी जमानत पर है.

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