बिहार बेगुसराय लोकसभा क्षेत्र एक अलग ही रोमांच व अनुभव का अहसास कराता है- बेगूसराय से गिरीश कुमार .

17.04.2019

बिहार बेगुसराय लोकसभा क्षेत्र एक अलग ही रोमांच व अनुभव का अहसास कराता है,आज कन्हैया कुमार का आकर्षण ही देश के कोने- कोने से बुद्धिजीवी, आंदोलनकारी,लेखक, पत्रकार, सिमपथाईजर, कलाकार आदि लोगो का लगातार उनके समीप उपस्थिती बनाये रखना एक अलग प्रकार की संभावनाओं को जन्म दे रहा है.

कन्हैया कुमार के प्रचार अभियान के दौरान विभिन्न गांवों के वरिष्ठजनों व वामपंथी बुजुर्ग साथियों से जो संपर्क का अनुभव रहा वह बेहद प्रसन्न करने वाला रहा.

गांव के ऐसे कई किसान व बुजुर्ग कामरेड जो सत्तर अस्सी वर्षों से लाल झण्डा कन्धे पर लिए कई संघर्षों के इतिहास के गवाह हैं, वे अपने आंदोलन के संघर्षों की कहानी साझा कर बेहद रोमांचित हो जाते हैं, मुझे कई बुजुर्ग साथियों ने अपनी मुट्ठी बंद कर उत्साह में कहते हैं कि “हमें कन्हैया कुमार ने फिर जवान कर दिया है।”

कन्हैया के जनसंपर्क काफिले में संपर्क में आये खोदावनपुर गांव के बुजुर्ग साथी अश्विनी जी ने भारत के परिपेक्ष्य में वामपंथी आंदोलनो को कमजोर करने वाले पूंजीवादी कारकों की बेहतरीन समीक्षा करते हैं,वे समाजवादी लोहियावादी आंदोलन को जातिवादी घेरे में समेटने को एक गलती बताते हैं, वे अपनी चर्चाओं में लेनिन के कई वाक्य कोड करते हुए अपनी बातों को आगे बढ़ाते रहतें हैं, वे कहते हैं” एक बेहतरीन सिद्धांत व विचारधारा को आगे ले जाने के साथ -साथ एक कुसल नेतृत्व की भी आवश्यकता होती है जो हमें कन्हैया कुमार के रूप में मिला है और हम इनकी सभी प्रकार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के सभी गांव प्रमुख से कन्हैया कुमार को उनके गांव तक ले जाने में सीपीआई पार्टी पर आज विशेष दबाव है।

बिहार की राजनीति को जातिवादी राजनीति से पृथक कर नहीं देखा जा सकता किन्तु बेगूसराय में मतदाता जातिवादी राजनीति से उपर उठकर कन्हैया कुमार के पक्ष में वोट करने की बात करते नजर आ रहे हैं परंतु इसके विपरीत जातिवादी राजनीति करनेवाले अपने अस्तित्व बनाए रखने के लिये कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं ।

अब यह देखना होगा दिलचस्प होगा कि कन्हैया कुमार के लिए ईवीएम के एक नम्बर या पहला बटन को दबा कर जातिवादी- धर्मवादी-पूंजीवादी-शोषणवादी-भूखमरी से आजादी वाली-आजादी के लिये विश्वास व्यक्त करते हैं या…
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल की…

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