औरतें उट्ठी नहीं तो ज़ुल्म बढ़ता जायेगा Women March for Changeभारत में महिलाओं के मार्च के लिए राष्ट्रीय आह्वान, बिलासपुर और भिलाई में हुआ प्रतिरोध मार्च.

बदलाव के लिए महिलाओं का वोट
डर और घृणा के ख़िलाफ़ महिलाओं की आवाज़.

आज पूरे देश के बीस राज्यों के 145 स्थानों पर महिलाओं ने घृणा और नफ़रत के खिलाफ़. सड़कों पर मार्च किया . छत्त्तीसगढ के भिलाई और बिलासपुर में बड़ी संख्या में महिलायें सडकों पर निकलीं .

भिलाई

आज छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा द्वारा ओउद्योगिक क्षेत्र के नियोगी चौक पर तख्ती लेकर विरोध जताया और ,देश भर के महिलाओं के 4 अप्रेल के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुये  , मुख्य रूप से महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव, यौनिक हिंसा,बलात्कार,सुधाभरद्वाज जैसे मानव अधिकार कार्यकर्ताओ को जेल में बंद करना,जबरदस्ती नक्शल होने का आरोप लगाना,पित्र सत्ता का हावी होना, सामाजिक बहिष्कार करना, डायन या टोनही के नाम पर प्रताड़ित करना, महिलाओं को केवल एक उपभोग का वस्तु समझना,ट्रांस जेंडर महिलाओं को अपमान करना,समाज का हिस्सा न मानना आदि ओर कई अन्य मुद्दों को लेकर देश भर में विरोध हुआ इसी कड़ी में महिला मुक्ति मोर्चा के पहलकदमी पर नियोगी चौक में ओरते उठ्ठी नही तो जुल्म बढ़ता जायेगा मामले को फोकस किया गया प्रगतिशील सीमेन्ट श्रमिक संघ,लोईमु,जन आधारित पावर प्लांट मजदूर यूनियन,छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति,इस कार्यक्रम में सामील हुए,वही आचार संहिता को ध्यान में रखकर सम्मान करते हुए महिलाओं ने लोकसभा चुनाव के बारे में विचार रखे कि ईश्वर,धर्म,जाति के नाम पर वोट के राजनीति करने वाल फासीवाद का विरोध करना है,सुधाभरद्वाज सहित मानवाधिकार कार्यकर्ताओ को रिहाई की मांग उठाया गया

महिला वक्ता के रूप में नीरा डेहरीया,कामेश्वरी,सावित्री,सुमती

बिलासपुर

घृणा और हिंसा से भरे मौजूदा वातावरण के ख़िलाफ़ और लोकतान्त्रिक व्यवस्था में एक नागरिक के तौर पर अपने संवैधानिक अधिकारों की माँग के लिए देश भर में महिलाएँ 4 अप्रैल 2019 को एकसाथ मार्च में भागीदारी करने के साथ बिलासपुर में भी प्रदशर्न. किया भारत में इस मार्च का उद्देश्य देश में महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को निशाना बनाए जाने के ख़िलाफ़ असंतोष की आवाज़ को एकजुट करना है . छत्तीसगढ़ में भी बिलासपुर में महिलाएं विभिन्न वर्ग, जाती, धर्म, समूह, और व्यवसाय के लिये.महिलाओं ने 4 अप्रैल को एकत्रित हो कर इस दिन आवाज़ बुलंद कर आज की दमनात्मक आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संसदी व्यवस्था पर हल्ला बोला. यह रैली मिनी माता चौक से रैली निकली जो मगरपारा चौक पर पहुची .

बिलासपुर के प्रतिरोध प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ महिला अधिकार मंच, आल इंडिया लॉयरर्स यूनियन, पीयूसीएल छत्तीसगढ़, इप्टा बिलासपुर,महिला किसान मजदूर मंच- महासमुंद, जान स्वास्थ्य अभियान, सेन्टर फ़ॉर सोशल जस्टिस, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन, महिला समूह, धुरू, अंतरास्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन, जीएसएस, ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क, जगदलपुर विधिक सहायता संघ, महिला मंच- बुनियाद सामाजिक संस्था, आम आदमी पार्टी, बिलासपुर आदि के द्वारा समर्थन दिया गया.

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