31.03.2019/ कोंडागांंव 

दिआ (DIAA) – “डायलॉग इंटेरेक्टिव आर्टिस्ट्स एसोसिएशन” कोपाबेड़ा (कोंडागांव, बस्तर – छ.ग.) द्वारा अपने स्थानीय केंद्र में “संवाद 4” के अंतर्गत दिनांक 29 और 30 मार्च 2019 को “समकालीन” शीर्षक लोक सांस्कृतिक सम्मलेन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण राजकुमार कोर्राम (लोक कलाकार) ने दिया। “मिरर थिएटर” (लेखक – निर्देशक : सुभाष चंद्र प्रधान, बेलपहाड़, झारसुगुड़ा, ओड़िशा) द्वारा हिंदी एवं ओड़िया में नाटक “कोयला”, प्रहसन/व्यंग्य “कैदी नंबर तेरह प्रसाद” (जबलपुर के प्रसिद्द रंगकर्मी एवं कसम के केंद्रीय कमेटी सदस्य समर सेनगुप्ता द्वारा प्रस्तुत एकाभिनय व जनगीतों, “एक गौसेवक से भेंट” (हरिशंकर परसाई द्वारा लिखित कहानी का पाठ “नवनिर्माण सांस्कृतिक मंच” मुंबई की अभिनेत्री एवं संस्कृतिकर्मी अदिति सिंह द्वारा, बंगाल के सुप्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी व कसम के केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम गिरी व कसम के महासचिव तुहिन द्वारा जनगीतों, कोंडागांव की कवियत्री मधु तिवारी एवं कोपाबेड़ा की महिलाओं द्वारा बस्तर का सुपरिचित “रेला” लोकनृत्य की प्रस्तुति की गई। दिनांक 30 मार्च को लोक संस्कृति व आदिवासी जनजीवन पर बाज़ार की ताक़तों का हमला व सांस्कृतिक प्रतिरोध विषय पर गौरी शंकर, अदिति सिंह, समर सेनगुप्ता, असीम गिरी, तुहिन, जमील खान (ब्यूरो चीफ, हरिभूमि, कोंडागांव), प्रवीण नाडकर (संस्कृतिकर्मी मुंबई), तिलक पाण्डेय (अधिवक्ता), शैलेष शुक्ला (पत्रकार, देशबंधु, कोंडागांव), कलाकारगण राजकुमार कोर्राम, गंगादेवी, शांतिबाई, भूपेंद्र बघेल (कोंडागांव, बस्तर – छ.ग.), नवजोत अल्ताफ (मुंबई), जनचेतना रायगढ़ के राजेश व सविता रथ, रायपुर की खुशबु और यशवंत कश्यप (बस्तर) द्वारा परिसंवाद में वक्तव्य रखा गया।

 

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