रायपुर. आज और कल रायपुर एक महत्वपूर्ण आयोजन का गवाह बनने जा रहा हैं जो शायद  दुनियां का पहला विवाह समारोह है जिसमे देश के  पंन्द्रह ट्रांसजेंडर सामूहिक विवाह करने जा रहे है .29 और तीस मार्च  को आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री से लेकर सभी विपक्ष के दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. 

इस अवसर पर डीएमए आँन लाइन के संजीव खुदशाह ने चर्चा की है विध्या राजपूत से जो प्रमुख आयोजक भी हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता नीना के माध्यम से शुक्रवार को एक बेहद स्पेशल कार्ड पहुंचा है. इस कार्ड में छत्तीसगढ़ की धरती पर 15 किन्नरों की शादी का उल्लेख है, जिसमें से छह जोड़े छत्तीसगढ़ के हैं. कार्ड में इस बात का दावा भी किया गया है कि यह विश्व का पहला किन्नरों का सामूहिक विवाह है. जो भी हो यह एक अच्छी पहल हैं. सामान्य तौर पर हम किन्नरों से दुआ तो चाहते हैं, लेकिन कभी यह नहीं सोचते कि उनका भी घर बस जाय. वे सुखी पारिवारिक जीवन जिए. उन्हें ट्रेनों में यात्रियों के आगे ताली बजाकर भीख न मांगनी पड़े. बहरहाल 15 किन्नरों की शादी पुजारी पार्क में बकायदा विधि-विधान के साथ होगी. सभी किन्नरों की बारात सिविल लाइन के अंबेडकर भवन से निकलेगी. बारात घड़ी चौक, जयस्तंभ कालीबाड़ी चौक से होते हुए टिकरापारा के पुजारी पार्क तक पहुंचेगी. शादी 30 मार्च को है, लेकिन इसके पहले 29 मार्च को मेंहदी और संगीत का कार्यक्रम भी चलेगा. इस शादी में खास तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूद रहेंगे. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, महापौर प्रमोद दुबे, बिलासपुर के विधायक शैलेष पाण्डेय और पूर्व विधायक अमित जोगी मौजूद रहेंगे. आयोजकों ने भाजपा से एक मात्र विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को विशिष्ट अतिथि बनाया है. शेष किसी का भी नाम कार्ड में नहीं छापा गया है. यहां तक पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के नाम का भी उल्लेख नहीं है. अब इसकी क्या वजह हो सकती है यह आयोजक ही बता सकते हैं, लेकिन यह किसी से छिपा नहीं है कि भाजपा के शासनकाल में संचालित सामूहिक कन्या विवाह योजना में काफी घपले-घोटाले उजागर हुए थे. अफसर दहेज का सामान खुद ही हड़प लेते थे. यहां तक रवि का काला पंखा भी नहीं छोड़ते थे. पैसे की भूख इतनी ज्यादा थीं हर जोड़ों को अफसरों को रिश्वत देने के लिए कई-कई बार शादी करनी पड़ती थी. जोड़ों को शादी में जो भी उपहार मिलता था उसे वे अफसरों को भेंट कर देते थे. बहरहाल 30 मार्च को जिनकी शादी हो रही है उनके नाम इस प्रकार है- प्रिया नागवानी के साथ विशाल नागवानी, सलौनी किन्नर के साथ दिलीप कौसले, रचना भारती- सतनाम सिंह, सोनाली देवी-अजय भाई रागी, राखी किन्नर-सूरज पांडे, अनुप्रिया सिंह- रजत सिंह, मोनिका- मिथिलेश कुमार, अंकिता- नवीन कुमार, जया सिंह परमार- जुनैद खान, पायल कुंवर-कैयूर चौहान, रीना पटेल- संजय राठवा, शिवानी- निरमाल्यो सिंह, सलौनी- गुलाब  नबी अंसारी, रमा बाघ-शम्मी खान, सौम्या जंघेल- वंशमणि प्रसाद द्विवेदी.

शादी की तैयारियों में जुटी नीना ने बताया कि इस शादी के लिए चित्रवाही फिल्मस मुंबई के सुरेश शर्मा विशेष रुप से सक्रिय है. सुरेश वही है जिन्होंने किन्ररों के जीवन पर हंसा एक संयोग नामक फिल्म का निर्माण किया है. इसके अलावा तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की सदस्य विद्या राजपूत एवं चित्रवाही फिल्मस की पब्लिसिटी हेड रवीना बरिहा भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रही है.

 

आप सादर आमंत्रित हैं🙏🙏

राष्ट्रीय किन्नर सामूहिक विवाह समारोह 2019

🌞 29-3-2019 🌞

❤ 10.00 बजे से – हल्दी की रस्म

❤3.00 बजे से – मेहंदी और संगीत की रस्म

🌞 30-3-2019 का शेड्यूल 🌞

बारात प्रस्थान दोपहर 1:00 बजे से
स्थान – अंबेडकर भवन
सिविल लाइन
रायपुर , छत्तीसगढ़

बरात का मार्ग – अंबेडकर भवन, घड़ी चौक, जयस्तंभ, कालीबाड़ी चौक से पुजारी पार्क टिकरापारा तक

🌸 मुख्य कार्यक्रम🌸

♥️ 3.00 से 4.00 – बारात स्वागत – बारात का स्वागत

❤ 4.00 बजे से – वरमाला, अंगूठी की रस्म, पूजा पाठ, सात फेरे

♥️ 8.00 बजे से आपके आगमन तक – रिसेप्शन ( प्रीतिभोज)

डीएमए  इंडिया आँन लाइन  से संजीव खुदशाह ने आयोजको में से एक महत्वपूर्ण कड़ी विद्या राजपूत से विवाह के संबंध में विस्तार से चर्चा की.आभार सहित प्रस्तुत बातचीत .

देश में पहली बार किन्नर विवाह करने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर में किन्नरों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है। 30 मार्च 2019 को होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर से वर वधू आ रहे हैं। और एक नया इतिहास रच रहे हैं। देखिए सदस्य, तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन विद्या राजपूत से हुई बातचीत।

चलिए… शादियां तो आपने बहुत सी देखी होगी… लेकिन इस शादी में वक्त निकालकर अवश्य आइए. कार्ड में एक जगह लिखा है- किन्नरों की दुआ कभी खाली नहीं जाती. दुआ देने नहीं तो कम से कम दुआ लेने के लिए ही सही…. पधारिए जरूर.

**