होली के 10 सबसे पुराने दुर्लभ फिल्मी गीत .

22.03.2019 ःः

 

 प्रोमथ्यियस प्रताप सिंह 

” *होली* ” नाम से पहली आधिकारिक फ़िल्म का निर्माण सन 1940 में हुआ था फ़िल्म का निर्माण रणजीत मूवीटोन, बम्बई ने किया था। फ़िल्म का निर्देशन ए. आर. कारदार ने किया था। फ़िल्म के गीतकार थे- दीना नाथ मधोक, संगीतकार- खेमचंद्र प्रकाश और कलाकार थे मोतीलाल, खुर्शीद, ईश्वरलाल, सितारा, केशवदास दाते, दीक्षित, घोरी, लाला याकूब, ताराबाई, मनोहर कपूर, मिर्ज़ा मुशर्रफ़, भगवानदास, भाटकर।

इस फ़िल्म में कुल तेरह गीत थे।

होली के फिल्मी गीतों की शुरआत मदन थियेटर्स, कलकत्ता द्वारा निर्मित सन 1932 में आयी फ़िल्म “गुलरू ज़रीना” से होती है। इसके निर्देशक जे.जे मादन, संगीतकार बृज लाल वर्मा, कलाकार थे मास्टर निसार, जहाँआरा, कज्जन, काबुली, सरोबजी केरावाला।

गीत के बोल इस प्रकार हैं-

1. “होरी खेल को टेसू मंगा दे”

दूसरा गीत नॉवेल्टी सिनेटोन, बम्बई द्वारा निर्मित सन 1935 की फ़िल्म “निर्दोष अबला” में आया। इस फ़िल्म का निर्देशन विजय घासवाला ने किया था। इस फ़िल्म के संगीतकार थे अमीर साहब। कलाकार थे काशीनाथ, मयूरी, इकबाल, गुलज़ार, अज़ीज़, एरुच शाह, अलादाद खान।

गीत के बोल हैं-

2. “होरी खेलूं नां मैं दैया री देती हूं राम दुहाई, उंगली पकर मोरी बैयां”

तीसरा गीत बॉम्बे टॉकीज़, बम्बई द्वारा निर्मित सन 1937 में आई फ़िल्म “जीवन प्रभात” में सुनाई पड़ता है। इस फ़िल्म के निर्देशक थे फ्रेंज ऑस्टन, गीतकार- सरस्वती देवी, गीतकार- जमुना स्वरूप कश्यप ‘नातवी’। इस फ़िल्म में छतीसगढ़ के कलाकार किशोर साहू समेत, देविका रानी, मुमताज अली, चन्द्रभा, मायादेवी, कामता प्रसाद, एम. नज़ीर, विमला देवी, रेणुका देवी, पृथ्वीराज कपूर थे।
सरस्वती देवी और साथियों द्वारा गाये गीत के बोल हैं-

3. “होरी आई रे कान्हा बृज के बसिया, अपने अपने घर सूं”

होली का चौथा गीत विनसेट पिक्चर्स, बम्बई द्वारा सन 1937 में बनाई गई एक सामाजिक फ़िल्म “सरोजनी” में आया फ़िल्म का निर्देशन किया था टी.जी लालवानी ने, संगीतकार-ए. जी विश्वास। कलाकार थे मुबारक, राजकुमारी, नूरजहाँ, मिस मोती, फैटी प्रसाद, क़ुरबानी अली, पाराशर, हमीदा बानू, मिर्ज़ा, भगत सिंह, ज़ोहरा बाई दिल्ली वाली(एच. एम. वी फ्रेम)
गीत के बोल हैं-

4. “होरी आज नई बृज में, राधा खेल संग कन्हाई, होरी आज नई”

पांचवा गीत सन 1938 में फ़िल्म “बाग़बान” में सुनाई पड़ता है जिसका निर्माण जनरल फिल्म्स, बम्बई ने किया था। जिसके निर्देशक थे ए. आर कारदार, संगीतकार- मुश्ताक़ हुसैन और कलाकार थे- विमला कुमारी, बी.नान्द्रेकर, सितारा देवी, यास्मीन, पुतलीबाई, जमनाबाई, अशरफ़ ख़ान, नज़ीर, लाला याक़ूब, के. एन. सिंह, आर. वास्ती, मिर्ज़ा मुशर्रफ़ राम अवतार।
इस गीत को गया था विमला कुमारी, सितारा और साथियों ने और गीत के बोल हैं-

5. “होरी खेलो, होली खेलो रे श्याम, होरी खेली श्याम”

छटवां गीत जयश्री फिल्म्स, बम्बई द्वारा सन 1938 निर्मित फ़िल्म “नन्द कुमार” में आया। इस फ़िल्म के निर्देशक थे केशवराव बी. धायबर, कथा लेखक- एम. जी. रांगणेकर, गीतकार- पण्डित ‘वीर’, संगीतकार- जी.पी. कपूर, कलाकार थे- दुर्गा खोटे, गोविंद राव टेम्बे, नानासाहब चाफेकर, अनन्त मराठे, गोविंद कुरवालीकर, जयश्री कामूलकर।
इस फ़िल्म में कुल 21 गीत थे और होली गीत के बोल हैं-

6. “होरी खेलो ना नन्दलाल, चुनरिया भीजेगी सारी”

सातवां गीत सन 1939 में आई फ़िल्म “बाग़ी” से था। फ़िल्म का निर्माण किया था विष्णु सिनेटोन, बम्बई ने। इसके निर्देशक थे धीरूबाई देसाई, संगीतकार-शान्ति कुमार, गीतकार- गौरी शंकर लाल ‘अख़्तर’, कलाकार थे- महताब, शमीम, अमीर कर्नाटकी, अनवरी, सरदार, अनिल कुमार, अशरफ़ ख़ान, शीराज, सैमसन, बुलबुले, कृपलानी, पी.आर. जोशी, हिम्मत लाल, विश्वनाथ।
गीत को गया था अमीर जान, अशरफ़ ख़ान ने ओर गीत के बोल हैं-

7. “होली खेलत तुमसे मैं हारी, मारो न भर पिचकारी”

आठवां गीत सुदामा प्रोडक्शन, बम्बई द्वारा निर्मित सन 1940 में आई एक सामाजिक फ़िल्म “चिंगारी” से था।
फ़िल्म के निर्देशक थे सर्वोत्तम बदामी, संगीतकार- ज्ञान दत्त, गीतकार- जमुना स्वरूप कश्यप, प्यारे लाल सन्तोषी और कलाकार थे- सविता देवी, पृथ्वीराज, ई. बिल्मोरिया, के. दाते, मीरा, ख़ातून, सुनलिनी देवी, ताराबाई, मास्टर पाण्डे, भगवानदास।
गीत को गाया था कश्यप ने और गीत के बोल हैं-

8. “होली कैसे खेलूंगी साँवरिया के संग रंग में”

नवाँ गीत सन 1940 में ही आयी एक फ़िल्म “मर्दे-पंजाब” में था। इस फ़िल्म का निर्माण किया था इंद्र मूवीटोन, कलकत्ता ने, निर्देशक थे- राजहंस, कलाकार थे- गुलज़मां, पुष्पारानी, नज़ीर बेगम, अलकाब, हैदर बांदी, सुंदर सिंह, अब्दुल्ला काबुली।
गीत के बोल हैं-

9. “होली के दिन आए श्याम, पनघट जाऊँ गगरी फोड़े, बीच डगर”

और दसवां गीत था सन 1940 की एक भक्ति प्रधान फ़िल्म “मतवाली मीरा” से जिसका निर्माण किया था भारत लक्ष्मी पिक्चर्स, कलकत्ता ने। फ़िल्म के निर्देशक थे- प्रफुल्ल रॉय, संगीतकार- मास्टर बृजलाल वर्मा, गीतकार- पण्डित भूषण और फ़िल्म के कलाकार थे- मुख़्तार बेग़म, मास्टर निसार, सुलतान बानू, स्वर्ण कुमार, हुस्न बानू, रणजीत कुमारी, कमला झरिया, फ़िदा हुसैन, फ़क़ीर मोहम्मद, आर.पी. कपूर, अब्दुल्ला काबुली, कौल, नवाजिश जाफ़री, अरुणा दास, शान्ति देवी, तुफ़ैल, ख़ुर्शीद।
गीत के बोल हैं-

10. “होली आई सखी रास रचाएं, हिलमिल गाएं मस्त बनाएं”

इन्हीं गीतों संग आप सभी को होली की बधाईयां.

 

 

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