रायगढ़ में 10-11 मार्च को आयोजित : बिलासपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एशोसिएशन के वैनर तले नवम अधिवेशन .

11.03.2019 /  रायगढ 

“देश में अभी भी कुछ लोग हैं जो लोगों की उम्मीद को बचाये रखे हैं | जिनमें आप सभी का नाम प्रमुखता से शामिल है | दरअसल दुनिया में सिर्फ कुछ लोगों के सुविधाओं के लिए नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर सबको बेसिक सुविधा मिले ये ट्रेड यूनियन को करना होगा | सत्ता की नजर तो सदैव किसी भी संगठन को तोड़ने पर अधिक रही है |” बिलासपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एशोसिएशन के वैनर तले रायगढ़ में आयोजित नवम अधिवेशन में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित व स्वागत समिति के अध्यक्ष डा प्रभात त्रिपाठी ने उक्त विचार रखते हुए अपने भाषण में आगे कहा कि आज की स्थिति बहुत विकट है |

आज राज्य और बाजार की महत्वपूर्ण शक्तियों द्वारा ट्रेड यूनियन आन्दोलन को जो क्षति पहुंचाई जा रही है वह अभूत पूर्व है | कर्मचारी और मजदूर विरोधी कानूनों को बढ़ावा दिया जा रहा है | इस अधिवेशन के माध्यम से मैं यही कहना चाहता हूँ कि अपने अधिकारों के लिए संगठित होने , संघर्ष करने और दुनिया को बेहतर बनाने के रास्तों पर आपकी यह पावन यात्रा निरंतर जारी रहे |

रायगढ़ के साईं श्रद्धा होटल के विशाल प्रांगण में आयोजित इस अधिवेशन की शुरुआत शहर में निकाली गई एक विशाल रैली से हुई , जिसमें विलासपुर मण्डल के अंतर्गत आने वाले भारतीय जीवन बीमा निगम के कई शाखा के कर्मचारी तो सम्मिलित थे ही साथ में अन्य कई संस्था के संगठन कर्मचारी व पदाधिकारियों ने भी बढ़ चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज करायी |

जिसमें बीएसएनएल , आंगनवाड़ी , प्रगतिशील लेखक संघ , इप्टा नाट्य संस्था , रेलवे लोको स्टाफ संघ आदि प्रमुख थे | दो दिवसीय इस अधिवेशन के एक दिन पूर्व ही स्टेशन से शहर की ओर जाने वाली सड़कों के किनारे लाल रंग के झंडे लहराते हुए दिखे | लाल रंग यों भी एक जोश भर देने वाला रंग है | इन लहराते झंडों में अंग्रेजी के स्माल लेटर्स में लिखा था बीडीआईईए अर्थात बिलासपुर डिवीजन इंश्योरेंस इम्प्लाइज एशोसिएशन | जिस एशोसिएशन के अधिवेशन की शुरुआत हुई जब पीत वस्त्र , पगड़ी धारण किये व अपने विभिन्न वाद्य यंत्रों द्वारा करमा नृत्य प्रस्तुत करते हुए टोली नटवर स्कूल से आगे बढ़ी और धीरे –धीरे तमाम कर्मचारी संघ के साथियों का एक विशाल कारवां बनता चला गया | जिसमें लोगों के हाथों में वैनर तो थे ही कुछ हाथों में स्लोगन लिखे तख्तियां भी थी | जिसमे लिखे एक-एक स्लोगन संगठन के उद्देश्य को परिभाषित कर रहे थे | आगे बढ़ता जुलुस न्याय और संघर्ष , अधिकार और कर्तब्य से जुड़े नारे को बुलंद आवाज में जन सामान्य तक प्रेषित कर रहे थे | एक अनुशासित ढंग से शहर के मध्य अपनी उपस्थिति व अधिवेशन की सूचना दर्ज करते हुए यह रैली साईं श्रद्धा होटल में आयोजन स्थल पर रुकी |

जहाँ बिलासपुर मण्डल की अध्यक्ष कामरेड संगीता झा ने संगठन के ध्वज को फहराया और सभी ने शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की |

आगे कार्यक्रम का संचालन करते हुए कामरेड प्रवीण तम्बोली ने विशिष्ट अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया | जिसमे डा प्रभात त्रिपाठी , एशोसिएशन के महासचिव धर्मराज महापात्र , अध्यक्ष संगीता झा , कामरेड बी एस बघेल , अतुल देशमुख , राजेश शर्मा , करीम उल्ला , मुमताज भारती , अनीता नायक , मो शमीम , आर.आर चौबे , देवेन्द्र पटेल , बासुदेव शर्मा आदि प्रमुख थे |

आज जहाँ साहित्य के पठनीयता का संकट है ऐसे में मंच पर उपस्थित अतिथियों को स्वागत में उच्चकोटि की पुस्तकें भेट की गईं | यह इस अधिवेशन का विशेष उल्लेखनीय क्षण था | कार्यक्रम के प्रारम्भ में कामरेड श्याम जायसवाल ने अपने टीम के साथ संगठन के गीत व एक प्रेरक गीत ‘इन्सान को इन्सान से हो भाई चारा यही पैगाम हमारा’ प्रस्तुत किया | जिससे नव स्फूर्ति से ओतप्रोत लोगों ने लाल सलाम व मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे | अपने स्वागत भाषण में डा प्रभात त्रिपाठी ने यह भी कहा कि वास्तव में इस तरह की संस्थाओं की प्रगतिशीलता विशेषकर बाहर से आये इन अतिथियों की समझ और संवेदन शीलता की भागीदारी ने ही इस एशोसिएशन को अपने प्रगतिशील पथ पर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया है |

इसी के साथ अध्यक्ष कामरेड संगीता झा ने अधिवेशन हेतु तैयार किये गये पर्चे को पढ़ा | जिसमें उन्होंने भा.जी बी नि के कार्यों की बात उठाई तो सरकार की कई विपरीत नीतियों को भी रेखांकित किया | उन्होंने कहाकि हम एक साथ कई -कई मंचों पर सक्रिय हैं | एक तरफ उद्योग को बचाने की लड़ाई है तो दूसरी ओर बीमा धारकों के हितों पर पड़ती मार से बचने का संघर्ष भी | इसी क्रम में एशोसिएशन के महासचिव धर्मराज महापात्र ने अपने विशेष आकर्षक शैली में तमाम आंकड़ों के साथ कई महत्वपूर्ण बाते कहीं | जिसमें यदि जन साधारण के लिए सत्ता की विपरीत नीतियों का पर्दाफास किया तो अपने उत्तरदायित्व को भी बताया | बीच-बीच में लोगों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने कहा आप कहा खड़े हो ? सोच लो | आज नव उदारीकरण के तहत हमें पीछे ढकेला जा रहा है | हमारे संगठन को तोड़ने की कोशिश की जा रही है | मौजूदा समय में साहित्य ,कला व संस्कृति पर हमला किया जा रहा है | और जो इन्हें बचाने की पहल करते हैं , उन्हें ‘आवार्ड वापसी गैंग’ आदि नामों से नई संज्ञा दी जा रही है | अपने उद्बोधन में उन्होंने कई तथ्यों के साथ सत्ता द्वारा उद्योगों के निजीकरण किये जाने की चाल को उजागर किया | तो वर्तमान में उपज रहे छद्म राष्ट्रवाद पर भी चर्चा की |

एक बार लोगों से प्रश्न करते हुए कामरेड महापात्रा ने कहा कि क्या आपको पता है आज इस देश में सवाल पूछना अपराध है | जो पूछेगा वह मारा जायेगा | उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश का उदहारण भी दिया | और स्थिति तो यह है कि आज यदि आपने सत्ता से कोई प्रश्न किया तो आप देशद्रोही कहलाए जायेंगे | भले ही आपका प्रश्न जनता के हित में हो |

मंचासीन अन्य वक्ताओं के विचार के पश्चात् इप्टा रायगढ़ इकाई की ओर से रंगकर्मी अजय आठले के निर्देशन में ‘अजब मदारी – गजब तमाशा’ का सफल मंचन हुआ | अधिवेशन के आयोजकों द्वारा रंग कर्मी अजय आठले को शाल श्रीफल व् प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया | आयोजन में ट्रेड यूनियन के साथी गणेश कछवाहा , श्याम जायसवाल , अग्स्तुस एक्का , सुनील मेघमाला , ममता कुशवाहा , प्रगति लेखक संघ के साहित्यकार रमेश शर्मा , श्याम नारायण श्रीवास्तव , हर्ष सिंह , के के एस ठाकुर ,आर के शर्मा आदि की उपस्थिति में एक सामूहिक भोज के साथ अधिवेशन का प्रथम दिवस लोगों मध्य अपनी अमिट छाप छोड़ गया |

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