श्रम कानून का पालन करने के बजाय मजदूरों को दिखा रहे बाहर का रास्ता -: माकपा

गेवरा /दीपका , 10.03.2019 

आद्योगिक नगरी कोरबा में श्रम कानूनों का खुला उलंघन हो रहा है ,खासकर असंगठित मजदूरों की अधिकारों का हनन किया जा रहा है जिसे रोकने के लिए श्रम विभाग अथवा प्रशासन भी पहल नहीं कर रही है ।

प्रेस को जारी अपने व्यक्तव्य में माकपा के जिला सचिव सपुरन कुलदीप ने कही है । उन्होंने अपने बयान में कहा है कि श्रम कानून के नियमो का पालन नहीं होने के कारण हजारो मजदूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है जिसे रोकने के लिए व्यापक कार्यवाही की जरूरत है । उन्होंने बताया कि एसईसीएल की दीपका प्रॉजेक्ट में दर्जनों ठेका कंपनी विभिन्न कार्यो के लिए नियोजित किये गए है 15 -20 सालों से उन कंपनियों के अंदर लगभग 1000 कामगार काम करते हैं । किन्तु ठेकेदारो की मनमानी और प्रबधन के अधिकारियों की मिलीभगत से आज तक उनका विटीसी नहीं कराया गया है ।

इन मजदूरों को भविष्य निधि , मेडिकल सुविधा , सुरक्षा उपकरण, वेतन पर्ची आदि जैसी मुलभुत सुविधा भी मुहैय्या नहीं की गयी है । जिसकी मांग को लेकर इन मजदूरों ने कई बार आवाज उठाई है किंतु बड़े चिंताजनक बात है कि उनकी मांगों पर विगत 15 फरवरी 2019 को त्रिपक्षीय वार्ता के बाद निर्देश को पालन करने के बजाय उसी महीना 40 मजदूरों को काम से हटा दिया गया इसी तरह अभी 04 मार्च को कटघोरा एस डी एम के निर्देश पर दीपका तहसीलदार की उपस्थिति में एसईसीएल प्रबधन ठेकेदार और श्रमिक के साथ वार्ता में लिए गए निर्णयों को लागू करने के बजाय पुनः 36 कामगारों को ठेका खत्म होने का बहाना लेकर काम पर लेने से मना कर दूसरे मजदूरों की भर्ती कर ली गयी ।

इस कार्यवाही से मुख्य नियोक्ता एसईसीएल और ठेकेदारो की सांठगांठ के खिलाफ मजदूरों के बीच गहरा आक्रोश व्याप्त होने लगा है । मजदूरों ने अपनी समस्या के निराकरण के लिए माकपा से मदद की गुहार लगायी है जिसके बाद माकपा नेता सपुरन कुलदीप ने कोयला श्रमिक संघ (सीटू) के दीपका और गेवरा क्षेत्र के पदाधिकारियों से मुलाक़ात कर इस मामले पर उचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया है । विगत दिवस उर्जानगर स्थित सीटू कार्यलय में बैठक भी किया गया जिसमें के एस एस सीटू गेवरा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विमल सिंह सचिव जनाराम कर्ष दीपका के सचिव डी एल टंडन , छत्तीसगढ़िया ठेका मजदूर कल्याण संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार, सचिव बसंतकुमार खिलेश कुमार सहित अन्य सदस्यों की उपष्टिति में मजदूरों की बहाली की मांग और श्रमकानून के पालन कराने के लिए आगे की कार्यवाही का योजना बनाया गया है ।

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