बस्तर में सरकार के हाथों गरीब आदिवासी ग्रामीणों पर लगातार चलते हुए मनावाधिकार हनन की लड़ाई  में दिनांक 7 फरवरी 2019 अबुझमाढ़ पहाड़ी पर स्थित ताडिबल्ला, भैरमगढ़ तहसील, बीजापुर पर हुई घटना एक और घिनोनी कड़ी है.

गौरतलब है कि इस घटना को सरकार और गृह मंत्री सैनिको की एक बड़ी जीत के नाम पर दिखा रहे है, लेकिन इस घटना के बारे में ज़रा सी भी पूछताछ या कार्यवाही करे तो एक बेहद ही खौफनाक हकीकत सामने आ पड़ती है. बस्तर के कई ग्राम के आदिवासी सरकार के झूठ का पर्दाफाश कर अपनी कहानी सुनाने के, और न्याय की गुहार लगाने के लिए दिनांक 5 मार्च 2019 को भैरमगढ़ में एकत्र हो रहे है.

दिनांक 7 फरवरी को बीजापुर पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग की ओर से यह खबर दी गई कि नक्सलियों और संयुक्त सुरक्षा बल के बीच मुठभेड में दस नक्सली की मौत हो गई. उसी दिन से हम इन तथाकथित “नक्सलियों” के परिजन और अन्य ग्रामवासी न्याय की अपेक्षा में इधर-उधर गुहार लगा रहे है और लड़ाई लड़ने की इस कड़ी में कल भैरमगढ़ में घटना के अपने विवरण का एक काउंटर ऍफ़.आई.आर दर्ज कराने के लिए एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे और सरकार से मिल अपना मांगपत्र दायर करेंगे.

आशा करते है कि कल आप हमारे साथ शामिल होकर हमको ताकत देंगे.

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सोनी सोरी, आयती, मुनद्री ओयामी, पिडे, सुनीता, लिंगाराम कोडोपी, संजय पन्त, रामदेव बघेल, अरविन्द गुप्ता