वेनेजुएला को एक नवउपनिवेश बनाने की अपराधिक साजिश ःः  -तुहिन देब

13.02.2019

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजूएला में राजनैतिक संकट तीव्र हो गया है। देश में निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को नकारकर विरोधी नेता व स्वघोषित राष्ट्रपति जुआन गुआइदो को अमरीका, नाटो, स्पेन, ब्रिटेन, फ्रांस सहित यूरोपीय संघ के कई देशों ने मान्यता देकर वेनेजुएला को गंभीर स्थिति में ढकेल दिया है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और यूरोपीय संघ के अन्य सदस्यों की ओर से उठाया गया यह अपराधिक कदम न केवल वेनेजुएला बल्कि दक्षिण अमरीका में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए दुनिया की जनता के दुश्मन नं. एक अमेरिकी साम्राज्यवाद के साथ मिलकर वेनेजुएला के तेल भंडार को लूटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

गुआइदो, समाजवादी नेता मादुरो को राष्ट्रपति पद से हटाकर अंतरिम सरकार का गठन करना चाहते हैं साथ ही फिर से चुनाव भी करवाना चाहते हैं। राष्ट्रपति मादुरो का कहना है कि वे पश्चिमी ताकतों के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। वे राजधानी काराकास से कह रहे हैं ‘‘कि ‘‘जब देश में चुनाव हो चुके हैं तो फिर से क्यों राष्ट्रपति का चुनाव करवाया जाए। ये सब अमरीका और यूरोपीय संघ उनके दक्षिणपंथी मित्रों को सत्ता पर बैठाने के लिए कर रहे है। क्योकि उनके दक्षिणपंथी मित्र चुनाव में नहीं जीते हैैं। वे हमें डराना चाहते है।‘‘ गुआइदो जो विरोधी बहुल नेशनल एसेंबली के प्रमुख हैं ने गत 23 जनवरी से खुद को वेनेजुएला का राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।

समस्या ये है कि पश्चिमी एशिया में पेट्रोलियम का जो भंडार है वह 2030 में खत्म होने वाला है लेकिन वेनेजुएला में मौजूद पेट्रोलियम भंडार लंबे समय तक चलने वाला है। राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज जो कि एक सच्चे देशभक्त, जनवादी तथा घोर साम्राज्यवाद विरोधी थे के राष्ट्रपति बनने से पहले वेनेजुएला की प्राकृतिक तेल भंडारों पर अमरीकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा था। राष्ट्रपति चावेज ने वेनेजुएला के समृद्ध पेट्रोलियम भंडारों का राष्ट्रीयकरण कर दिया। अमेरिकी साम्राज्यवाद के नेतृत्व में साम्राज्यवादी ताकतों को अपने साम्राज्यवादी मंसूबों को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम की सबसे ज्यादा जरूरत है। जब तक चावेज जीवित रहे वे साम्र्राज्यवादी ताकतों की आंख की किरकिरी बने रहे।

चावेज की मृत्यु के बाद मादुरो के शासन काल में सामाजिक जनकल्याणकारी योजनाओं में कटौती की गई। विश्व बाजार में कच्चे तेल के कीमतों में गिरावट हुई। मुद्रास्फीति और मूल्यवृद्धि से जनता परेशान हो गई। फलस्वरूप वेनेजुएला में आर्थिक संकट पैदा हो गया तथा जनता में असंतोष बढ़ने लगा। मादुरो ने जन असंतोष से निबटने में कौशलगत गलतियॉं की। जिसका लाभ उठाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने कठपुतली गुआइदो का राज्याभिषेक करते हुए वहां तख्ता पलट का खाका पहले ही तैयार कर लिया था। एक खूनी गृहयुद्ध की संभावना की ओर बढ़ता यह देश अमरीकी साम्राज्यवाद द्वारा प्रत्यक्ष सैनिक हस्तक्षेप के मुहाने पर खड़ा है।

अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा दक्षिण अमेरिका के कई देश पहले से ही गुआइदो का साथ दे रहे हैं। स्पेन की सरकार द्वारा गुआइदो को मान्यता देने के बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सान्चेज ने वेनेजुएला के नेशनल एसेंबली के प्रधान से शीघ्र चुनाव करवाने का अनुरोध किया है, लेकिन चुनाव पारदर्शी व निष्पक्ष होना चाहिए। फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल मैंक्रों ने ट्वीट किया है कि वेनेजुएला के नागरिकों को प्रजातांत्रिक रूप से स्वतंत्र मत प्रदान करने का अधिकार है।

राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए यूरोपीय संघ के 7 देशों ने मादुरो को 3 फरवरी 2019 तक की मोहलत दी थी। उसके बाद उन देशों ने गुआइदो को मान्यता दी है। इधर वेनेजुएला की सेना जो कि मादुरो की समर्थक हे ने कोलंबिया-वेनेजुएला की सीमा पर स्थित टिमेनडिटास सेतु पर नाकेबंदी कर यातायात को रोक दिया है। यह सेतु, कोलंबिया के कुकटा से वेनेजुएला के उरेना को जोड़ती है। गुआइदो के नेतृत्व में विरोधी, सशस्त्र बलों को सतर्क कर रहे हैं कि वे सीमा का अतिक्रमण ना करें और वेनेजुएला कोलंबिया सीमा पर नाकेबंदी ना करें।

इससे मानवीय आधार पर वेनेजुएला को विदेशी ताकतों द्वारा दी जा रही सहायता बाधित होगी। लेकिन राष्ट्रपति मादुरो का कहना है कि मानवीय आधार पर मदद के नाम पर देश में अमरीकी हस्तक्षेप होगा। इसीलिए किसी को भी यहां आने नहीं दिया जायेगा। एक बात उल्लेखनीय है कि वैटिकन में पोप फ्रांसिस को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश के राजनैतिक संकट को खत्म करने और वार्ता शुरू करने के लिए पहल करने का अनुरोध किया था। लेकिन पोप का कहना ये है कि जब तक विरोधी नेता जुआन गुआइदो उनसे अनुरोध नहीं करेंगे वे इस मामले में नही पड़ेंगे। गुआइदो का कहना ये है कि कोई भी वार्ता तब तक नहीं की जा सकती है जब तक राष्ट्रपति मादुरो त्यागपत्र न दें।

अमेरिका ने वेनेजुएला की सेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंधों को समाप्त करने की पेशकश की है जो नेशनल एसेंबली के अध्यक्ष जुआन गुआइदो के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने एक ट्वीट कर यह बात कही। बोल्टन ने ट्वीट किया कि अमेरिका वेनेजुएला की सेना के हर उस वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार करेगा जो लोकतंत्र के लिए खड़े हैं और राष्ट्रपति जुआन गुआइदो की संवैधानिक सरकार को मान्यता देते हैं। यदि नही ंतो पूरी तरह से अंतर्राष्ट्रीय सहायता रोक दी जायेगी। गौरतलब है कि वेनेजुएला की परिस्थिति को देखते हुए अमेरिका ने कहा है कि वह सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है।

अमेरिका के अलावा अब तक कनाडा, अर्जेंटीना, बाजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टारिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पनामा, पैराग्वे, और पेरू ने विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला में मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व गुआइदो ही कर रहे हैं।

पश्चिमी साम्राज्यवादी ताकतों के बीच वर्तमान मिलीभगत ने पूंजीवादी (बुर्जुआ) जनवाद के असलियत का खुलासा किया है। इस प्रकार के भूराजनैतिक रूझान नए तनावों और साम्राज्यवाद के भीतर गहरे अंतर्विरोधों को जन्म दे रहे हैं। जो वैश्विक अस्थिरता को और तेज कर रही है जो कि बड़े पैमाने पर व्यापार युद्ध और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय सैन्य युद्धों के रूप में अभिव्यक्त हो रहा है। इस घटना ने संयुक्त राष्ट्र संघ को एक बार फिर अमरीका के नेतृत्व वाले साम्राज्यवाद के रबर स्टैम्प के रूप में उजागर किया है। साम्राज्यवादियों द्वारा प्रायोजित ब्रेटन वुडस की फंडिंग संस्थाएं और सैन्य औद्योगिक निगमों के समर्थन वाले पश्चिमी साम्राज्यवादी अब वेनेजुएला की पीठ पर एक अति दक्षिणपंथी कट्टर प्रतिक्रयावादी कठपुतली शासन थोपने की योजना बना रहे हैं।

आज पूरी दुनिया के विभिन्न हिस्से में मजदूरों किसानों और उत्पीड़ित जनता के नेतृत्व में चरम-दक्षिणपंथी और नव फासीवादी ताकतों के खिलाफ जुझारू संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है। जहां तक दक्षिण अमेरिकी देशों की बात है भले ही आज वहां कई देशों में प्रतिक्रियावादी सरकारें सत्तारूढ़ हों जिसमें हाल के चुनाव में ब्राजील में सत्ता में आए नवफासीवादी बोल्सानारो भी शामिल हैं (जो ब्राजील के स्कूल, विश्वविद्यालयीन पाठ्यक्रम से मार्क्सवाद, नारीवाद और प्रगतिशील इतिहास से जुड़े पहलुओं को निकाल बाहर कर रहे हैं), नव उदारवादी नीतियों के खिलाफ ब्राजील समेत कई देशों में जनआंदोलन की लहर उठ रही है। मैक्सिको में लोपेज ओब्राडोर के नेतृत्व में वामपंथी रूझान वाली सरकार का सत्तासीन होना इस बात का संकेत है कि चरम दक्षिणपंथी राजनैतिक धारा को चुनौती मिल रही है।

राष्ट्रीय नवजीवन आंदोलन के नेता लोपेज ओब्राडोर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की संरक्षणवादी, शरणार्थी विरोधी और प्रवासी विरोधी नीतियों के घोर आलोचक हैं। अमरीकी साम्राज्यवाद को क्यूबा से पहले ही काफी परेशानी थी बाद में वेनेजुएला में ह्यूगो चावेज और बोलीविया में इवो मोरालेस ने उसको नाको चने चबवाया। यह सही समय है जब दुनिया भर के प्रगतिशील जनवादी ताकतों को वेनेजुएला को एक विशिष्ट अमरीकी नवउपनिवेश में बदलने के साम्राज्यवादी षड़यंत्र के खिलाफ प्रतिरोध में उठ खड़ा होना चाहिए तथा संघर्षरत वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता की घोषणा करनी चाहिए।

दक्षिण अमरिका के मेहनतकशवर्ग और उत्पीड़ित वर्गों को एकजुट होकर अपनी क्रांतिकारी साम्राज्यवाद विरोधी परम्परा के अनुरूप अपनी मिट्टी से साम्राज्यवाद और उसके देशीय दलालों को निकाल बाहर करना चाहिए। इसीलिए यह मांग उठ रही है कि वेनेजुएला में विदेशी हस्तक्षेप बंद हो और देश की जनता को अपना भविष्य तय करने दो।

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संपर्क- तुहीन देब
फोन- 9340537659, 9425560952
ई-मेल- tuhin_dev@yahoo.com

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