जनसंख्या के बराबर 52% आरक्षण देने हेतु ओबीसी वर्ग के द्वारा भारत बंद देश का जनमानस 100% आरक्षण के लिए तैयार

13 फरवरी 2019

“एस. सी., एस. टी., ओ. बी. सी. एंड माइनोरीटीस संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़” तथा “ओ. बी. सी. महासंघ छत्तीसगढ़” के द्वारा जनसंख्या के बराबर 52% आरक्षण देने हेतु, राष्ट्रव्यापी भारत बंद के तारतम्य मे आज 10 फरवरी 2019 छत्तीसगढ़ मे बंद का आह्वान किया गया।

इस परिप्रेक्ष्य मे जनजागरण हेतु विगत 2 फरवरी से 7 फरवरी 2019 तक “न्याय अधिकार पदयात्रा” का आयोजन, न्यायधानी बिलासपुर से राजधानी रायपुर तक किया गया। समाजसेवी और किसान नेता नंदकुमार बघेल ने बिलासपुर से पदयात्रा को शुभकामनाओं के साथ रवाना किया। इस पदयात्रा मे लगभग 100 साथी सम्मिलित हुए। मार्ग मे पदयात्री विभिन्न नगरों और गावों मे जन – जागरण करते चले। 7 फरवरी की सुबह खमतराइ से अंबेडकर प्रतिमा तक की यात्रा मे स्थानीय रायपुर के साथी बड़ी संख्या मे सम्मिलित हुये। अंत मे पदयात्रियों का स्वागत एवं सम्मान समारोह अंबेडकर प्रतिमास्थल, राज भवन के पास रायपुर में किया गया।

10 फरवरी के भारत बंद के अवसर पर अंबेडकर प्रतिमा स्थल, रायपुर मे जनसभा का आयोजन किया गया। सभा को एडवोकेट रामकृष्ण जांगड़े, विष्णु बघेल, शगुनलाल वर्मा, मोहित धृतलहरे, सुंदर जोगी, भंजन जांगड़े, उमेश मानिकपुरी, सनद साहू, टी आर साहू, धनेश्वरी डांडे, राजमहंत रामदयाल डहरीया आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवकुमार माहेश्वरी, अश्वनी बबलू त्रिवेंद्र, अखिलेश एडगर, विवेक कुमार सिंह, रफीक खान आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन सुमीत दास (पार्षद) ने किया। कार्यक्रम मे सामाजिक कार्यकर्ता, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, युवा, छात्र – छात्राये बड़ी संख्या मे सम्मिलित हुये।

छत्तीसगढ़ तथा भारत बंद को प्रगतिशील सतनामी समाज छत्तीसगढ़, सर्व समाज छत्तीसगढ़, गाड़ा समाज छत्तीसगढ़, सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़, भात्रिसंघ छत्तीसगढ़, क्रिश्चियन अलायंस छत्तीसगढ़, बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़, मूलनिवासी यूथ फ्रंट छत्तीसगढ़ आदि सहयोगी संगठनों के द्वारा समर्थन दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि, 30 सालों से ओबीसी को जनसंख्या के बराबर आरक्षण देने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। ओबीसी को आरक्षण देने के विषय पर केंद्र सरकारें, उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 50% आरक्षण की अधिकतम सीमा का हवाला देती आई हैं।

परंतु सवर्ण हिन्दू समाज जो एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण का विरोध करते है, उनको आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन कर 36 घंटे में आरक्षण दे दिया गया। भाजपा की सरकार ने भारतीय संविधान में आरक्षण के लिए संविधान निर्माताओं द्वारा निर्धारित मूल भावना तथा सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े होने का मापदंड निर्धारित किए थे, उसको तहस नहस कर दिया।

संयुक्त मोर्चा केंद्र सरकार से मांग करता है कि, सवर्णों को उनकी ज्ञात जनसंख्या के अनुपात में 15% आरक्षण दिया जाए। बाकी बचा हुआ 85% आरक्षण एससी, एसटी, ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में बांट दिया जाए।

केंद्र सरकार द्वारा सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने से ओबीसी को जनसंख्या के बराबर 52% हिस्सेदारी (आरक्षण) का मार्ग खुल गया है। जिसकी जितनी संख्या है उसको उतना हिस्सा दे दिया जाए। अब आरक्षण के नाम पर होने वाले झगड़े फसाद को समाप्त किया जाए। आज देश का जनमानस 100% आरक्षण के लिए तैयार है।

जन समर्थन से बंद पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सफल रहा। चांपा, जांजगीर, कसड़ोल, गरियाबंद, भाटापारा, बलोदाबाज़ार, दुर्ग, कोंडगांव, जगदलपुर, मानपुर आदि स्थानो मे बड़ी संख्या मे लोग उत्साहपूर्वक बंद मे शामिल हुये।

सभा के उपरांत मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। मुख्य मांगे इस प्रकार है :

• ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुसार 52% आरक्षण दिया जाए। यह आरक्षण सभी क्षेत्रों यथा शिक्षा, राजनीति, नौकरी, निजी क्षेत्र में दिया जाये।

• अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण षड्यंत्रपूर्वक छत्तीसगढ़ में 4% कम कर दिया गया है, जिसे पूर्ववत 16% किया जाए।

• एस सी व एस टी के लिए 2,50,000/- तथा ओ बी सी के लिए 6,00,000/- की आय सीमा अर्थात क्रीमी लेयर का प्रावधान समाप्त किया जाये।

• केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भर्ती के लिए 13 पॉइंट रोस्टर जारी किया गया है। इसे समाप्त कर, पूर्ववत 200 पॉइंट रोस्टर लागू किया जाये।

• एस सी व एस टी वर्ग की आबादी बड़कर 25% हो गई है। अतः इस वर्ग को 25% आरक्षण दिया जाये।

• छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय ने पदोन्नति मे आरक्षण का प्रावधान समाप्त कर दिया है। संयुक्त मोर्चा राजी शासन से मान करता है कि, एस सी, एस टी व ओ. बी. सी. वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति मे आरक्षण देने हेतु वर्तमान बजट सत्र मे विधेयक लाकर कानून बनाया जाए।

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