तथागत नाटक का मंचन तथा “नाटक एवं राजनीति” पर चर्चा प्रेस क्लब इंदौर में आज .

13 फरवरी.2019। इंदौर

भारतीय जन नाट्य संघ इंदौर (इप्टा) के तत्वाधान में जन नाट्य मंच (जनम) की प्रस्तुति 13 फरवरी. 2019 को इंदौर प्रेस क्लब में होगी।

जन नाट्य मंच (जनम) नाटकों के माध्यम से समाज में वैज्ञानिक चेतना और तार्किकता फैलाने के उद्देश्य से काम करने वाला संगठन है। सन 1973 में सफदर हाशमी सहित कुछ क्रांतिकारी सोच के युवाओं ने मिलकर “जनम” की स्थापना की थी। तब से अब तक “जनम” ने 100 से ज़्यादा नाटक बनाये हैं और उनके देशभर में 8000 से ज़्यादा प्रदर्शन हो चुके हैं। इन नाटकों को हबीब तनवीर, गोविन्द देशपांडे, अनुराधा कपूर, बृजेश जैसे निर्देशकों ने  निर्देशित किया है। मलयश्री हाशमी, सुधन्वा देशपांडे जैसे प्रतिबद्ध कलाकार “जनम” से जुड़े रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका, फ़लस्तीन, यूके और यूएसए में “जनम” ने नाटक की कार्यशालाएँ की हैं। अपने कार्यक्रमों के लिए “जनम” ने कभी सरकारी या गैर सरकारी या कॉर्पोरेटी या राजनीतिक दलों से न मदद ली है और न चाही है।  “जनम” के कार्यक्रमों की वित्तपोषक उसकी दर्शक जनता रही है। 

इस दफा वे *तथागत* नाटक लेकर देश में भ्रमण कर रहे हैं।

यह नाटक प्राचीन भारत के एक काल्पनिक राज्य में घटित होता है जहाँ बौद्ध विचार प्रभावी है। नाटक में एक शूद्र मूर्तिकार हरिदास बुद्ध की एक मूर्ति बनाता है। इस मूर्ति में बुद्ध के हाथ की तीन उंगलियाँ गायब रहती हैं। उसे देशद्रोही करार देकर मृत्युदण्ड दिया जाता है किन्तु रानी के कहने पर राजा हरिदास की दलील अदालत में सुनने के लिए राजी हो जाता है। 

यह नाटक जातिभेद, लिंगभेद, विद्रोह एवं राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता और साहस के विचारों पर दर्शकों को सोचने पर विवश करता है। 

इस *नाटक की अवधि 35 मिनिट* है और इसे लिखा और निर्देशित किया है अभिषेक मजूमदार ने और संगीत दिया है एम डी पल्लवी ने। 

भारत के सांस्कृतिक आंदोलनों के इतिहास में भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) का नाम सर्वविदित है। आज़ादी के पहले 1943 से इप्टा ने नाटकों और गीतों तथा अन्य सांस्कृतिक रूपों के  ज़रिये देश में स्वंतंत्रता के आंदोलन में हिस्सेदारी की।  आज़ादी के बाद भी इप्टा इंसानियत, वैज्ञानिकता, समाजवाद एवं साम्प्रदायिक सद्भाव के मूल्यों को लेकर लगातार सक्रिय रही है और 22  राज्यों में फैले हज़ारों संस्कृतिकर्मियों के ज़रिये देश में अपसंस्कृति के विरुद्ध एक मानवीय संस्कृति के निर्माण के आंदोलन में जुटी हुई है। 

इन्हीं उद्देश्यों को लेकर काम कर रहे संगठन “जनम” के नाटक “तथागत” का इप्टा की इंदौर इकाई स्वागत करती है।  *इप्टा ने “तथागत’ का इंदौर में 13 फरवरी, 2019 को शाम 6  बजे इंदौर प्रेस क्लब, महात्मा गाँधी मार्ग, इंदौर में प्रदर्शन आयोजित किया है।*

*प्रदर्शन के उपरांत “नाटक और राजनीति” विषय पर एक परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी। परिचर्चा* में प्रमुख रूप से भागीदार होंगे- 

सुश्री मलयश्री हाशमी (दिल्ली)
सुश्री जया मेहता (इंदौर)
श्री सुधन्वा देशपांडे (दिल्ली)
श्री दिनेश दीक्षित (इंदौर)
श्री सौरव बैनर्जी (इंदौर)
श्री गुलरेज खान (इंदौर)
सुश्री कोमिता ढांडा (दिल्ली)

इंदौर के सभी नाट्य प्रेमियों से अपेक्षा है कि वे जनम की इन प्रस्तुतियों में उपस्थित होकर साथियों का हौसला बढ़ाएँगे।

भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)

सम्पर्क
अरविंद पोरवाल (9425314405)
प्रमोद बागड़ी (9827021000)

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