पत्रकार के साथ मारपीट के खिलाफ़ प्रेस क्लब रायपुर के धरने को समर्थन देनें सामाजिक संगठन के लोग पहुचे.

रायपुर / 12.02.2019

भाजपा कार्यालय मे पत्रकार के साथ मारपीट के खिलाफ प्रेस क्लब रायपुर में प्रतिरोध धरना आज ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर गया .पत्रकारों की मांग हैं कि आरोपी भाजपा नेता को पार्टी से बर्खास्त किया जाये .जब तक यह नही किया जाता तब तक पूरे छत्त्तीसगढ में आंदोलन चलता रहेगा .प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी संपर्क किया जा रहा है.

आज विभिन्न संगठन के लोगो ने धरना स्थल पर पहुंच कर आंदोलन का समर्थन किया . जाने माने साहित्यकार गिरीश पंकज ,कवि और लेखक शरद कोकास ,पत्रकार सुरक्षा समिति के कमल शुक्ला ,छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ,पीयूसीएल छत्त्तीसगढ के सचिव.ए.पी.जोसी ,अखिलेश एडगर तथा पीयूसीएल छत्त्तीसगढ के अध्यक्ष डा. लाखन सिंह आदि पहुचे.

पत्रकारों के आग्रह पर जन कवि और साहित्यकार शरद कोकास ने एक कविता भी सुनाई , जो पत्रकारिता पर ही लिखी थी.

 

पत्रकार

वह टेबल पर बैठकर खबरें नहीं बनाता
आसमान तक जाता है
सितारों की असलियत ढूँढ लाता है
वह बोलने सुनने और देखने के मामले में
बापू के तीन बन्दरों की तरह भले हो
अपनी इन्द्रियों पर भरोसा रखता है

वह हाथ में कलम रखता है
और तलवार का भ्रम पैदा करता है
वह इज़्ज़त को पैसों से नहीं तोलता
सुविधाएँ देखकर उसका ईमान नहीं डोलता
वह व्हिस्की की बाढ़ में बह नहीं जाता
आँसुओं के बहाव में भी तटस्थ रहता है

वह थाना कचहरी अस्पताल के इर्द-गिर्द
कानूनी शब्दावलियों में न उलझकर
सम्वेदना की कसौटी पर घटनाओं को परखता है

वह हंस नहीं होता
पर नीर- क्षीर का विवेक लिए होता है
परपीड़ा या आत्मपीड़ा का सुख
उसे विचलित नहीं करता

वह शोषण के खिलाफ़ लिखता है
क्योंकि वह लिख सकता है
वह नहीं चाहता कि
उसके लिखे से उथल-पुथल मच जाए
वह दुनिया के सामने सिर्फ आईना रखता है

वह जीवन भर खबर बनाता है
मरने के बाद
एक मामूली खबर बनकर
अखबार के किसी कोने में
दर्ज हो जाता है ।

शरद कोकास

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