देर से ही सही, हम न्याय की पहली मंजिल पर ! : प्रियंका शुक्ला एडवोकेट और सामाजिक कार्यकर्ता

10.01.2019

अगस्त 2018 में एक नाबालिक लड़की को सेक्स रैकेट में संलिप्त कराने के मामले में लड़की के पिता के साथ जाकर सम्बंधित महिला थाने से लेकर आईजी पुलिस तक शिकायत की थी! शिकायत पर कोई जांच कार्यवाही तो हुई नहीं बल्कि आईजी बिलासपुर से मिलने के अगले ही दिन सिरगिट्टी थाने में नाबालिक लड़की के खिलाफ लूट का अपराध दर्ज कर दिया गया! सिरगिट्टी थानेदार लड़की की तलाश में आकाश पाताल एक किये हुए थे, हर दूसरे दिन लड़की के घर में दबिश, मां बाप और बूढ़ी दादी पर पुलिसिया रौब, लडक़ी को लाओ! जैसे तैसे मज़बूर बाप बेटी को पुलिस के गिरफ्त से बचाये हुए रखा था! आनन फानन में लड़की की एंटीसिपेटरी बेल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दाखिल की गयी और स्पेशल रिक्वेस्ट पर हाईकोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई की और 7 सितम्बर को हाईकोर्ट ने एंटीसिपेटरी बेल ग्रांट कर दी!

इधर थानेदार साहब की नजर में 14 साल की लड़की एंटीसिपेटरी बेल मिलने के बाद भी मोस्ट वांटेड थी, लड़की के घर पर लगातार रेड कर परिवार को टार्चर किये जा रहे थे! 10 सितम्बर शाम को लड़की के बाप को थाने धर लाये, जम के कूटा और कड़ा फरमान सुना के वापस भेजा कि कल तक लड़की को पेश करो बेटा!

मैं रात में ही पिता की एमएलसी कराने उनको जिला अस्पताल ले कर गयी! डॉक्टर ने ईमानदारी से जांच की और पर्ची में शरीर पर लड़की के पिता के शरीर में मारपीट से आयी चोटों का विवरण लिख दिया! 11 सितम्बर को पिटीशन ड्राफ्ट हुई और 12 को हाइकोर्ट में दाखिल! आज नम्बर आयेगा, सुनवाई होगी मगर हर रोज आज कल में बदलता गया! देर से सही मगर पिछली तारीख को सुनवाई हुई तो कोर्ट से सवाल आया कि पुलिस के पास क्यों नहीं गये? निवेदन किया गया कि पुलिस ही पिटी है पुलिस के पास जा कर क्या करेंगे! शासन से रिपोर्ट मंगाने का मौखिक आदेश हुआ और तारीख बढ़ गयी! आज फिर सुनवाई में केस आया! आज हाईकोर्ट ने गम्भीरता से मामला सुना, पिटीशन के साथ लगे दस्तावेज पढ़े और आदेश जारी कर सरकार से सख्ती से पूछा कि लड़की की शिकायत पर क्या कार्यवाही की गयी है, पूरी डिटेल रिपोर्ट पेश करें, लड़की के पिता को पीटने वाले सिरगिट्टी थानेदार नितिन उपाध्याय और रिपोर्ट नहीं लिखने वाली तात्कालीन महिला थाना प्रभारी अंजू चेलक को नामजद नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया और पुलिस को आदेशित किया कि पिटीशन(लड़की के पिता) के लाइफ और लिबर्टी में पुलिस कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी!

माननीय हाईकोर्ट का बहुत बहुत आभार और हाईकोर्ट में प्रकरण की पैरवी करने वाले हमारे साथी एडवोकेट महेंद्र दुबे और एडवोकेट शिशिर दीक्षित का बहुत बहुत शुक्रिया!

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