आम हड़ताल की सफलता के साथ केन्द्र सरकार के जन विरोधी नीतियों केखिलाफ जम कर हल्ला : .छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति .

9.01.2019 : भिलाई 
आज छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति द्वारा ओउद्योगिक क्षेत्रके नियोगी चौक में प्रदर्शन किया गया जिसमें विशेष रूप से 8,9 के आम हड़ताल के सफलता के साथ ही केन्द्र सरकार के जन विरोधी नीतियों केखिलाफ जम कर हल्ला बोला गया।
ओउद्योगिक क्षेत्र के मजदूरो ने सभा मे बताये की कम्पनी मालिक धमकी दिए की हड़ताल में जाओगे तो तुम्हारा नॉकरी खत्म या एक सप्ताह का हाजरी नही मिलेगा,मजदूरो ने खुल कर कहा कि किसी भी उद्योग में श्रम कानून का पालन नही होता,प्रबंधक बोलता है श्रम कानून क्या होता है हमे नही पता कम्पनी के अंदर आ गए तो समझलो गुलाम की तरह रहो यह है वास्विक स्थिति,बड़ी बड़ी नामी कम्पनी बी के बी इ सी सिमलेक्स में ठेका श्रमिकों का हालत गंभीर है,3 महीने में वेतन दिया जाता है,आए दिन दुर्घटना आम बात है लेकिन प्रबंधक मजदूरो को धमकी देकर घटना को दबा दिया जाता है वही ए सी सी होलसिम में आउट सोर्सिंग कर पुराने श्रमिको को छटनी करने षड्यन्त्र कर रहा है।
सैकड़ो मजदूरो का छटनी भी किया जा चुका है,ए सी सी होलसिम से प्रगतिशील सीमेन्ट श्रमिक संघ का समझौता हुआ है जिसमे 536 मजदूरो को स्थाई करने का है परंतु अभी भी प्रबंधक समझौता को पालन करने में कोताही बरत रहे है,536 में 99 मजदूर पेकिंग प्लांट का है जो सीमेन्ट वेज बोर्ड के पात्रता रखते और इस पूरे समझौता में मजदूर नेत्री अधिवक्ता सुधा भरद्वाज दिदी का अहम भूमिका था उसी के चलते ठेका श्रमिको को स्थाई कर्मचारी होने का लाभ मिला और उसी को केन्द्र सरकार के इसारे में अर्बन नक्शल का नाम देकर जेल में डाल दिया गया जो मजदूरो का हत्या करने जैसा है .
जिस तरह केंद्र सरकार का मजदूरो के प्रति और शोषण, दमन,लूट के खिलाफ आवाज उठाने वालों के प्रति जो रवैया है वह पूरी तरह जन विरोधी है,लगातार मजदूरो के ऊपर दमन जारी है वर्तमान में राजस्थान के अरवल में 8,9,के हड़ताल को लेकर मजदूरो के ऊपर बर्बर लाठीचार्ज किया गया जिसमें कई मजदूर घायल है और बेगुनाह मजदूरो को गिरफ्तार किया जा रहा है पुलिस और सरकार भीड़ को नियंत्रण करने के नाम पर लाठियां,गोलियां चलाती है जिसमे लोगो का जान जाता है वह लोकतांत्रिक है ,और जो मजदूर किसान छात्र आदिवासी ,दलित,अपने हक संगठित होकर आवाज उठाए वह देशद्रोही है क्या लोकतंत्र का यही परिभाषा है?वर्तमान में ये समझ मे आ रहा सरकार चाहे किसी का भी हो जब तक सँविधान में प्रदत्त अधिकारों एवं लोकतंत्र के प्रक्रिया को सरकारे आत्मसात कर काम नही करेगी तब तक जनता के ऊपर कहर बरसता रहेगा कयोकि पुंजिपतियो को सुरक्षा देकर उनके लूट के कामो क़्यो बढ़ावा दिया जाता है.
पुलिस प्रशाशन का जनता के साथ मानवीय व्यवहार नही है,मोदी जी आरक्षण 10 प्रतिशत घोषणा किये तो हमारा कहना है कि देश मे रेल्वे, कोल,भेल,शिक्षा,स्वास्थ्य विभाग में करोड़ो पद खाली है जिसमे भर्ती किया जाना है उस पर तो भर्ती नही हो रहा है,मजदूरो को मिनिमम वेजेस नही दिला पा रहे है तब आरक्षण केवल चुनावी जुमला है,जल जंगल जमीन को कारपोरेट घरानों को सौपा जा रहा है असल लोकतंत्र का चिरहन जो भी सत्ता में काबिज होते है वही करते है और आंदोलन कारियो को देशद्रोही का आरोप लगाते है हम सबको शहीद विरनरायन सिंह,शंकर गुहा नियोगी,भगतसिंह बिरसा मुंडा,ज्योतिबा फुले,सावित्री फुले के सपनो का देश समाज और राज चाहिए अडानी,अम्बानी का नही
आज 4 बजे से ओउद्योगिक क्षेत्र में मजदूर सांथी जुलूज़ कर मजदूरो को आगाह किया फिर शाम 530 बजे नियोगी चौक में षभा किया गया.
संघर्ष आगे बढ़ेगा अगर वर्तमान सरकार समय रहते जन हित के लिए हर निर्णय जनता के विश्वासः पर खरा नही उतरेगा तो,हम सब जनता मेहनकश मजदूर लोकतंत्र के प्रहरी है और लोकतंत्र में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष पर जुटे रहेंगे
वक्ता के रूप में सुरेन्द मोहन्ती,बंशी साहू,राजकुमार साहू,लखन साहू ,धनशाय,अभिषेष, विजय पांडे आदि
संचालन कलादास डेहरीया ने किया.
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