कोरबा : पुनर्वास गाँव गंगानगर के विस्थापितों का ज्ञापन कलेक्टर ने लेने से किया इंकार .

पुनर्वास गाँव गंगानगर के विस्थापितों ने जनदर्शन में कलेक्टर से लगाई गुहार ।

कलेक्टर द्वारा आवेदन नहीं लेने पर विस्थापितों में नाराजगी – कहा सब मिलीभगत है .

8 .01.2019 / कोरबा 

35 साल पुराने बसाहट में एसईसीएल गेवरा परियोजना द्वारा कब्जाधारी भुविस्थापितो की मकान बाड़ी और शौचालय तोडे जाने की शिकायत लेकर पुनर्वास गाँव गंगानगर के ग्रामीण जनदर्शन में अपनी फ़रियाद लेकर पहुँचे थे किंतु कलेक्टर के बर्ताव से निराश होना पड़ा, सम्भवतः यह पहली मामला होगा जिसमें जनदर्शन में फरियादियों का आवेदन नहीं लिया गया जो जनदर्शन पर सवालिया निशान लगाता है ।

एसईसीएल गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980 में घाट मुड़ा ग्राम की सैकड़ो एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था और वहां के 75 भुविस्थापित परिवारों को पुनर्वास ग्राम गंगानगर में बसाया गया था । ग्रामीणों के मुताबिक 25 एकड़ क्षेत्र को केवल घाटमुड़ा के बसाहट के लिए दिया गया था जिससे वह गाँव अपने मूल स्वरूप में पुनः बसा रहे किन्तु अब दूसरे जगह के विस्थापितों के लिए जमीन की आवश्यकता पड़ने काबिज लोंगो की बॉडी मकान और शौचालय को तोड़ दिया गया है जिससे उनके समक्ष समस्या उत्पन्न हो गया है । उनकी पूरी जमापूंजी घर बनाने और सवारने में लग चुका है जिसपर बुलडोजर चलाकर चकनाचूर कर दिया गया है । ग्रामीणों ने बताया कि कब्जा हटाने के सम्बन्ध कोई नोटिस नहीं दी गयी जिससे उनको अपने जरुरी सामान को हटाने तक का मौका नहीं मिल पाया ।

प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियो की मौजूदगी में प्रधानमन्त्री के महत्वपूर्ण योजना स्वच्छता अभियान के तहत बनाये शौचालय सहित निजी खर्च से लगभग 2-2लाख रूपये की लागत से बनायी गयी शौचालय व स्नानघर को तोड़ दिया गया और बाड़ी में लगे फसलो को तबाह कर दिया गया है पशुओं के लिए रखे गए पैरा व अन्य सामान खुले में आ गया है । ग्रामीणों ने कहा है कि इस घटना के खिलाफ सड़क पर विरोध के साथ साथ कानूनी न्याय पाने के लिए प्रयास करेंगे ।

न्याय पाने के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पुनर्वास मंत्री जयसिंह अग्रवाल सहित अन्य सबंधित विभाग को भी ज्ञापन सौपा है ।

**

Be the first to comment

Leave a Reply