27.12.2018

एक संवैधानिक पद पर बैठा दिया गया हूं छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा । नहीं जानता क्या कुछ कर पाऊंगा ।हालांकि ऐसा नहीं है कि कुछ भी नहीं कर पाऊंगा । मैं इस बात को पुख्ता तौर पर मानता हूं कि भारतीय न्याय और प्रशासन व्यवस्था लोकतंत्र के उद्देश्यों के हिसाब से ठीक नहीं चल रही है। इसलिए संघर्ष करना पड़ेगा ।हममें से हर एक को न्याय मिलता कहां है ।चाहे सरकार हो या अदालत हो , तो मुझे सरकार या अदालत का हिस्सा न समझा जाए। मैं एक नागरिक हूं ।वंचितों के लिए लड़ाई लड़ना मेरे जीवन का धर्म है । मुझे सलाह भी देनी पड़ेगी ।भरोसा रखिए मैं संविधान का उल्लंघन या अपमान नहीं करूंगा चाहे कुछ भी हो ।मर्यादाओं का पालन तो करना पड़ता है ।वह मैं करूंगा। आप सब के सहयोग और प्यार की जरूरत है मुझे।

कनक तिवारी 

महाधिवक्ता ,छत्तीसगढ़ शासन