टिहरी पौड़ी ःः श्रीनगर बांध परियोजना: पावर चैनल में रिसाव गांव के लोग भय में जीने के लिए मजबूर.ःः माटू जन संगठन

20.12.2018

पिछले 4 दिन से उत्तराखंड के टिहरी व पौड़ी जिले में बनी श्रीनगर बांध परियोजना का पावर चैनल यानी लगभग 4 किलोमीटर लंबी खुली नहर में जगह-जगह से तेजी से रिसाव हो रहा है। रिसाव के कारण मंगसू और सुरासू आदि गांवों के लोग भय में हैं। उनके घरों के आसपास पानी है, खेतों में पानी है जो की फसलों को खराब भी कर रहा है, यह पानी सर्दी के मौसम में और ठंडक बढ़ा रहा है।

ज्ञातव्य है कि 2015 में इन गांवों में नहर के रिसाव के कारण भारी मात्रा में पानी भर गया था । जिसके बाद तत्कालीन उत्तराखंड सरकार ने 2 मंत्रियों की एक कैबिनेट समिति बनाई। जिसमे ऊर्जा सचिव को भी रखा गया था। जिसकी संस्तुति पर देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट दी । इस रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि पावर चैनल की जगह और निर्माण में खामियां हैं। अपनी सिफारिशों में वाडिया इंस्टीट्यूट ने बताया था कि कई अन्य संस्थानों के साथ मिलकर इसके गहन अध्ययन की आवश्यकता है। इसके बाद जीवीके कंपनी ने बिना किसी अध्ययन किए, नहर पर जगह-जगह कुछ लीपापोती जैसे काम की किए। मगर वह पूरी तरह कभी भी न सफल हुए हैं । बल्कि नए से कचरा सफाई करके जो मलबा नीचे की तरफ डाला गया उससे लोगों के खेत और खराब हुए। जिस पर कोई मुआवजा नहीं।

हम मानते हैं कि बांध निर्माता जीवीके कंपनी ने लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया है। मात्र पानी बेकार न जाए इस बात को ध्यान में रखा। रिसाव क्यों हो रहा है उस गंभीर प्रश्न पर काम नहीं किया। पिछले 3 सालों में उत्तराखंड सरकार में सत्ता बदली है। मगर पूर्ववर्ती और वर्तमान सरकार दोनों ने ही इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा है कि आज स्थिति गंभीर है।

श्रीनगर बांध परियोजना के निर्माण किस समय से ही लगातार प्रश्न उठते रहे हैं । बांध कंपनी ने पर्यावरणीय शर्तों की अनदेखी करते हुए बांध को आगे बढ़ाया । अन्य मुद्दों पर भी आज स्थिति यह है कि शहर में गंदा पीने का पानी, लोगों के मुआवजे लटके हुए हैं, लीज पर ली गई जमीनों के पैसे अभी तक नहीं दिए गए, शहर में मरीन ड्राइव बनाने का वादा गायब, गर्मियों में चौरास में उड़ती धूल। पूरे बांध क्षेत्र के पर्यावरण की तबाही और इन सब के साथ मंगसू से धारी देवी तक के गांवों में छोटी-छोटी समस्याएं जैसे पानी, गांव के रास्ते आदि-आदि भी लटके हुए हैं।

माटू जन संगठन मांग करता है कि :-

1-सरकार वाडिया इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट पर तुरंत कार्यवाही हो।

2- पावर चैनल के रिसाव से हो रहे नुकसान की भरपाई बांध कंपनी करें ।

3- लंबित मामलों पर सरकार कंपनी के साथ मिलकर तुरंत निदान कराएं

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विमल भाई, विनोद चमोली, मनीष रावत

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