राज्य की जनता और उनके बीच काम करने वाले लोगों ने भाजपा के शासन का खात्मा कर जिन चीज़ों के बदलने की उम्मीद की है कांग्रेस का ध्यान उस ओर दिलाया जाना हिमांशु कुमार ने .

18.12.2018

लम्बे इंतज़ार के बाद छत्तीसगढ़ से भाजपा के खूनी शासन का अंत हुआ है। राहुल गांधी के नेतृत्व में एक बदली हुई कांग्रेस भूपेश बघेल के मुख्यमंत्रित्व में अब सत्ता संभालेगी|

राज्य की जनता और उनके बीच काम करने वाले लोगों ने भाजपा के शासन का खात्मा कर जिन चीज़ों के बदलने की उम्मीद की है कांग्रेस का ध्यान उस ओर दिलाया जाना ज़रूरी है|

भाजपा ने पूरे प्रदेश में खौफ का माहौल बना दिया था| जो भी व्यक्ति कानून संविधान या न्याय की बात करता था उस पर सरकार और उसकी पुलिस तथा भाजपाई गुंडे हमला कर देते थे| अब उस आतंक और गुंडा राज का खात्मा होना चाहिए|

मैं विनम्रता पूर्वक कांग्रेस सरकार के सामने एक सूची रख रहा हूँ जो काम नई सरकार को करने चाहिए ताकि छत्तीसगढ़ में फिर से लोकतान्त्रिक प्रक्रिया पटरी पर आ सके|

इसाई समुदाय के प्रार्थना स्थलों पर बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के लोगों द्वारा किये गये हमलों की जांच करवाना और इन हमलावर संगठनों के गुंडों को सज़ा दिलवाना ताकि ये दुबारा इस तरह की हरकतें करने से पहले डरें|

संविधान के पक्ष में और आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ पुलिस की ज़्यादतियों के हक़ में आवाज़ उठाने के कारण रायपुर की डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे को भाजपा सरकार ने निलंबित कर दिया था और उनका ट्रांसफर सरगुजा कर दिया था| कांग्रेस सरकार वर्षा डोंगरे का निलम्बन वापस ले और वर्षा डोंगरे को उनके साहस के लिए पुरस्कार दे|

सरगुजा की महिला लेधा के साथ पुलिस अधिकारी कल्लूरी ने बलात्कार किया और उसके गुप्तांगों में मिर्चें भर दी थीं| लेधा का मामला जब अदालत में पहुंचा तो कल्लूरी ने लेधा के परिवार का अपहरण कर लिया और केस वापस करवा दिया था| नई सरकार लेधा केस को दोबारा खुलवाये और कल्लूरी को गिरफ्तार करे|

सोनी सोरी को जेल में बिजली के झटके देने वाले और उसकी कोख में पत्थर भरने वाले पुलिस अधिकारी अंकित गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाय|

सोनी सोरी के चेहरे पर एसिड डालने की पूरी योजना पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों ने कल्लूरी के निर्देश पर बनाई थी और एसिड डालने का काम भी पुलिस के सिपाहियों ने ही किया था| इस मामले की जांच भाजपा सरकार ने बंद की हुई है| इस मामले की जांच शुरू हो और कल्लूरी समेत इस हमले में शामिल सभी पुलिस वालों को गिरफ्तार किया जाय|

नंदनी सुन्दर और प्रोफ़ेसर अर्चना प्रसाद के खिलाफ लगाए गये झूठे मुकदमे सरकार तुरंत वापस ले|

बिनायक सेन पर भाजपा सरकार द्वारा लगाया गया फर्ज़ी केस राज्य सरकार तुरंत वापस ले|

सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी पर लगाये गये फर्ज़ी मुकदमे नई सरकार तुरंत वापस ले|

मेरे खिलाफ बनाये गये फर्ज़ी मुकदमे वापिस लिए जाएं|

जगदलपुर में निर्दोष आदिवासियों को मुफ्त कानूनी मदद देने वाली शालिनी गेरा, ईशा खंडेलवाल और उनकी सहयोगियों को वापस जगदलपुर आकर अपना काम शुरू करने दिया जाय|

सुप्रीम कोर्ट ने सलवा जुडूम के मामले में जो आदेश दिया है उसका पालन हो| उसमें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गये निर्देश के मुताबिक आदिवासियों के गांव जलाने वाले, महिलाओं से बलात्कार करने वाले और आदिवासियों की ह्त्यायें करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ की जाएँ, आदिवासियों को उनके नुकसान के लिये मुआवज़ा दिया जाय |

जिन पत्रकारों पर भाजपा सरकार ने झूठे मुकदमे दायर किये थे अब नई सरकार वो सभी मुकदमे वापस ले और उन पत्रकारों को साहस के लिए पुरस्कृत करे|

रमन सिंह और उसके बेटे अभिषेक सिंह ने माइनिंग कंपनियों से पैसा लिए और फिर आदिवासियों की ज़मीनें छीनने के लिए सुरक्षा बलों को आदिवासियों पर ज़ुल्म करने के लिए आदेश दिए| रमन सिंह ने यह पैसा स्विस बैंक और पनामा में लगाया जिसके सबूत भी मिल चुके हैं| रमन सिंह का यह पैसा वापस लाने के लिए इन बाप बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ हो और इन दोनों को जेल में डाला जाय|

सलवा जुडूम का विरोध करने के कारण प्रताणना और निर्वासन झेलने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं को वापस छत्तीसगढ़ आकर काम करने के लिए सरकार आमंत्रित करे और उनके खिलाफ फर्ज़ी मुकदमे वापस लिए जाएँ|

जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने के लिए बुच समिति को सक्रिय किया जाय और जेलों में कई सालों से बिना मुकदमे के बंद निर्दोष और गरीब आदिवासियों को तुरंत रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जाय|

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की आवाज़ सुनी नहीं गई बल्कि जिसने भी आवाज़ उठाई उसे या तो मार डाला गया या जेल में डाल दिया गया| अब नई सरकार आदिवासियों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू करे और उनके विकास की कोई भी योजना बिना उनसे चर्चा किये ऊपर से थोपना बंद किया जाय|

जहां न्याय नहीं वहाँ शांति संभव ही नहीं है, नई सरकार इसे याद रखे और आदिवासियों को न्याय देने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करे|

सरकार के इस काम में हम सहयोग करने के लिए तैयार हैं|

 

हिमांशु कुमार ,गांधीवादी कार्यकर्ता और लंबे समय तक दंतेवाड़ा में सामाजिक कार्यों में लगे रहे .

https://janchowk.com/Beech-Bahas/chhattisgargh-baghel-congress-naxal-soni-sori-bjp-raman/3848

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