आशंका ःः सत्ता वापसी के लिये छतीसगढ में कुछ भी हो सकता है ःः कांगेस ने लिखा पत्र .

5.12.2018/ रायपुर 

रायपुर / पिछले दो दिनों से यह खबर उड़ी हुई है कि छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने वाले कांग्रेस के कुछ विधायकों का अपहरण हो सकता है? हालांकि यह खबर तब तक पुष्ट नहीं मानी जा सकती जब तक कोई घटना घटित न हो जाए। लेकिन यह भी तय है कि जब आग लगती है तब कहीं धुआं भी उठता है। इस खबर के हवा में तैरने के पीछे का कारण महज इतना हैं कि चारों ओर से भाजपा का सुपड़ा साफ होने की खबर आ रही है। हालांकि कांग्रेस ने इवीएम में गड़बड़ी से लेकर अपहरण तक की तमाम संभावनाओं पर अपने प्रत्याशियों को सजग और सचेत रहने का निर्देश दे रखा है, लेकिन बात जब आखिरी दांव-पेंच की है तो फिर भाजपा क्यों चुकेंगी? वैसे भाजपा की हार की खबरों से स्वयं भाजपा के विधायक उतने दुःखी नहीं है जितना दुःख अफसरों को हो रहा है। पंद्रह साल से आतंक का पर्याय बन चुके अफसर और भ्रष्टाचार के आकंठ तक डूबकर मलाई खाने के आदी अफसरों को लग रहा है कि भाजपा के हारते ही उनकी लुटिया डूब जाएगी। भाजपा के एजेंट बनकर काम कर रहे अफसर यह चर्चा भी कर रहे हैं कि अगर भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बन गए तो ज्यादा मुसीबत खड़ी होगी ? कईयों का जेल जाना तय है। कई अफसरों के खिलाफ विभागीय और सीबीआई जांच अलग होगी।
राजनीति से जुड़े जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर लोग सक्रिय भी हो गए हैं। कांग्रेस के जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई संदेश भेजने का सिलसिला चल रहा है। यह भी कहा जाता रहा है कि परिणाम के एक रोज पहले ही ऐसी व्यवस्था हो सकती है कि विधायक रिटर्निंग अफसर से अपनी जीत का प्रमाण पत्र ही लेने न पहुंच पाए।

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