कर्वे इंस्टिट्यूट पूणे के छात्र – छात्राएं अभी अर्बन एंड रूरल कम्युनिटी डेवलपमेंट के फील्ड वर्क के दौरान छत्तीसगढ़ में 10 दिन की अद्ध्य्यन यात्रा (स्टडी टूर) में आये .

कर्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस, पुणे के छात्र – छात्राओं का शैक्षणिक यात्रा में छत्तीसगढ़ आगमन

4.12.2018 रायपुर 

कर्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस, पुणे के मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क्स (MSW) के द्वितीय वर्ष के 16 छात्र – छात्राओं और उनकी फैकल्टी डॉ. राजू अद्गाले की छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति के साथियों के साथ 1 दिसम्बर 2018 को वाय. एम. सी. ए प्रोग्राम सेण्टर रायपुर में संध्या 5 से 8 बजे तक परिचर्चा का आयोजन किया गया. 

 

कर्वे इंस्टिट्यूट पूणज के छात्र – छात्राएं अभी अर्बन एंड रूरल कम्युनिटी डेवलपमेंट के फील्ड वर्क के दौरान छत्तीसगढ़ में 10 दिन की अद्ध्य्यन यात्रा (स्टडी टूर) में आये है.

 

परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति की विचारधारा,  गतिविधियों, काम के तरीकों और आने वाली चुनौतियों को समझना था. 

 

अखिलेश एडगर के द्वारा छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति की स्थापना और इतिहास से सम्बंधित जानकारी दी गयी और यह भी बतलाया कि कैसे छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति में अलग – अलग पृष्ठभूमि के संगठन तथा लोग एकसाथ मिलकर सामूहिक उद्देश्यों के लिए कार्य करते हैं.

 

आदिवासियों, दलितों, पिछड़े वर्ग, धर्मिक अल्पसंख्यकों, किसान, मजदूरों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि से सम्बंधित विविध ज्वलंत विषयों जैसे छत्तीसगढ़ राज्य बनने की  पृष्ठभूमि, पथ्थलगडी, भू – विस्थापन, हाथियों के द्वारा की जा रही हानि, पर्यावरण, सामाजिक बहिष्कार, एस. सी. एस. टी. अट्रोसिटी एक्ट, सतनाम आन्दोलन, संविधानिक साक्षरता  पर सारगर्भित चर्चा हुयी.

 

छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति के साथी शेखर नाग के द्वारा इप्टा (भारतीय जन नाट्य मंच), पी. सी. रथ के द्वारा आल इंडिया पीपल’स साइंस फोरम के उद्देश्यों तथा गतिविधियों की जानकारी दी गयी. दिलीप साहू व नसीम मोहम्मद ने प्रदेश में मीडिया व पत्रकारिता, अंजू मेश्राम ने वंचित वर्ग के मध्य शिक्षा के प्रसार, राजू शेंद्रे ने दलित वर्गों के समक्ष चुनोतियों, रतन गोंडाने और पवन सक्सेना ने प्रदेश के विकास में आम नागरिकों की भूमिका को रेखांकित किया.

 

अंत में छात्र – छात्राओं ने एक जन गीत प्रस्तुत किया 

 

रायपुर में दलित मुक्ति मोर्चा के साथ इसी प्रकार की परिचर्चा के उपरांत अध्ययन दल अंबिकापुर और जशपुर की यात्रा पर जायेगा. 

 

कर्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विस, पुणे ऐसे समाज की परिकल्पना करता है जो शांति, सद्भावना, गरिमा, न्याय और सामाजिक कार्यरूपी हस्तक्षेप एवं पेशेवर लोगों के समर्पित ढांचे के द्वारा सभी व्यक्तियों तथा समुदायों की उन्नति के लिए समान अवसरों को सुनिश्चित करता हो. 

 

संस्थान की स्थापना 9 नवम्बर 1963 को स्वर्गीय भारत रत्न महर्षी डॉ. धोंडो केशव कर्वे की स्मृति में की गयी थी. 

 

अखिलेश एडगर

संयोजक

Leave a Reply