साम्राज्यवादी मीडिया का पोस्टर ब्याय ःः  हत्यारी परंपरा मेें एक बड़ा नाम पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जोर्ज बुश सीनियर .ःः नंद कश्यप .

 

2.12.2018

समता समानता और समाजवादी वैज्ञानिक चेतना को मानने वालों पर पूंजीवादी साम्राज्यवादी ताकतें हमेशा हत्यारा मानवाधिकार हनन जैसे आरोप मढ़ते हुए उन्हें हमेशा शैतानों की तरह प्रचारित करते रहते हैं.

सामान्य जन के भीतर की भोली आस्था का फायदा उठा उसे अपने चंगुल में फंसाए रखते हैं वह ईश्वर के नाम पर परंतु जब आप परंपराओं का ऐतिहासिक विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे मानव सभ्यता के इतिहास में करोड़ों करोड़ लोगों का रक्त धर्मयुद्ध और साम्राज्य विस्तार के लिए बहाया गया है आधुनिक दौर में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में करोड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया द्वितीय विश्व युद्ध तो धर्म और शुद्ध रक्त के नाम पर हुआ समतावादी वैज्ञानिक चेतना को रोकने के लिए पूंजीवादी साम्राज्यवादी ताकतें धार्मिक आतंकवादी समूहों को हथियार और धन देकर हत्याएं करवाकर विभिन्न धार्मिक समूहों में अविश्वास पैदा कर हथियार बेचने के साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और लोकतांत्रिक ढंग से जीने के रास्ते बंद करते हैं और समाजिक आर्थिक आदि मुद्दों की जगह व्यक्तिवादी प्रवृत्तियों को स्थापित करते हैं.

इसी हत्यारी परंपरा के एक बड़ा नाम पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जोर्ज बुश सीनियर की कल मृत्यु हो गई है ,ये सज्जन भारत आतंकवाद से पीड़ित हैं ऐसा कभी स्वीकार नहीं किया झूठे आरोप में ईराक को तबाह किया अफगानिस्तान को तबाह किया शांति, भाईचारे और समाजवादी देशों के मित्र के रूप में जाने, जाने वाले इस्लामिक देशों पर आतंकवाद का तमगा इसी के शासनकाल की देन है इसके कार्यकाल में यह साम्राज्यवादी मीडिया का पोस्टर ब्याय था.

समाजवादी व्यवस्था ने पूरे मानव सभ्यता को बेहतर दुनिया बनाने का सपना दिया उसने विश्व शांति का आंदोलन दिया और आज भी समाजवादी लोकतांत्रिक विचारों के लोग ही शांति विश्वबन्धुत्व और मानवाधिकार के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर गरीबों और मेहनतकशों के लिए झूठे इल्जाम में जेल जा रहे हैं यही सबूत है कि समाजवादी व्यवस्था हत्याओं की नहीं समता समानता और भाईचारे तथा विश्व शांति के लिए है थी और रहेगी.

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नंद कश्यप , मार्कस्वादी चिंतक और किसान नेता 

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