छतीसगढ में विकास नहीं विनाश की तस्वीर बनी है ःः सरकार बदलने का आव्हान . ःः मजदूर संगठन .

19.11.2018

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति, महिला मुक्ति मोर्चा, प्रगतिशील क्षात्र संगठन, जन आधारित पावर प्लांट मजदूर यूनियन, नवजनवादी लोक मंच ने प्रेसविज्ञप्ति जारी कर बताया की लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से सरकार बनती है जिसे हम सब प्रजातंत्र भी कहते है, प्रजा से चुनी हुई सरकार प्रजा के ही ऊपर प्रहार दमन करे ,जनता के मांगों को अनदेखा करे,न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका को जनता के विपरीत काम करने मजबूर करे, जनता के सहमति बिना संसाधनों को कारपोरेट के हाथों सौपे, सार्वजनिक उपकर्मो को निजीकरण करे,घोटाले और लूट में लिप्त रहे, अपने पार्टी स्वार्थ के लिए युवाओं को इस्तेमाल करे ऐसे में सरकार को बदलना जरूरी होता है.

लोकतंत्र का अवमानना और अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह खत्म हो जाता है,सत्ता चाहे किसी भी पार्टी की हो, वर्तमान में छत्तीसगढ़ में विकास नही विनास का तस्वीर अधिक उभरा है,शिक्षा और स्वास्थ्य पूरी तरह से निजीकरण के तरफ चला गया जिससे आम जनता को अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है, जल जंगल जमीन का लूट खूब हो रहा है, खेती किसानी महंगी हो गई है,महगाई बेतहासा बढ़ चुका है,बेरोजगारी भयानक रूप ले लिया है,छत्तीसगढ़ जन सुरक्षा अधिनियम लाकर निरीह आदिवासियों को जेल में रखा गया है,ठेकेदारी प्रथा सर चढ़ कर बोल रहा है,इन तमाम समस्याओं को अगर कोई बोले उन्हें अर्बन नक्शल का तमगा लगाकर जेल में डाला जा रहा है,मजदूरो को मंदिर मस्जिद नही रोजगार की गारंटी चाहिए किसान को कर्ज माफी, बोनस महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा चाहिए,जो बिल्कुल नही है सँविधान के मुताबिक ऐसे हालात में मताधिकार कर सरकार को बदलनी चाहिये.

 यह प्रक्रिया जो भी सत्ता में काबिज होती है उन सबके के लागू होना चाहिए, इसलिए आवश्यक रूप से सरकार बदलनी चाहिए ,नही बदलने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हनन होता है,यह लोकतंत्र है राजतंत्र नही,सच्चा लोकतंत्र को बनाए रखना है तो परिवर्तन जरूरी है

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