हैप्पी दीवाली विद मैसूर पाक ःः शरद कोकास

मैसूर पाक के जन्म की कहानी

मैसूर पाक एक ऐसी मिठाई है जिसका जन्म डेढ़ सौ वर्ष पूर्व मैसूर की इस दुकान में हुआ । उस समय मैसूर के राजा कृष्ण राव वाडियार थे । उनकी इच्छा हुई कि एक ऐसी मिठाई बनाई जाए जो पहले कभी किसी ने न बनाई हो सो उन्होंने राज हलवाई को बुलाया और अपनी इच्छा प्रकट की । हलवाई जी ने बस ज़रा से बेसन,चीनी और घी से बना दी यह अनोखी मिठाई ।

मैसूर में आज भी उन हलवाई के वंशजों की यह दुकान है जहाँ पारंपरिक मैसूर पाक जो चाशनी से भरा रसदार होता है बनाया जाता है । हालाँकि यह सूखा भी होता है और अब तो इसके विविध रूप भी उनके यहाँ देखने को मिलते हैं जिनमे मेवे आदि भी मिलाए जाते हैं। मुझे उन्होंने मैसूर पाक की विविध किस्में चखाईं ।

मेरे बाबूजी को यह मिठाई बहुत पसंद थी और भंडारा में वे हर दीवाली पर यह मिठाई ज़रूर खरीदते थे । यह बहुत सस्ती भी है और गरीबों की जेब पर भारी भी नहीं पड़ती । मैं भी हर साल दीवाली पर पिता की स्मृति में यह मिठाई लेकर आता हूँ ।

 

 

इन चित्रों में दुकान के सामने मेरी तस्वीर के अलावा मैसूर पाक की विविध किस्में भी आप देख सकते हैं ।

हैप्पी दीवाली विद मैसूर पाक

*शरद कोकास*

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