रमन सिंह के बेटे का नाम लिया तो छत्तीसगढ़ के अखबारों ने नहीं छापी खबर.

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4.11.2018

रवीश कुमार ने यूं ही
नहीं कहा है- गोदी मीडिया।

रायपुर / कल 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण रायपुर में थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह बनाम अभिषाक सिंह को लेकर तथ्यों के साथ एक पत्रकार वार्ता की, लेकिन छत्तीसगढ़ की मीडिया ने उनकी खबर नहीं छापी।

वैसे जब कल वे एक होटल में शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, अधिवक्ताओं से बात कर रहे थे तभी एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने उनसे कहा- आपने पनामा पेपर में रमन सिंह के पुत्र  को लेकर जो खुलासा किया है वह झकझोर देने वाला तो हैं लेकिन देखिएगा कल छत्तीसगढ़ का कोई भी मीडिया आपकी खबर को नहीं छापेगा। यहां का मीडिया रमन सिंह की गोद में बैठा हुआ है। अधिवक्ता की बात सुनकर उन्होंने कहा- मैं जानता हूं कि यहां का मीडिया भी गोदी मीडिया है। सबको पता है कि किस संपादक को हटाया गया है और एक पत्रकार को कोयम्बटूर क्यों भेजा गया है? यहीं बात उन्होंने वृंदावन के हॉल में आयोजित सभा में भी कहीं। यहां भी उन्होंने तथ्यों के साथ साफ- साफ कहा कि पनामा पेपर में जिस अभिषाक सिंह का नाम आया है वह कोई और नहीं बल्कि रमनसिंह का सगा बेटा ही है।

बहरहाल प्रशांत भूषण की खबरों का ब्लैक आउट करके छत्तीसगढ़ की प्रिंट मीडिया ने अपनी फजीहत करवा ली है। अब कोई भी पेपर हो… हमें अखबारों को पढ़ना बंद कर देना चाहिए। यहां अखबारों के रिपोर्टरों से बातचीत करने पर पता चला कि उन्होंने अपने संपादकों को प्रशांत भूषण की प्रेस वार्ता के बारे में बताया था लेकिन संपादकों ने कह दिया- कोई फायदा नहीं है। पैकेज मिला है। खुद को फावरफुल बताने वाले अफसर का फोन भी आया है। खबर मत बनाओ। पत्रकारों ने खबर नहीं बनाई।

रवीश कुमार ने यूं ही
नहीं कहा है- गोदी मीडिया।

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