संविधान और लोकतंत्र – महिला और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ , केरल में हिंसा और गुंडई के पीछे भाजपा और आरएसएस ; #सीपीएम ने की अमित शाह के बयान की भर्त्सना.

●28.10.2018 दिल्ली 

सबरीमाला मंदिर में स्त्रियों के प्रवेश पर रोक हटाए जाने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने और अपनी पार्टी के लोगो से उसे तोड़ने का वाले अमित शाह के भाषण की सीपीएम के पोलित ब्यूरो ने भर्त्सना की है। ऐसा करके अमित शाह ने साबित कर दिया है कि इस मसले पर जारी हिंसक कार्यवाहियों के पीछे उनकी पार्टी – भाजपा – ही है।
● पोलित ब्यूरो ने कहा है कि यह एक उकसावे की कार्यवाही है जो स्वामी सन्दीपानन्द के आश्रम में आग लगाए जाने और उन पर हमले जैसी घोर निंदनीय हरकत में उजागर हुयी है। सत्ता पार्टी के अध्यक्ष ने आरएसएस-भाजपा द्वारा भारतीय संविधान की अवमानना करने की हरकत को जारी रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मखौल बनाया है।
● सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने की कोशिश करने पर केरल की राज्य सरकार को गिरा देने की धमकी का अमित शाह का भौंडा बयान भी उनकी लोकतंत्र विरोधी, तानाशाही पूर्ण ख़ास प्रवृत्ति का नमूना है।
● सीपीएम पोलित ब्यूरो को केरल की जनता पर पक्का यकीन है कि वह भाजपा और आरएसएस की अन्धेरेयुगीन और एकता तोड़क राजनीति को खारिज करेगी।
● पोलित ब्यूरो ने कहा है कि सीपीएम पूरे देश भर में अभियान चलाकर भाजपा के महिला विरोधी रवैय्ये तथा उच्च जातिवादी पितृसत्तात्मक बेहूदगी की पैरोकारी का पर्दाफ़ाश करेगी।
● पोलित ब्यूरो ने केरल की एलडीएफ सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने का दावा करने वालो की हिंसा और गुंडई को रोकने के लिए उठाये जा रहे क़दमों की सराहना की है।
Amit Shah’s Speech Condemned;CPI(M) PB

● BJP President Amit Shah has challenged the Supreme Court order on the entry of women to the Sabarimala temple and incited his partymen to defy the verdict, in his speech in Kerala. In doing so, he has exposed the real hand behind the violent protests against women’s entry into Sabarimala.
● It is such incitement which has also led to the highly condemnable arson attack on the ashram of Swamy Sandeepananda Giri.
● That the ruling party President so blatantly ridicules the SC judgement is in keeping with the RSS-BJP’s contempt for the Constitution and the Supreme Court. The threat of toppling the Kerala State Government if it
continues to uphold the SC judgement is another display of the anti-democratic, authoritarian attitude typical of Amit Shah.
● The Polit Bureau of the CPI(M) is confident that the people of Kerala will reject the regressive and disruptive politics of the BJP and the RSS.
● The CPI(M) will expose throughout the country the anti-women stand of the BJP and its upholding of the patriarchal upper caste order.
● The Polit Bureau appreciates the steps being taken by the LDF Government to stop violence and hooliganism by those claiming to oppose the Supreme
Court judgement.

 

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