बिलासपुर : सामाजिक बहिष्कार निवारण कानून लागू किए जाने के लिए एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन “सामाजिक बहिष्कार ” : जैसी अमानवीय और ग़ैरसंवैधानिक परिपाटी हमारे समाज में आख़िर कब तक चलती रहेगी.

संयुक्त नागरिक संघर्ष समिति

23.10.2018: बिलासपुर 

हाल ही में कोटा क्षेत्र के शिवतराई गांव की रहने वाली आदिवासी युवती सुनीता पोर्ते के साथ हुई सामाजिक बहिष्कार की दुखद घटना, इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने को मजबूर करती है।

चुनी हुई सरकारों का ये दायित्व बनता है कि इस दिशा में ज़रूरी और कठोर कदम उठाए और कड़े कानून बनाए। सामाजिक बहिष्कार की ये घटनाएं समाज मे धार्मिक कुरीतियों को भी बढ़ावा देती हैं। वर्तमान बीजेपी सरकार ऐसी धार्मिक कुरीतियों को बढ़ावा देती सी लगती हैं। ऐसी बुराइयां, फांसीवादी ताकतों के लिए उर्वरक की तरह होती हैं । हम सभी को इसके ख़िलाफ़ कड़ा कानून बनाने के लिए आवाज़ बुलन्द करनी चाहिए।


लिहाज़ा *संयुक्त नागरिक संघर्ष समिति(बिलासपुर)* बिलासपुर के देवकीनन्दन चौक पर एक दिवसीय सांकेतिक विरोध/धरना प्रदर्शन का आह्वान किया जिसमें विभिन्न सामाजिक संघटनो, और लोगों ने अपनी उपस्थिति और समर्थन दर्ज कराया।

यहां हमने, सभी राजनीतिक पार्टीयों से इस गंभीर मुद्दे को उनके मेन्युफेस्टो में शामिल करने की मांग की और ये अनुरोध किया कि वे इस विषय पर बने कानून को प्रभावी ढंग से लागू करवाएं, और समाज मे इसकी जागरूकता के लिए प्रयास करें।
हम पुलिस से भी ये अनुरोध करते हैं कि, ऐसे प्रभावित लोगों को शासन की तरफ़ से पर्याप्त सुरक्षा व सहायता प्रदान कि जाए।

 

इस धरना प्रदर्शन में प्रियंका शुक्ला, नीलोत्पल शुक्ला, नंद कश्यप, अनुज श्रीवास्तव,रवि बनर्जी, शौकत अली, अनीश श्रीवास, लखन सुबोध,पवन शर्मा, एच् डी पाईक सूर्यकांत, यमन, स्वप्निल तवादकर एवम अन्य

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