मानव तस्करी रोकने के लिये केन्द्रीय कानून बने .: ड्राफ्ट तैयार करेंगे . पत्थल गांव में सेमिनार .

मानव तस्करी के रोकथाम पर राज्य स्तरीय कार्यशाला

पत्थलगांव : 15 अक्टूबर 2018

याकूब कुजूर की रिपोर्ट 

 

आशादीप पत्थलगांव में निर्मला निकेतन दिल्ली, जीवन झरना कांसाबेल और जीवन विकास मैत्री पत्थलगांव के संयुक्त तत्वाधान में मानव तस्करी के रोकथाम पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था । जिसमें 20 संस्थाओं के 70 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला का संचालन चिन्मयी और सुभाष भटनागर ने किया। मानव तस्करी के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया, जैसे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक। विचार प्रस्तुत करने वालों में प्रमुख थे सुभाष, चिन्मयी, फादर याकूब कुजुर सिस्टर अन्नी, राजू अवस्थी, विजय गुप्ता, शाहनवार खान राजीव अवस्थी आदि। मानव तस्करी को सभ्य समाज का कलंक कहा गया । इसके समाधान के विभिन्न पहलुओं हो सकते हैं लेकिन मुख्य रूप से कानूनी पहलू पर विचार विमर्श किया गया। यह स्वीकार किया गया कि छत्तीसगढ़ निजी नियोजन अभिकरण विनियमन अधिनियम 2013 पर्याप्त नहीं है। इस समस्या के समाधान में इसमें सिर्फ प्लेसमेंट एजेंसियों के बारे में ही कहा गया है और पीड़ितों (घरेलू कामगारों ) के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।

दूसरी ओर छत्तीसगढ़ उद्गम क्षेत्र है गंतव्य नहीं। प्लेसमेंट एजेंसी गंतव्य क्षेत्र में हुआ करती हैं। इसलि यह अनुभव किया गया कि एक केंद्रीय कानून बने ताकि भारत के हर कोने में लागू हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक ड्राफ्ट विधेयक का सर्वसम्मति से अनुमोदन कर केंद्र और राज्यों में कानून बनाने के लिए विधायिकाओं से आग्रह करना सुनिश्चित हुआ। सांसदों और विधायकों पर दबाव डालना ताकि इस विधेयक को विधायिकाओं में पारित कराएं। कानून बन जाने मात्र से ही समस्या का समाधान नहीं होगा उसे ईमानदारी से लागू करने से होगा । पुलिस प्रशासन और पीड़ितों के बीच सहयोग की भावना जरूरी है ।

कार्यशाला में स्वाति यादव संतोषी राठौर, अनूप तिर्की, परेल रात्रि, भगवती साहू, कविता साहू, सुषमा विश्वास, किरण चौहान, एनोस तिग्गा, तमन्ना विश्वकर्मा, रामप्रसाद आगरी, अशोक एक्का, राजीव अवस्थी, जुनस तिर्की, हेमंत लकड़ी, मंत्री लकड़ा, सुरेंद्र तिर्की, टिकेश्वर एक्का, विष्णु प्रसाद आदि उपस्थित थे।

कार्यशाला के अंत में मानव तस्करी के रोकथाम पर कार्य करने के लिए राज्य स्तरीय एक समिति का गठन किया गया। याकूब कुजूर ने इस कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सभी को धन्यवाद दया, विशेष रूप से निर्मला निकेतन के सुभाष व तन्मयी को जिनके अथक प्रयास से यह कार्यशाला सफलता पूर्ववक संचलित हो कर सम्पन हुआ।
**

Leave a Reply

You may have missed