लोकतंत्र ,अहिंसा ,अमन और सामाजिक न्याय के मूल हक़ आज संकट में हैं ,दिल्ली में राज कर रहे लोग संविधान को खतम करना चाहते है : संविधान सम्मान यात्रा के प्रथम चरण का समापन।

बिलासपुर 15.10.2018

लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, विविधता, समता और न्याय की रक्षा के लिए नफरत, असमानता, हिंसा, और संसाधनों की लूट के खिलाफ आयोजित यह यात्रा जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय द्वारा दांडी, गुजरात से प्रारंभ होकर बिलासपुर पहुची .

तीन चरणों में देश के 26 राज्यों से होकर 65 दिनों की यात्रा के बाद 10 दिसम्बर को दिल्ली में समापन होगा।

संविधान यात्रा का मुख्य कार्यक्रम लायंस क्लब सभा कक्ष में हुआ . यात्रा में शामिल पर्यावरण विद् प्रफुल्ला सामंतरा ,आनंद मिश्रा , मीरा संध मित्रा .सुहास ताई कोल्हेकर ,कलादास डेहरिया ,नंद कश्यप ,प्रियंका शुक्ला , सुनीता रानी ,असीत दा ,कृपाल सिंह मंडलोई खुदाई खिदमतगार .जगन्नाथ जी.आदि ने संबोधित किया.


वक्ताओं ने अपने संबोधन मे कहा कि जो लोग आज संविधान के अनुरूप काम कर रहे है उनके ऊपर आज हमले हो रहे है ,लोकतंत्र ,अहिंसा ,अमन और सामाजिक न्याय के मूल हक़ आज संकट में हैं ,दिल्ली में राज कर रहे लोग संविधान को खतम करना चाहते है . किसानों मजदूरों को न्याय नहीं मिल रहा हैं ,किसान आत्महत्या कर रहे है ,लगभग सभी श्रमिकों के हितकारी कानून बदल दिये गये .पेसा कानून ,पांचवीं अनुसूचित हो वनाधिकार कानून होने के बाबजूद यह सरकार उसके खिलाफ काम कर रही हैं .


भारत को हिन्दू राष्ट्र मे तब्दील करने का षड्यंत्र भारत की परंपरा और संविधान के खिलाफ है,इस कोशिश को हम कामयाब नहीं होने देंगे
। संविधान की रक्षा करने के लिये जब आम जन खडा हो जायेगा उस दिन किसी सरकार की हिम्मत नहीं होगी उसे छेडने की.

2019 में यदि यह सरकार दुबारा आती है तो देश बडे संकट में पड जायेगा .

संविधान सम्मान यात्रा का बिलासपुर पहुचने पर तिफरा में छतीसगढ राज्य विधुत जनता यूनियन के साथियों ने यात्रा का स्वागत किया .

यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रफुल्ला सामंतरा (लोक शक्ति अभियान, ओड़िशा), मीरा संघमित्रा (एनएपीएम, तेलंगाना-आंध्र प्रदेश , , जगन्नाथ, मोहनलाल (संगतिन किसान मज़दूर यूनियन, उत्तर प्रदेश), जितेन्द्र पासवान, आकाश शर्मा दिनेश मुकाती (सेंचुरी मिल संघर्ष, सत्राती, खरगोन, मध्य प्रदेश),, जगदीश ,(नर्मदा बचाओ आन्दोलन), भूपेंद्र सिंह रावत (जन संघर्ष वाहिनी, दिल्ली), सुहास कोल्हेकर, (एनएपीएम, महाराष्ट्र), राजू विश्वकर्मा (एनएपीएम, झारखण्ड), सुनीता ,उमा ,आर्य मन (एनएपीएम दिल्ली), ऋषिपाल मलिक (भारतीय किसान मज़दूर संयुक्त यूनियन), संजय नाजरे, अभिषेक (कोल्हापुर, महाराष्ट्र), आर्यमान जैन, आर्यन (दिल्ली), अक्षित (गुहार),, रिम्पी, पल्लब (डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी, असम), कलादास छतीसगढ मुक्ति मोर्चे ,मजदूर किसान कार्यकर्ता समन्वय समिति .

 

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