हैप्पी बर्थ डे रेखा गणेशन वन ऑफ द मोस्ट आउटस्टैंडिंग एन्ड सेल्फ मेड पर्सनालिटी ऑफ बॉलीवुड !!

* बादल सरोज

#रेखा

● रेखा एक दृष्टि हैं । उन कैरियरिस्ट और चतुर बच्चों को दूर से ही भांप लेती है जो सारी उछलकूद और अपनी पारी खेलने के बाद जैसे ही खुद का नम्बर आता है वैसे ही बिसूरकर कहते है “नईं अब हम नईं खेलेंगे, मम्मी नाराज होंगी “। बाकियों का सबकुछ खर्च करा लेने के बाद, अपने पैसे छुपा लेते हैं, खोज लिए जाने पर कहते हैं, “ये तो दादी की दवा के पैसे हैं ।” इस डेढ़ स्यानपट्टी से चिढ़ने की बजाय उनकी आंखें मुस्कुरा कर कहती हैं : ” रहन दे, तुझ पै नही हो पायेगा प्रेम-व्रेम 😊😊 जा घर जाके ब्रश करके सो जा बबुआ ।”

● रेखा एक इस्तगासा हैं । एक जीतीजागती चार्जशीट । उस मुकद्दमे की जो उसके ख़िलाफ़ नहीं जो उनके लायक नहीँ था, उन सबके खिलाफ है जो उनके साथ नहीँ है । उनकी मौजूदगी ही उनकी पैरवी है । इस कदर प्रभावी और तेजस्वी कि शहंशाह की झुकी और शर्मसार नजरों के रूप में कन्विक्ट की शिनाख्त परेड भी करा जाती हैं .

● रेखा एक व्यक्तित्व है, सचमुच की असाधारण शख्सियत । विक्टिम सिंड्रोम से मीलों दूर, ”हाय मर जायेंगे – हाय लुट जायेंगे” के रुदाली रुदन से परे – खुद के किये के लिए किसी हतभाव या मलाल, शिकवे और शिकायत के बिना । उनकी यह ताब जिन्हें डराती है वे औरत को विछोह के अवसाद और अनकिये के पश्चाताप में देखना चाहने वाले पितृसत्ताक मनोरोगी हैं । इनकी कारगर एन्टी डोज हैं वे ।

● रेखा गरिमामय स्त्रीत्व की सुप्त ज्वालामुखी है। उन्होंने डर्टी पिक्चर की नायिका का अंत चुनने की बजाय तटस्थ मौजूदगी भर से महानायक की पिक्चर डर्टी कर दी । बाकियों को भी खुद के अंदर झांकने पर विवश कर दिया । वे विरह का उत्सव हैं , सशरीर !!

● रेखा एक आईना हैं । जिसमें, उनकी कहानी के जरिये, दुनिया के उन पुरुषों-महापुरुषों की कायरता का प्रतिबिम्ब दिखता है जिनके लिए मोहब्बत एक लाभ-हानि के गणित से आंके जाने वाले फ़्लर्ट से अधिक कुछ नही है ।

● रेखा से अपना लेना-देना उनके अभिनय और कमाल के नृत्य के प्रशंसक के अलावा इतना और है कि वे हमसे कुछ महीने बड़ी हैं और इस तरह आयु की वर्षों के मनोवैज्ञानिक बोझ से निवृत्त कर देती हैं । युवा बनाये रखती हैं ।

● हैप्पी बर्थ डे रेखा गणेशन वन ऑफ द मोस्ट आउटस्टैंडिंग एन्ड सेल्फ मेड पर्सनालिटी ऑफ बॉलीवुड !!

【सीधी और उसके गांवों में दिन भर चली चुनावी मीटिंगों के बाद इतना करना तो बनता है।😉😉】
★ इस पोस्ट के लिए प्रोवोक करने के लिए थैंक्स शिफाली हूं.

बादल सरोज.

CG Basket

Leave a Reply

Next Post

जीडी अग्रवाल , स्वामी ज्ञान स्वरूप  सानंद  ःः   86 बरस में 111 दिन... नथमल शर्मा  .

Thu Oct 11 , 2018
11.10.2018 मां की आराधना के दिन हैं ये । सब तरफ मां की भक्ति में लीन हैं लोग । ऐसे […]

You May Like