शंकरगुहा नियोगी शहादत दिवस : शहादत स्थल पर पहुंचा मजदूरों का जत्था .भिलाई .

29.09.2018/ भिलाई 

नियोगी जी एक व्यक्ति नही, धारा थी एक धारा है”के नारों के साथ 28 सितम्बर के दिन दुर्ग रेल्वे स्टेशन से जुलूस निकलकर मालवीय चौक होते हुए शंकर गुहा नियोगी के शहादत स्थल पहुँचे जहा मजदूरों किसानों के आंखों से आंसू टपकने लगे महिला साथी जोर जोर से आवाज दे रही थी नियोगी भैया तुम्हारे हत्यारे को नही छोड़ेंगे, शहादत स्थल पर आंसू से आगरे बरस रहे थे जब लाल हरा झंडा फहराया गया उस वक्त गगन भेदी नारो से नियोगी लाल सलाम, दुनियां के अमर शहीदों लाल सलाम से गूंज उठा ,सबसे पहला फोटो 1991 भिलाई आंदोलन का है 2 फोटो नियोगी जी रूम का है वही बेड है जिसमे सोए थे और कारपोरेट ओर सरकारी हत्यारे के इसारे पर भाड़े के हैवानों ने हत्या किया, और बाकी फोटो 28 सितम्बर 2018 रैली का है नियोगी जी का नारा ” नवा भारत बर नवा छत्तीसगढ़’ “हम बनाबो नवा पहिचान राज करही मजदूर किसान” में नई दुनिया, नया छतीसगढ़ ,व्यवस्था परिवर्तन और नया समाज के निर्माण का विचारधारा शामिल  है.

आज भी 4200 मजदूरो भिलाई आंदोलन के मजदूर लड़ रहे है 27 वर्षो से लेकिन इस निर्दयी क्रूर व्यवस्था से मजदूरो को दमन और मौत के अलावा कुछ भी नही मिला है हजारो महिलाये छोटे छोटे बच्चों को लेकर दर्जनों बार जेल की यातना सहन की है जुझारू महिला साथियों के नेत्री सुधाभरद्वाज को अर्बन नक्शल का नाम लेकर गिरफ्तार किया है.


अब एक ही बात है
कब तक सहेज भाई
जालिम का अत्याचार

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