बातें अमन की ” महिलाओं की यात्रा ,प्यार ,शांति ,सद्भाव और अहिंसा के लिये .: रायपुर ,भिलाई ,बिलासपुर ,शक्ती ,रायगढ और पत्थल गांव मे आयेगी यात्रा .

23 सितंबर से 13 अक्टूबर 2018

 

छतीसगढ में कार्यक्रम निम्न हे.

1. 7.10.2018 रायपुर आगमन
2. 8.10.2018 सुबह 10.30. भिलाई
                       शाम 7.00 रायपुर.
3. 9.10.2018 सुबह 10.30 बिलासपुर
                       शाम 7.00 शक्ति
4. 10.10.2018 सुबह रायगढ
                         शाम पत्थल गांव

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पूरे इतिहास में घरों पर, सडकों पर और कार्य स्थल पर हिंसा से मुक्ति के लिये महिलाओं का संघर्ष नज़र आता है .महिलाओं और लडकियों के विरूद्ध हिंसा की घटनायें समाज में महिलाओं के असुरक्षित होने का पैमाना है, और यह असमानता को भी स्थिर रखती है .जब तक महिलायें भय में जीवन गुजारेंगी ,वे कभी अपने समुदाय के सामजिक ,राजनैतिक और आर्थिक विकास में पूरी तरह भाग नहीं ले सकेंगी .
किसी समुदाय को बदनाम करने हेतु या संबंधित समुदायों के सम्मान की रक्षा करने के नाम पर विघटनकारी ताकतों ने बहुत सोचे समझे तरीके से महिलाओं को निशाना बनाया है .परिणामस्वरूप महिलाओं को घरों की सीमाओं में कैद रहने के लिये मजबूर किया गया .इस तरह महिलाओं को दौहरा उत्पीड़न सहन करना पड़ा.
थामसन रायटर्स फाउंडेशन द्वारा किये गये सर्वेक्षण के अनुसार भारत को महिलाओं के लिये विश्व के दस बद्तरीन देशों में सबसे खतरनाक देश बताया गया हैं .इस सर्वे रिपोर्ट के बाबजूद भारत ने इस सच्चाई को मानने से इंकार कर दिया है ,कि यहाँ की अधिकतर महिलाएं सडकों पर ,कार्य स्थल पर ,बाजारों या घरों में अकेले रहने पर अस्तित्व की चिंता का सामना करने के तरीके सीख लेने पर भी स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं .

भारतीय संविधान में महिलाओं को बोलने ,आने जाने की स्वतंत्रता तथा अपने शरीर पर अधिकार के साथ समानता का अधिकार दिया हैं .विशेषरूप से सामूहिक बलात्कारों सहित देश में महिलाओं के विरुद्ध बढती हुई हिंसा की घटनाओं के संदर्भ में संवैधानिक अधिकारों के लिये आव्हान किये जाने की जरूरत है.

इस संबंध में भारतभर की महिल ग्रुप मिलकर एक व्यापक अखिल भारतीय अभियान ” बातें अमन की ” का आयोजन कर रहे है .

” बातें अमन की ” अभियान 22 सितंबर से 13 अक्टूम्बर ,2018 तक चलाये जाने की योजना हैं .हमें उम्मीद हैं कि इससे भारत भर की महिलाओं और पुरूषों को शांति सद्भावना ,प्रेम का प्रचार करने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने के लिये उठ खडे होने की प्रेरणा मिलेगी .
हम समझते है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हो रहा हैं ,जिससे सीधे महिलायें प्रभावित हुईं है. इसमें अपनी पसंद के कपडे पहनने ,बोलने , लिखने ,खाने तथा चुनने के हमारे अधिकार और वे अधिकार शामिल है ,जिन्हें हमने सख्त लडाई करके और सतत् नारीवादी संघर्षौ के माध्यम से प्राप्त किया है.

कठुआ और उन्नाव बलात्कार के मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया से महिलाओं और नागरिकों के तौर पर हम सभी भयभीत हैं .हम देख रहे है कि कानून के बर्चस्व और समानता के प्रति बुनियादी संवैधानिक प्रतिबद्धता में निरंतर गिरावट आ रही हैं . बलात्कार की इन घटनाओं को जिस तरह राजनीति और धर्म से जोडा जा रहा हैं उसे भी स्वीकार नहीं किया जा सकता .हद तो यह है कि बलात्कार को लोगों के सांम्प्रदायिक आधार पर बांटने के लिये स्तेमाल किया जा रहा हैं .इस बात के व्यापक साक्ष्य मौजूद है .

” बातें अमन की ” अभियान का उद्देश्य भारत की महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर होने वाले लक्ष्यध्द हमल़ों के विरुद्ध संघर्षौ करना है .इस अभियान के माध्यम से हम अधिकारों की रक्षा हेतु साथ साथ खड़े होने के लिये महिँलाओं और पुरूषों को लामबद्ध करना तथा और अधिक शांतिपूर्ण ,न्यायपूर्ण एवं अहिंसात्मक समाज के निर्माण के लिये अनेक महिला संगठनों और जन आंदोलनों से जुडना तथा उन्हें साथ लाना चाहते है .

” बातें अमन की ” अभियान के अंतर्गत 22 सितंबर 13 अक्टुबंर { दिल्ली में समापन } के बीच पांच महिला यात्रायें निकलेंगी .

वे 1 केरल 2. तामिलनाडु 3. जम्मू काशमीर ,4. असम 5. दिल्ली से शुरु होंगी. दिल्ली से शुरू होने वाली यात्रा केन्द्रीय भारत को कवर करके वापस दिल्ली आयेगी .

प्रत्येक यात्रा में 25 महिलायें होंगी .यह यात्रा देशभर में प्यार ,अहिंसा ,सद्भाव ,ओर शांति का संदेश फैलायेंगी . भारत के अधिकतर शहरों ,कस्बों और गांव के विभिन्न महिला ग्रुपों तथा जन संगठनों की स्थानीय समन्वय समितियों का गठन करने और महिला समूहों को मेजबानी के लिये आमंत्रित किया जायेगा .मेजबानी में सभी अमन पसंद नागरिकों के साथ सामंजस्य करना ,जन सभाओं और सांसकृतिक कार्यक्रम का आयोजन ,भोजन और ठहरने की व्यवस्था शामिल है.

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