दंतेवाड़ा ,समेली पांडूपारा : युवती आई होश में ,उसने कहा मेरे साथ बलात्कार हुआ है .युवती को झूठ साबित करने में लगी है पुलिस .

 

 

19.09.2018/ दंतेवाड़ा 

लिंगाराम कोडपी की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ राज्य के दन्तेवाड़ा जिला ग्राम पंचायत समेली के पांडू पारा के जिस युवती का बलात्कार हुआँ था उस युवती को आज होश आया हैं। युवती ने कह दिया कि उसके साथ बलात्कार हुआँ हैं।

इस तरह का गिनौना कृत्य करने वाले C.R.P.F. के जवान है। ग्राम पालनार और ग्राम समेली इन दोनों पंचायत के बीच की दूरी 9 किलोमीटर हैं। दोनों गाँव में C.R.P.F. केम्फ हैं। हर दिन सुरक्षा के नाम पर केम्फो से C.R.P.F. के जवान निकलते हैं।

आदिवासियों की सुरक्षा करते हैं या सड़क की सुरक्षा करते हैं यह बात तो C.R.P.F. के जवान ही बता सकते हैं। रायपुर में बैठे C.R.P.F. के A.D.J., A.K.सिंग,D.I.G., I.G. व अन्य अधिकारियों से कौन पूछेगा कि सुरक्षा के नाम पर आदिवासी महिलाओं का बलात्कार, पुरुषों की हत्या क्यों हो रही हैं? लगता हैं C.R.P.F. के जवान दारू पीकर सुरक्षा करते हैं। वैसे भी C.R.P.F. के जवानों को भारी मात्रा में राज्य शासन और केंद्र शासन शराब मुहैया कराती हैं।

के. पी. एस. गिल ने जिस तरह पत्रकारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री की पोल खोली ” वेतन लो चुपचाप मौज मस्ती करो ” K.P.S. गिल शायद ईमानदार पुलिस अफसर हैं। ईमानदारी की वजह से उन्होंने रमनसिंह का ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि खुद के ऐसोआराम के लिए मासूम आदिवासियों की नक्सल के नाम पर हत्या नहीं करवाना चाहते थे। ऑफर को स्वीकार कर लिये होते तो आज छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के आदिवासियों का क्या होता आप सोचिये?

यह कोई पहली घटना नहीं हैं, 2017 में कैश लेस कहे जाने वाले ग्राम पालनार के आदिवासी छात्रावास में 17 बच्चों के साथ C.R.P.F.और दन्तेवाड़ा जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के बीच रक्षाबंधन के नाम पर छेड़खानी का मामला सामने आया था।

डॉक्टरों के हवाले से पता चला हैं कि बलात्कार हुआँ भी होगा तो चौबीस घंटे के अंदर पता चल जाता लेकिन 60 घण्टे बाद पता लगाना थोड़ा मुश्किल हैं। हम यकीन के साथ युवती के साथ बलात्कार हुआँ हैं कह सकते हैं क्योंकि युवती उठ बैठ नहीं पा रहीं हैं। कमर में दर्द हाथो व गुप्ताग में भी दर्द बता रही हैं। डॉक्टर तो कह रहे हैं कि खून सही हैं एनीमिया जैसी कोई बीमारी नहीं हैं।

दन्तेवाड़ा की पूरी पुलिस प्रशासन केस को दबाने व बदनामी से बचने के लिये झोलमोल करने में लगा हुआँ हैं। युवती के आसपास 24 घण्टे पुलिस का पहरा हैं। पहरा होने के बावजूद हमारे पास युवती की कही बातों की आडियो टेप हैं। युवती को झूठी साबित करने में तुले हुए हैं।

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