एबीवीपी_द्वारा_जेएनयू_परिसर_में_भयानक_पैमाने_पर_हिंसा – साईं बालाजी ,अध्यक्ष जेएनयू

 

अध्यक्ष जेएनयू  के नवनिर्वाचित अध्यक्ष साईं बालाजी ने यह बयान साझा किया है:

◆आज एबीवीपी के छात्रों ने बर्बर रूप से छात्रों पर हमला किया। मुझे सतलज(होस्टल) में बुलाया गया। मैं जेएनयूएसयू के निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में पवन मीना की सुरक्षा सुनिश्चित करने गया था, जिसे एबीवीपी के छात्रों ने लाठियों से हमला किया था।

◆मैंने वहां पहुंचकर जो देखा वह तो एक हाथापाई की परिस्थिति थी। सौरभ शर्मा की अगुआई वाली भीड़ किसी भी ऐसे छात्र के खून की प्यासी थी, जिसे उन्होंने पवन मीना के मित्र के रूप में चिन्हित किया था और वे स्टिक के साथ छात्रों पर हमला कर रहे थे।

◆उन्होंने खुलेआम मुझे, गीता और अन्य छात्रों को, जो वहां उपस्थित हुए, हिंसा को रोकने में हस्तक्षेप करने पर गंभीर परिणाम की धमकी दी।

◆समूह अब एक भीड़ में बदल गया और झेलम में एक पूर्व जेएनयू छात्र अभिनय पर हमला करना शुरू कर दिया और उसका पीछा करते हुए उसे लॉन में लगभग लिंच ही कर दिया। मैं अभिनय को बचाने के लिए अन्य छात्रों के साथ भागा, जो तब तक पिटने के बाद बेहोश हो गया था। हम उसे एम्बुलेंस ले गए और उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए भेजा।

◆आगे का माजरा और भयभीत करने वाला था। मुझे फिर से भीड़ ने धमकी दी और मेरी सुरक्षा से चिंतित व भयभीत कुछ छात्रों ने मुझे पीसीआर वाहन के अंदर बैठने के लिए कहा। हालांकि आशुतोष मिश्रा और सौरभ शर्मा की अगुवाई में भीड़ ने पीसीआर वाहन को रोक दिया और एबीवीपी के छात्र को मेरे पास बैठा दिया गया। ये दो छात्र बार-बार पीसीआर रोक रहे थे और मुझे धमकी दे रहे थे। मेरे आश्चर्य की इंतिहा हो गई जब सौरभ शर्मा ने झेलम और सतलज के बीच पीसीआर को रोक दिया और पीसीआर वैन के अंदर बैठे एबीवीपी के छात्र ने दरवाजा खोला। मुझे और अधिक खतरे खोलने पर मुझे और धमकियां दी गई और एबीवीपी छात्रों द्वारा पीसीआर वैन के अंदर मुझ पर शारीरिक हमला तक किया गया।

◆मैं चौंक गया और मेरी सुरक्षा से डरकर मैंने पीसीआर से मुझे वसंत कुंज थाना ले जाने के लिए कहा। मेरा स्वास्थ्य बिगड़ गया और मैं दवा लेने के लिए अपने छात्रावास में वापस आया। अब मैं शिकायत दर्ज कराने के लिए थाना जा रहा हूं।

■■■कुछ देर बाद की अपील■■■

मैंने अभी पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन एबीवीपी पुलिस स्टेशन के बाहर बाउंसर और स्टिक वाले छात्रों को संगठित कर रहे है। सौरभ शर्मा ने थाने में धमकी दी है कि बाहर आने के बाद वह मुझे खत्म कर देगा। मेरे और मेरे साथ रहने वाले अन्य छात्रों के लिए जान का गंभीर खतरा है। शुभांशु और शहजाद मेरे साथ हैं। कृपया हमें सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस पर दबाव डालें। यह एक अपील है।

एन साईं बालाजी
जेएनयूएसयू अध्यक्ष
From Pushan Bhattacharya wall

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