किसानों को राजनांदगांव में नहीं दी रायपुर तक पदयात्रा की अनुमति ,.किया हजारों किसानोंं को गिरफ्तार .:. स्टेडियम को बनाया अस्थायी जेल . चारों तरफ हो रही है गिरफ्तारी की आलोचना .

14.09.2018, राजनांदगांव 

पिछले दो वर्षों का बोनस, कर्ज माफी, डेढ़ गुना समर्थन मूल्य, फसल बीमा राशि का भुगतान सहित अन्य मांगों पर दिनांक 14 से 17 तारीख तक आयोजित किसान संकल्प यात्रा राजनांदगांव से रायपुर की और रवाना होने के पहले प्रशासन ने रोक लगा दी ,अनुमति के लिये किसान नेता कलेक्टर से चर्चा करते  रहे . लेकिन प्रशासन रमन सिंह के बेटे अमिषेक सिंह और खुद रमन सिंह के विधानसभा क्षेत्र से यात्रा रवाना न होने के लिये कटिबद्ध था. बाहर भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया गया था. जब कि ठीक इसी समय बस्तर से किसान लगभग इन्ही मांगो को लेकर पदयात्रा करते हुये कांकेर तक  पहुंच भी गये हैं .

एक साल पहले भी राजनांदगांव किसान संघ की संकल्प यात्रा को बुरी तरह निर्ममता से कुचल दिया था ,किसानों की घरों से गिरफ्तारी की गई  थी और रायपुर के धरना स्थल बूढा तालाब को पुलिस छावनी में बदल दिया था ,तथा धारा 144 लगा दी थी. रायपुर सहित पूरे प्रदेश में हजारों किसानों को गैरकानूनी तरीके से रोका गया तथा गिरफ्तार किया गया था .

सच यही हैं कि राज्य सरकार और भाजपा किसानों के आंदोलन और असंतोष से घबरा गई हैं और ऊल जलूल तरीकों से कदम उठा रही है.

प्रदेश के किसान संगठनों ,मानव अधिकार संगठनों और जन संगठनों और मजदूर संगठनों  ने इस गिरफ्तारी की निंदा की है .

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