रायगढ ःः एनटीपीसी लारा में 176 दिन से आंदोलन जारी , प्रशासन और पुलिस के दबाव और गिरफ्तारियों के बाबजूद आंदोलनकारी जेल में अनशन पर 18 की तबीयत बिगडी 4 अस्पताल में भर्ती .

13.09.2018 / रायगढ

गणेश कछवाहा की रिपोर्ट 

एन टी पी सी लारा में छत्तीसगढ़ सरकार की आदर्श पुनर्वास नीति,तथा प्रभावितों को रोजगार देने की मांग को लेकर छपोरा चौक में प्रभावितों एवं ग्रामीणों द्वारा लगभग 176 दिनों से शान्ति पूर्वक धरना प्रदर्शन किया जा रहा था।बताया जा रहा है कि नियमानुसार 117 लोगों को नोकरी रोजगार देने का प्रावधान था उसमें से लगभग 50 लोगों को आज तलक रोजगार नहीं दिया गया ।प्रभावित माननीय उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात है कि भाजपा के पूर्व विधायक ने भी अपने समर्थकों के साथ आंदोलन स्थल जाकर आंदोलन का समर्थन किया था। यह उल्लेखनीय है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन और एन टी पी सी के विधिवत उद्घाटन करने की खबर आ रही है।

उद्योग प्रबंधन एवं रमन सरकार द्वारा आंदोलन कारियों से सीधे न तो कोई संवाद कर रही है और न ही वस्तु स्थिति को स्पष्ट कर रही है। भूअर्जन मुआवजा विस्थापन को लेकर गम्भीर बड़े पैमाने पर घोटाले बाजी एव भ्रष्टाचार की खबरे और शिकायतें भी प्रमुख चर्चा में रही है।पूरे प्रकरण में कोई पारदर्शिता नहीं है

 

10 सितम्बर से आंदोलन को तेज करते हुए अनशन शुरू किया गया।सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।प्रशासन ने आंदोलन स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया।प्रशासन ने आंदोलन को समाप्त करने का जोर देती रही ।आंदोलन कारी अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन करने पर अड़े रहे।वार्ता विफल होने पर आनन फानन में अनशन कारियों सहित ग्रामीणों को भी भारी संख्या में गिरफ्तार कर उर्दना पुलिस कैम्प ले जाया गया।कुछ प्रमुख नेताओं को पुसौर थाने में रखा गया। जिसमें प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता अनिल अग्रवाल चीकू, जयंत बहिदार और राधेश्याम शर्मा शामिल थे। निशर्त रिहा की मांग करते हुए जमानत न लेने पर जेल भेज दिया गया। सभी ने वहीं अपने अनशन को जारी रखा। जेल प्रबंधन के अनुसार 3 लोगों में से 22 लोग अनशन पर बैठे हैं।इनमें से18 लोग वह है जिनके खिलाफ धारा 151 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

 

दूसरे दिन महिलाओं को रिहा कर दिया गया।अनशन के कारण कुछ लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा।18 लोगों के स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर आ रही है।अभी चार लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। ग्रामीण उनके समर्थन में धरना में बैठे हुए हैं। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने कलेक्टर से मिलकर आंदोलन कारियों को निशर्त रिहा करने की मांग की ।जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा रायगढ़ ने गिरफ्तारी की कठोर निंदा करते हुए आंदोलन कारियों को रिहा करने की मांग की।आज कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने विरोध प्रकट करते हुए पुतला दहन किया।

खबर है कि जयंत  बहिदार, राधेश्याम शर्मा ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है।

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