छतीसगढ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय : महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिये 730 दिन का सवैतनिक अवकाश मिलेगा .जल्दी नियम बनाने के निर्देश .चाइल्ड केयर लीव लागू करने का आदेश.

छतीसगढ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय : महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिये 730 दिन का सवैतनिक अवकाश मिलेगा .जल्दी नियम बनाने के निर्देश .चाइल्ड केयर लीव लागू करने का आदेश.

छतीसगढ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय : महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिये 730 दिन का सवैतनिक अवकाश मिलेगा .जल्दी नियम बनाने के निर्देश .चाइल्ड केयर लीव लागू करने का आदेश.

 बिलासपुर/ पत्रिका दिनांक 9.09.2018 

छतीसगढ हाईकोर्ट ने शासकीय महिला कर्मचारियों के लिये चाइल्ड केयर लीव लागू करने का आदेश जारी किया है .इस आदेश के बाद अब 730 दिनों का अवकाश मिलेगा इस अवधि में पूरा वेतन प्राप्त होगा .

सिम्स में अर्चना सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके कहा कि केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश शाशन ने बच्चों की देखभाल के लिये चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान लागू किया है .यही सुविधा छतीसगढ की महिलाओं के लिये भी शूरू की जायें.केन्द्र सरकार ने छठवें वेतन मान के साथ चाइल्ड केयर के लिये 730 दिनों का अतिरिक्त अवकाश बच्चों के लालन पालन के लिये स्वीकृत किया है .यह योजना देश के कई राज्यों ने लागू भी की हैं। लेकिन छतीसगढ में यह सुविधा लागू नहीं की गई हैं .
हाईकोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद छतीसगढ शासन से जबाब मांगा था ,जबाब मिलने के बाद शुक्रवार को जस्टिस पी सैम कोशी की एकल पीठ में मामले की अंतिम सुनवाई की गई .जस्टिस कौशी ने मध्यप्रदेश शासन की तर्ज़ पर छतीसगढ की महिलाओं के लिये भी चाइल्ड केयर लीव लागू करने के आदेश दिये.हांलाकि यह सुविधा कब शुरू होगी इसके लिये कोई समय सीमा तय नहीं की गई हैं.

राज्य शासन को जल्दी नियम बनाने के निर्देश .

एकलपीठ ने 730 दिनों के लिये अवकाश के लिये जल्द ही अधिसूचना जारी करने के आदेश दिये हैं .हाई कोर्ट ने कहा हैं कि जितना जल्दी हो सके यह नीयम अस्तित्व में लाये जायें.कोर्ट ने यह भी कहा कि जब अधिकतर राज्यों में यह लागू है तो छतीसगढ में क्यों नही.

बच्चे के वयस्क होने तक ले सकते है यह अवकाश ,पूरी सैलरी मिलेगी .

कोर्ट ने कहा कि एक बार यह नीयम लागू होने के पश्चात माता- पिता बच्चों के वयस्क होने यानी 18 वर्ष की अवधि तक टुकड़ों में या एक साथ केयर लीव ले सकते हैं इस अवधि की सैलरी पूरी मिलेगी .

सभी सरकारी संस्थानों ,स्कूल – कालेजों में लागू होगा नियम.

चाइल्ड केयर लीव का नियम राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी संस्थानों पर भी पूरी तरह से लागू होगा .वैसे केन्द्र शासन के उपक्रमों में तो यह 2010 से लागू हैं .अब राज्य सरकार के उपक्रमों ,विभागों ,अंडरटेकिंग संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा .इसके तहत सरकारी कालेजों ,स्कूलों ,या राज्य शासन से किसी भी तरह की आर्थिक सहायता लेने वाले शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत लोगों को इसका लाभ मिलेगा .

अवकाश एक बार या किश्तों में ले सकेंगे .

चाइल्ड केयर लीव से आशय आकस्मिक परस्थितियों में बच्चों की परवरिश के लिये लिये जाने वाला अवकाश हैं .इसे बच्चे के 18 वर्ष होन तक कभी भी लिया जा सकता है.बच्चा बीमार हो ,अस्पताल में भर्ती हो या उसे किसी अन्य शहर में भर्ती करवाना हो या किसी अन्य परिस्थितियों से निबटना हो तब केयर लीव लिया जा सकता हैं .इसे लगातार एक बार में 730 दिन या जैसी जरूरत हो वैसे लिया जा सकता हैं.

केन्द्रीय कर्मचारियों को यह लाभ 2010 से मिल रहा हैं .

सरकारी अधिवक्ता सुनील काले ने बताया कि केन्द्रीय कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव का फायदा 2010 से मिल रहा हैं .

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पत्रिका दिनांक 9.09.2018

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