लोकतांत्रिक परंपरा को बनाए रखने और जनता की बेहतरी के लिए 10 सितंबर आम हड़ताल को सफल बनाएं. : वामपंथी पार्टीयां बिलासपुर

8.09.2018. बिलासपुर 

आज देश बेहद अराजक दौर से गुजर रहा है , भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकारें एक ओर चुनाव जीतने नित नए हथकंडे अपना रही है वहीं दूसरी ओर वो आम मेहनतकश किसानों मजदूरों छोटे व्यापारियों की जेब काट रहीं हैं ,न ही रोजगार पैदा हुए और न ही लोगों की आमदनी में इजाफा हुआ लेकिन 15 लाख रुपए खातों में डालने वाले जुमले की तरह अब नया जुमला आ गया पोस्ट मेन आपको घर आकर पैसे दे जाएगा , एक ओर डाक कर्मचारी पर काम का अतिरिक्त बोझ लाद दिया दूसरी ओर बिना सुरक्षा के धन लेकर चलने की जिम्मेदारी लाद दिया और श्रेय खुद ले रहें हैं प्रधानमंत्री कि मैं लोगों के घरों तक धन पहुंचा रहा हूं, छत्तीसगढ़ सरकार शराब बेच रही है और आम नागरिकों के धन से मोबाइल बांट मंत्री मुख्यमंत्री का फोटो छपवा उसका श्रेय खुद ले रहे है मानों अपने घर के पैसों से बांट रहे हों , जबकि सच्चाई यह है कि लोगों का खर्च बढ़ा रहे , पिछले चार सालों में मोदी सरकार ने रोजगार पैदा करने की कोई सच्ची कोशिश नहीं किया है कभी चाय से तो कभी पकोड़े से यहां तक कि भीख से रोजगार पैदा करने की बात कर देश के करोड़ों बेरोजगारों को अपमानित किया है ,

2014 में भाजपा ने वादा किया था कि वह भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाएगा परंतु मोदी राज में बैंकों से जनता का जमा धन लेकर विजय माल्या, मेहुल चौकसी,नीरव मोदी सहितअनेक धनपति देश का लगभग एक लाख करोड़ रुपए लेकरफरार हो गए राफेल विमान घोटाला को देश में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला बताया जा रहा है विशेषज्ञों द्वारा , विदेशों से काला धन लाकर हरेक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा कराएगा, किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देगा,उस आधार पर आज धान खरीदी कम से कम 2800 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए, देशभर में मेहनतकशों को जीने लायक सुविधा देने का वादा पूरा करने न्यूनतम वेतन 18000 रुपए दिए जाने की जरूरत है

पूरे देश में कुछ लोग अपनी सेना बना भीड़ में कभी गोरक्षा के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर तो कभी अन्य कारणों से हत्याएं कर रहे हैं और कहीं कहीं पर सत्ताधारी लोग हत्यारों को संरक्षण दे रहे उन्हें महिमा मंडित कर रहे, सुप्रीम कोर्ट ने भीड़ की हिंसा पर केंद्र और राज्य सरकारों को कानून बना अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए परंतु भीड़ की हिंसा बदस्तूर जारी है

मोदी सरकार लोकतांत्रिक भावनाओं की अवहेलना करते हुए किसी समस्या पर संसद में बहस कराने से बचती है, राफेल पर उसने संयुक्त संसदीय समिति के द्वारा जांच कराने से मना कर दिया , इसलिए लोकतांत्रिक परंपरा को बनाए रखने और जनता की बेहतरी के लिए 10 सितंबर आम हड़ताल को सफल बनाएं.

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पवन शर्मा। रवी बेनर्जी। ललन राम
सचिव सीपीआई सचिव सीपीएम सीपीआई(एम एल )लिबरेशन नंद कश्यप छत्तीसगढ़ किसान सभा

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