बिलासपुर कटघोरा मार्ग किनारे के वृक्षों की कटाई को रोकने के लिये 2 सितंबर रविवार को नेहरू चौक से सेंदरी तक पदयात्रा .सभी को शामिल होने का आग्रह .

30.08.2018/ बिलासपुर

 बिलासपुर कटघोरा मार्ग के किनारे के 4847 वृक्षों की कटाई को रोकने के लिये बिलासपुर के नागरिक पिछले कई दिनों से अभियान चला रहे है , 27 अगस्त को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन दिया गया था ,जिसमें विस्तार से पेडों को न काटने और विकल्प सुझाये थे .
अभियान को आगे बढाने के लिये दो सितंबर रविवार को नेहरू चौक से पदयात्रा चलेगी जो सेंदरी तक जायेगी ,वहां गांव में सभा का आयोजन किया गया है .बरसात में रतनपुर तक का रास्ता पैदल चलने के योग्य नहीं है ,इसलिए प्रथम चरण में यह यात्रा संक्षिप्त की गई हैं .इसके बाद आंदोलन को तेज किया जायेगा .
सभी से आग्रह किया गया है कि वे पदयात्रा में शामिल हों.

कलेक्टर को दिये ज्ञापन में लिखा गया हैं कि निम्न कारणों से वृक्षों की कटाई का विरोध करते हैं.

1. आज वैश्विक तापमान के बढ़ने , मानसून की अनियमितता, निरंतर गिरते जलस्तर और पर्यावरण क्षरण की वजह से बड़े वृक्षों का महत्व बढ़ जाता है और उनको बचाना ज्यादा आवश्यक है।

2. सड़क किनारे के वृक्षों को बचाना इसलिए भी आवश्यक है कि इनके रहने से सड़क के आसपास की भूमि में जलस्तर स्थिर रहता है और सड़क का स्ट्रक्चर मजबूत रहता है।
हम देख रहे हैं कि हाईकोर्ट रोड के वृक्षों को काटने के बाद निर्माण की गई सड़क में हमेशा बड़ीबड़ी दरारें आ रही हैं। हम देख रहे हैं कि सभी वृक्षों को काटकर निर्माणाधीन पेंड्रीडीह से रायपुर मार्ग में भी अभी से दरारें आना शुरू हो गई हैं।

3. सड़क किनारे के वृक्षों को काटना इसलिए भी गैरजरूरी है कि हमने बिलासपुर कोटा सड़क निर्माण में देखा है कि हजारों वृक्षों को बिलावजह काट दिया गया, जबकि सड़क उतनी ही चौड़ाई की बनाई गई जितनी पूर्व में थी मात्र मुरुम शोल्डर बनाने के लिए पेड़ों को काटा गया जबकि कैरिजवे वहां बनाया ही नहीं गया।

4. हमारी मांग है कि भारी वाहनों जिसमें कोयले एवं फ्लाई एश के अधिकतर वाहन होते हैं, के आवागमन हेतु एक अलग से कारीडोर दिया जाए। नियमित यात्री वाहनों एवं आबादी युक्त बिलासपुर रतनपुर कटघोरा मार्ग को मात्र नागरिकों के आवागमन हेतु रखा जाए।

5. वर्तमान में हजारों वृक्षों को काटकर नवनिर्मित रतनपुर – कोटा एवं कोटा – बिलासपुर मार्ग का भी उपयोग किया जा सकता है। जिससे इन वृक्षों को कटने से बचाया जा सकता है।

6. सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की मुख्य वजह सड़कों पर अधिक वाहनों का आवागमन बढ़ने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है तो इसके लिए वृक्षों को काटकर चौड़ाई बढ़ाने के बजाय दूसरे उपाय किए जा सकते हैं जैसे वृक्षों के बाद उपलब्ध सड़क भूमि पर दोनो तरफ 3 – 3 मीटर की सर्विस रोड बना दी जाए जिसमें दोपहिया मोटर वाहन, सायकल और पदयात्री चलें । अधिकतर दुर्घटनाएं बड़े वाहनों से इन्हीं की होती हैं।

हम सभी नागरिक शासन से मांग करते हैं कि हजारों वृक्षों को काटकर बनने वाली बिलासपुर कटघोरा सड़क निर्माण परियोजना एवं इस प्रकार की अन्य परियोजनाओं की पुनः समिक्षा की जावे ताकि बड़े बड़े अमूल्य बहुउपयोगी हमारे पर्यावरण के रक्षक वृक्षों को बचाया जा सके और सबको सुलभ सुरक्षित यातायात हेतु अच्छी सड़कें उपलब्ध हों।

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