ट्रेड यूनियन कांसिल ने सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी की निंदा और प्रतिरोध की घोषणा .:;  1 सितंबर को देवकीनंदन चौक पर साझा मंच का मानव अधिकार कार्यकर्ताओं को रिहाई के लिये प्रदर्शन .

29.08.2028

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ट्रेड यूनियन कौंसिल बिलासपुर ने पीयूसीएल छत्तीसगढ़ की महासचिव सुधा भारद्वाज की गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध किया है, आज शाम 6-30 बजे ट्रेड यूनियन कौंसिल बिलासपुर की आपात बैठक सुधा भारद्वाज जी सहित अनेक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी का विरोध करने हुई, इसमें सर्वसम्मति से सुधा भारद्वाज के गिरफ्तारी का सक्रिय विरोध करने का निर्णय लिया गया,ट्रेड यूनियन कौंसिल बिलासपुर के अध्यक्ष एवं तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष साथी पी आर यादव ने उक्त जानकारी दी , उन्होंने बताया कि
पूरे देश में अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं, मानव अधिकार कार्यकर्ताओं एवं अधिवक्ताओं की आज सुबह से देश भर में पुलिस द्वारा अनेक ठिकानों पर छापे मारी और गिरफ्तारी की गई जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है. गिरफ्तार लोगों में पीयूसीएल की प्रदेश महासचिव, वरिष्ठ वकील, ट्रेड यूनियनिस्ट एडवोकेट सुधा भारद्वाज को फरीदाबाद मे अपने निवास से गिरफ्तार कर लिया गया हैं .

उनके अलावा, देश में कई जगहों से मानव अधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिए गया है हैदराबाद से वरावर राव, महाराष्ट्र से अधि. अरुण फरेरा, वर्नन गोंसाल्वेस, दिल्ली से ही गौतम नौलखा, गोवा से आनंद तेल्तुम्बे. इसके अलावा झारखण्ड में पादरी स्टान स्वामी के निवास पर अलसुबह से ही छापा मार कर पुलिस ने हिरासत में लिया है. जानकारी के अनुसार इन सभी पर पुलिस ने उन पर धारा 153A, 505, 117, 120B IPC धारा 13,16,17,18,18b, 20, 38,39,40 विधिविरुद्ध क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 लगाई है.
बताया जा रहा है कि इन सब को भीमा कोरेगांव प्रकरण से जोडा गया है .

सुधा भारद्वाज छतीसगढ में पिछले 30 सालों से ट्रेडयूनियन में मजदूरों ,किसानों के लिये समर्पित रहीं हैं .सुधा भरद्वाज को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था . उनके द्वारा बस्तर में हो रही ज्यादतियों के खिलाफ छतीसगढ हाई कोर्ट में पीड़ितों को सहायता करने के अलावा मजदूरों ,किसानों ,महिलाओं के पक्ष में हमेशा खडी रहने वाली सुधा छतीसगढ पीयूसीएल की महासचिव हैं. अभी वे नेशनश ला यूनिवर्सिटी दिल्ली में विजटिंग प्रोफेसर है .

वर्त्तमान में देश में बिगड़ते हालातों में लोकतंत्र एवं संविधान पर हमले जिस तरह से बढ़ते जा रहे है, उसमे अधिवक्ताओं की एवं , खास कर मानवाधिकार अधिवक्ताओं की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। इस माहौल में उन अधिवक्ताओ पर जो कि पीड़ित वर्ग को कानूनी सहायता दे रहे हैं उन पर लगातार हमले हो रहे हैं, और कानूनी सहायता देने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है .जो की अत्यंत चिंता की बात है ,ट्रेड यूनियन कौंसिल बिलासपुर इन गिरफ्तारियों को मजदूरों किसानों अनुसूचित जातियों जनजातियों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों पर सीधा हमला मानता है और इसकी कड़ी निन्दा करते हुए सभी गिरफ्तार लोगों की अविलंब निशर्त रिहाई की मांग करता है

आज की बैठक में पीआर यादव, रवि बनर्जी ,नंद कश्यप ,आनंद मिश्रा ,किशोर शर्मा ,प्रियंका शुक्ला ,अनुज श्रीवास्तव ,राजेश शर्मा ,रामनारायण कुर्मी ,ईश्वर सिंह चंदेल .जगत मिश्रा ,जीआर चंन्द्रा ,नारायण चौधरी ,डा. लाखन सिंह आदि उपस्थित रहे .

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पी आर यादव
अध्यक्ष ट्रेड यूनियन कौंसिल बिलासपुर

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