रायगढ़ में प्रदूषण खतरनाक सीमा को पार कर डेंजर ज़ोन में पहुंचा ,जीवन खतरे में पड़ा.

रायगढ़ में प्रदूषण खतरनाक सीमा को पार कर डेंजर ज़ोन में पहुंचा ,जीवन खतरे में पड़ा.

रायगढ़ में प्रदूषण खतरनाक सीमा को पार कर डेंजर ज़ोन में पहुंचा ,जीवन खतरे में पड़ा.

24.08.2018/ रायगढ 

 

जिला बाचाओ संघर्ष मोर्चा एवं
ट्रेड यूनियन कौंसिल, रायगढ़ छत्तीसगढ़.

पर्यावरण प्रदूषण को लेकर ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए।क्योंकि यह लोगों के जीवन से जुड़ा हुआ विषय है।रायगढ़ में प्रदूषण खतरनाक सीमा को पार कर डेंजर ज़ोन में पहुंच चुका है।जीवन खतरे में पड़ गया है।सम्पूर्ण जीव जगत खतरे में है इसे बचाने के लिये रायगढ़ सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य को प्रदूषण मुक्त राज्य बनाना होगा.

पर्यावरण विदों , चिकित्सकों, वैज्ञानिकों , समाजिक कार्यकर्ताओं,एवं जनसंगठनों का स्पष्ट मानना है कि रायगढ़ में पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण प्लास्टिक ही नहीं है बल्कि कोयले पर आधारित अंधाधुंध उद्योगों की स्थापना और विस्तार करना है।उद्योगों द्वारा एएसपी का ईमानदारी पूर्वक निरंतर चालू न रखना,उद्योगों से निकलने वाले फ्लाई एस की यत्रतत्र मनमानी डंपिंग करना,उद्योगों के अपशिष्ट एवं जहरीले रसायनिकों का जल स्त्रोतों में प्रवाहित होना, पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों का गम्भीरता व ईमानदारी से अनुपालन न करना, और सरकार द्वारा कोई नियंत्रण न होना वरन अनैतिक संरक्षण प्रदान करना है।

पर्यावरण विदों , चिकित्सकों, वैज्ञानिकों , समाजिक कार्यकर्ताओं, जनसंगठनों ,मीडिया, अखबारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा चिन्ताव्यक्त व अनेको आंदोलन किये जाने के बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस ,गंभीर व ईमानदारी पूर्ण कार्यवाही नहीं कि गई ।यहां तक की अभी तक शासन द्वारा प्रदूषण मापक यंत्र तक नहीं लगाया गया है।भाजपा सरकार को शासन करते 14 वर्ष से ज्यादा हो गए। अब सवाल यह उठता है कि सरकार की प्राथमिकता जनता का जीवन बचाना है या उद्योग?

पर्यावरण विदों , चिकित्सकों, वैज्ञानिकों , समाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनसंगठनों का स्पष्ट मानना है कि केवल प्लास्टिक से नही वरन उक्त कारणों से लोगों में श्वांस,हृदय, लिव्हर, चर्म, एवं कैंसर जैसी भयंकर रोगों की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।यदि प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो लोगों का जीवन बहुत खतरे में होगा।अतः जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ मिलकर सरकार को पूरी गंभीरता एवं ईमानदारी के साथ रायगढ़ सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ को प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठोस वृहद कार्य योजना बनाने की जरूरत है।

नेताओं को इस विषय पर ओछी राजनीति करने से बचना चाहिए।अब जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।यदि सरकार ने इस पर अतिशीघ्र कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाती है तो जनता तीव्र आंदोलन के लिए बाध्य हो सकती है जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन व छत्तीसगढ़ सरकार की होगी.

गणेश कछवाहा 

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